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प्रदूषण के आंकड़े जुटाकर लौटी संयुक्त टीम

Sat, 28 Nov 2015 10:07 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sat, 28 Nov 2015 10:07 PM IST
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सुहाग नगरी में चार स्थानों पर प्रदूषण के आंकड़े जुटाकर एनजीटी की संयुक्त टीम शनिवार को लौट गई। उपकरणों के माध्यम से जुटाए गए आंकड़ों की लैब में जांच की जाएगी। इसके बाद टीम एनजीटी में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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नई दिल्ली की सेफ संस्था द्वारा फीरोजाबाद में 89 इकाइयां के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना संचालित होने के संबंध में एनजीटी में शिकायत दर्ज की गई है। इस संबंध में एनजीटी ने संयुक्त टीम बनाकर फीरोजाबाद में प्रदूषण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी के निर्देश पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के वैज्ञानिक डा. केके गर्ग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक वीके शुक्ला, कमल कुमार, टीटीजेड के प्रतिनिधि ने फीरोजाबाद में दस्तक दी थी। टीम द्वारा मक्खनपुर, शीतल खां, जलेसर रोड स्थित सीडीजीआई व राजा का ताल पर उपकरण लगाए थे। शुक्रवार सुबह आठ बजे से स्थापित किए गए उपकरणों की मानीटरिंग शुरू कर दी गई थी। सबसे पहले टीम ने मक्खनपुर में उपकरणों की कार्य प्रणाली देखी। इसके बाद शीतल खां, सीडीजीआई व राजा का ताल में उपकरणों की मानीटरिंग की। शनिवार को सुबह आठ बजे तक चार स्थानों पर स्थापित उपकरणों में दर्ज आंकड़े जुटाकर टीम लौट गई।
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इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डा. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर आई संयुक्त टीम 24 घंटे तक उपकरणों में दर्ज डाटा जुटाकर लौट गई है। संयुक्त टीम पहले लैब में उपकरणों के माध्यम से दर्ज आंकड़ों का परीक्षण करेगी। इसके बाद ही एनजीटी में विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
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लैब में 2.5 माइक्रोन से बड़े कण की भी होगी जांच
सुहाग नगरी में प्रदूषण की जांच के लिए संयुक्त टीम द्वारा चार स्थानों पर उपकरण स्थापित किए गए। श्वांस के साथ शरीर में जाने वाले सूक्ष्म कणों ( आरएसपीएम) के साथ एसओ-टू व एनओ-टू की जांच के लिए सीडीजीआई व राजा का ताल में जांच को आधुनिक यंत्र लगाए गए। वैज्ञानिकों की मानें तो आरएसपीएम की अन्य मशीनों से 10 माइक्रोन से बड़े कणों की जांच होती है। वहीं आधुनिक मशीनों से 2.5 माइक्रोन से बड़े कणों की जांच लैब में होगी।
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