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पुरुषार्थ करने वाला होता है सफल: ज्ञान सागर
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:35 PM IST
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आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने धर्मसभा की।
रत्नत्रय मंदिर नसिया जी में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति जीवन में पुरुषार्थ करता है, वहीं व्यक्ति जीवन में सफल होता है। धर्म की नींव जिसके जीवन में होती है, वही पाप कार्यों से अपनी सुरक्षा कर पाता है।
उन्होंने कहा कि धर्म आपसे यही कहता है कि न्याय नीति पूर्वक ध्ंाधा करें और गृहस्थ जीवन चलाएं। धन साधु के जीवन में होगा तो वह बर्बाद हो जाएगा। साधु के पास साम्य भाव धन होता है। समता रूपी धन उनके जीवन में रहता है। आचार्यश्री ने कहा कि साधओं के जीवन में कैसे भी क्षण आएं, उन सभी क्षणों में समता भाव रखें। आचार्यश्री ने कहा कि गृहस्थ जीवन में धन चाहिए, ये ठीक है यह धन धर्म के साथ न्याय नीति से कमाया होना चाहिए। श्रावक की भूमिका और श्रमण की भूमिका अलग है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि धर्म आपसे यही कहता है कि न्याय नीति पूर्वक ध्ंाधा करें और गृहस्थ जीवन चलाएं। धन साधु के जीवन में होगा तो वह बर्बाद हो जाएगा। साधु के पास साम्य भाव धन होता है। समता रूपी धन उनके जीवन में रहता है। आचार्यश्री ने कहा कि साधओं के जीवन में कैसे भी क्षण आएं, उन सभी क्षणों में समता भाव रखें। आचार्यश्री ने कहा कि गृहस्थ जीवन में धन चाहिए, ये ठीक है यह धन धर्म के साथ न्याय नीति से कमाया होना चाहिए। श्रावक की भूमिका और श्रमण की भूमिका अलग है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
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