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सुहागनगरी की जनता को जलभराव से जल्द मिलेगी निजात
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 10 Dec 2015 07:55 PM IST
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सुहागनगरी की जनता को जल्द ही जलभराव व ओवरफ्लो की समस्या निजात मिलेगी। जलनिगम द्वारा मोहम्मदपुर बिहारीपुर में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसटीपी निर्माण के लिए गुरुवार को नगर विधायक ने जलनिगम अफसरों और नोएडा से आए इंजीनियरों के साथ जमीन का निरीक्षण किया।
शहर की जनता वर्षों से जलभराव एवं ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रही है। बरसात के समय नई आबादी क्षेत्रों में हालात काफी गंभीर हो जाते हैं। जलनिगम द्वारा वर्ष 2008 में सीवर लाइन डालने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जो पूर्ण चुका है। सीवर लाइन कार्य पूर्ण होने के बाद जलनिगम द्वारा एसटीपी का निर्माण कराया जाना था। इसमें पूरे शहर का गंदा पानी एकत्रित कर पानी को ट्रीट कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। नगर विधायक मनीष असीजा ने एसटीपी निर्माण न कराने का मामला विधानसभा में उठाया। उनकी पहल रंग लाई और शासन ने 67 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के आधुनिक तकनीक के एसटीपी निर्माण को कराने का निर्णय लिया। इसके साथ 28 करोड़ की प्रथम किश्त भी जारी कर दी गई। जलनिगम द्वारा एसटीपी निर्माण की जिम्मेदारी नोएडा की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि. को सौंपी गई है। जलनिगम द्वारा मोहम्मदपुर बिहारीपुर में 10 एकड़ भूमि पर एसटीपी निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। गुरुवार को विधायक मनीष असीजा, जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन वीपी सिंह, त्रिवेणी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आसिफ अली, डिजानर केसी अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से जमीन का निरीक्षण कर कार्य प्रारंभ करने की योजना बनाई गई।
84 करोड़ की आएगी लागत
सुहागनगरी को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने को एसटीपी निर्माण में कुल 84 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आधुनिक तकनीक के एसटीपी निर्माण के लिए 28 करोड़ की प्रथम किश्त पूर्व में जारी कर दी गई थी। शासन से 28 करोड़ की दूसरी किश्त भी जलनिगम को प्राप्त हो चुकी है। इसमें 72 करोड़ से एसटीपी का निर्माण होाग। 12 करोड़ रुपये से पांच वर्ष तक आपरेशन व रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। योजना को करीब ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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लापरवाही पर आधा दर्जन अफसर हुए थे सस्पेंड
एसटीपी निर्माण में जलनिगम द्वारा खासी लापरवाही बरती गई। नगर विधायक ने यह मामला विधानसभा में उठाया। मामले की गंभीरता के देखते हुए नगर विकास मंत्री आजम खां ने जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन व जेई सहित आधा दर्जन अफसर सस्पेंड किए थे।
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शहर की जनता वर्षों से जलभराव एवं ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रही है। बरसात के समय नई आबादी क्षेत्रों में हालात काफी गंभीर हो जाते हैं। जलनिगम द्वारा वर्ष 2008 में सीवर लाइन डालने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जो पूर्ण चुका है। सीवर लाइन कार्य पूर्ण होने के बाद जलनिगम द्वारा एसटीपी का निर्माण कराया जाना था। इसमें पूरे शहर का गंदा पानी एकत्रित कर पानी को ट्रीट कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। नगर विधायक मनीष असीजा ने एसटीपी निर्माण न कराने का मामला विधानसभा में उठाया। उनकी पहल रंग लाई और शासन ने 67 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के आधुनिक तकनीक के एसटीपी निर्माण को कराने का निर्णय लिया। इसके साथ 28 करोड़ की प्रथम किश्त भी जारी कर दी गई। जलनिगम द्वारा एसटीपी निर्माण की जिम्मेदारी नोएडा की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि. को सौंपी गई है। जलनिगम द्वारा मोहम्मदपुर बिहारीपुर में 10 एकड़ भूमि पर एसटीपी निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। गुरुवार को विधायक मनीष असीजा, जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन वीपी सिंह, त्रिवेणी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आसिफ अली, डिजानर केसी अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से जमीन का निरीक्षण कर कार्य प्रारंभ करने की योजना बनाई गई।
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84 करोड़ की आएगी लागत
सुहागनगरी को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने को एसटीपी निर्माण में कुल 84 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आधुनिक तकनीक के एसटीपी निर्माण के लिए 28 करोड़ की प्रथम किश्त पूर्व में जारी कर दी गई थी। शासन से 28 करोड़ की दूसरी किश्त भी जलनिगम को प्राप्त हो चुकी है। इसमें 72 करोड़ से एसटीपी का निर्माण होाग। 12 करोड़ रुपये से पांच वर्ष तक आपरेशन व रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। योजना को करीब ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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लापरवाही पर आधा दर्जन अफसर हुए थे सस्पेंड
एसटीपी निर्माण में जलनिगम द्वारा खासी लापरवाही बरती गई। नगर विधायक ने यह मामला विधानसभा में उठाया। मामले की गंभीरता के देखते हुए नगर विकास मंत्री आजम खां ने जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन व जेई सहित आधा दर्जन अफसर सस्पेंड किए थे।