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डिवाइस लगने से खराब हो जाएगी लाखों की भट्ठी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:46 PM IST
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फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : सौरभ
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उद्योग बंधु की बैठक पूर्व उद्यमियों जिला उद्योग केंद्र में जीएम डीआईसी के समक्ष अपनी समस्यायें रखीं, जिसमें इकाइयों में डिवाइस लगवाने, क्षमतावृद्धि इंडस्ट्रियल एरिया में गंदगी व अतिक्रमण सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
जिला उद्योग केंद्र में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए इकाइयों में जिस डिवाइस को लगवाने की बात कही जा रही है। डिवाइस लगाने से लाखों रुपये से बनवाई भट्टी खराब हो जाएगी। कारखाना बंद होने पर भी भट्टी को गर्म करने पर गैस खर्च करनी पड़ती है। उद्यमियों ने अपना सुझाव रखा कि पहले एक-दो इकाइयों में डिवाइस लगवाकर इसके रिजल्ट देख लिए हैं, इससे वास्तव में प्रदूषण कम होता है, अथवा मात्र कोरम पूरा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
उद्यमियों ने क्षमतावृद्धि को लेकर आएदिन होने वाली जांच व नोटिस का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मार्डनाजेशन के तहत इकाइयों में कांच उत्पादन हो रहा है। हमने न गैस की खपत बढ़ाई है और नहीं भट्टी साइज। उतनी ही गैस में यदि अधिक उत्पादन हो रहा है, तो इस पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में गंदगी, अतिक्रमण का मामला भी उठाया।
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उन्होंने कहा कि कारखाने के बाहर गंदगी का स्वयं साफ कराएं, कारखाने के बाहर रखे खोखे हटवाए जाएं। रहना पर चौराहा बनाने का मामला भी उठा। उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि उद्योग हित में समस्याओं के निदान को हरसंभव प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्याओं को बड़े मंच पर उठाया जाएगा। यह सभी मामले उद्योग बंधु की बैठक में भी रखे जाएंगे।
बैठक में उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार, सहायक प्रबंधक आरके पाठक, राजकुमार मित्तल, हनुमान प्रसाद गर्ग, प्रदीप गुप्ता, संजय अग्रवाल, संजय मित्तल मौजूद रहे।
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जिला उद्योग केंद्र में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए इकाइयों में जिस डिवाइस को लगवाने की बात कही जा रही है। डिवाइस लगाने से लाखों रुपये से बनवाई भट्टी खराब हो जाएगी। कारखाना बंद होने पर भी भट्टी को गर्म करने पर गैस खर्च करनी पड़ती है। उद्यमियों ने अपना सुझाव रखा कि पहले एक-दो इकाइयों में डिवाइस लगवाकर इसके रिजल्ट देख लिए हैं, इससे वास्तव में प्रदूषण कम होता है, अथवा मात्र कोरम पूरा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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उद्यमियों ने क्षमतावृद्धि को लेकर आएदिन होने वाली जांच व नोटिस का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मार्डनाजेशन के तहत इकाइयों में कांच उत्पादन हो रहा है। हमने न गैस की खपत बढ़ाई है और नहीं भट्टी साइज। उतनी ही गैस में यदि अधिक उत्पादन हो रहा है, तो इस पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में गंदगी, अतिक्रमण का मामला भी उठाया।
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उन्होंने कहा कि कारखाने के बाहर गंदगी का स्वयं साफ कराएं, कारखाने के बाहर रखे खोखे हटवाए जाएं। रहना पर चौराहा बनाने का मामला भी उठा। उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि उद्योग हित में समस्याओं के निदान को हरसंभव प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्याओं को बड़े मंच पर उठाया जाएगा। यह सभी मामले उद्योग बंधु की बैठक में भी रखे जाएंगे।
बैठक में उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार, सहायक प्रबंधक आरके पाठक, राजकुमार मित्तल, हनुमान प्रसाद गर्ग, प्रदीप गुप्ता, संजय अग्रवाल, संजय मित्तल मौजूद रहे।