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ई-टेंडरिंग प्रणाली बनी बड़ी मुसीबत
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:13 PM IST
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नगर निगम में ई-टेंडरिंग प्रणाली फेल हो गई
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नगर निगम प्रशासन द्वारा लागू ई-टेंडरिंग प्रणाली ठेकेदारों के लिए मुसीबत बन गई है। सॉफ्टवेयर में तकनीकी कमी के चलते सोमवार को एक भी टेंडर नहीं खरीदा जा सका। टेंडर अपलोड न होने पर ठेकेदारों ने एक्सईएन से मिलकर नाराजगी जताई।
टेंडरों को लेकर आए दिन होने वाली फजीहत से बचने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा ई-टेंडरिंग प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है। बंगलूरू की आईटीआई कंपनी को ई-टेंडरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब तीन महीने कंपनी ने ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन कराने में गुजार दिए और अब ई-टेंडरिंग की बारी आई तो पहले ही दिन ई-टेंडरिंग प्रक्रिया फेल हो गई। विकास कार्यों के लिए नगर निगम द्वारा करोड़ों के टेंडर निकाले गए हैं। यह टेंडर ठेकेदार ई-टेंडरिंग के माध्यम से ही खरीद सकते हैं। टेंडर खरीदने के लिए नगर निगम में सुबह से ठेकेदारों की भीड़ लग गई। इसमें कई सत्ताधारी ठेकेदार भी शामिल थे। ठेकेदार ई-टेंडरिंग के माध्यम से टेंडर खरीदने को घंटों तक मशक्कत करते रहे, लेकिन साफ्टवेयर की तकनीकी खराबी एवं नेट कनेक्टिविटी के चलते सायं तक एक भी टेंडर नहीं खरीदा जा सके। टेंडर अपलोड न होने से ठेकेदारों में आक्रोश भड़क गया। सभी ठेकेदार एकत्रित होकर एक्सईएन एसपी मिश्रा से मिले। एक्सईएन ने कंपनी प्रतिनिधि से बात की लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसी स्थिति में ठेकेदारों ने मैनुअल टेंडर कराने की भी मांग उठाई।
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टेंडरों को लेकर आए दिन होने वाली फजीहत से बचने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा ई-टेंडरिंग प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है। बंगलूरू की आईटीआई कंपनी को ई-टेंडरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब तीन महीने कंपनी ने ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन कराने में गुजार दिए और अब ई-टेंडरिंग की बारी आई तो पहले ही दिन ई-टेंडरिंग प्रक्रिया फेल हो गई। विकास कार्यों के लिए नगर निगम द्वारा करोड़ों के टेंडर निकाले गए हैं। यह टेंडर ठेकेदार ई-टेंडरिंग के माध्यम से ही खरीद सकते हैं। टेंडर खरीदने के लिए नगर निगम में सुबह से ठेकेदारों की भीड़ लग गई। इसमें कई सत्ताधारी ठेकेदार भी शामिल थे। ठेकेदार ई-टेंडरिंग के माध्यम से टेंडर खरीदने को घंटों तक मशक्कत करते रहे, लेकिन साफ्टवेयर की तकनीकी खराबी एवं नेट कनेक्टिविटी के चलते सायं तक एक भी टेंडर नहीं खरीदा जा सके। टेंडर अपलोड न होने से ठेकेदारों में आक्रोश भड़क गया। सभी ठेकेदार एकत्रित होकर एक्सईएन एसपी मिश्रा से मिले। एक्सईएन ने कंपनी प्रतिनिधि से बात की लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसी स्थिति में ठेकेदारों ने मैनुअल टेंडर कराने की भी मांग उठाई।
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