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Firozabad News: खंड शिक्षा अधिकारी को कोर्ट ने दी क्लीन चिट
Thu, 02 Apr 2026 12:03 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:03 AM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
- हत्या के मामले में आरोपियों को फर्जी तरीके से किशोर घोषित कराने के षडयंत्र में मिली राहत
फिरोजाबाद। हत्या के मामले में आरोपियों को किशोर दर्शाने के लिए बनाई जाली मार्कशीट, टीसी आदि के मामले में मटसैना थाने 30 मार्च को दर्ज हुई प्राथमिकी में खंड शिक्षा अधिकारी नगर को राहत मिल गई है। बीएसए आशीष पांडेय ने एक आदेश साझा किया है। यह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का है। इसमें स्पष्ट किया है कि फर्जी टीसी के प्रमाणीकरण मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) का दोष सिद्ध नहीं होता है। अदालत ने बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट और पत्रावली का गहनता से अवलोकन करने के बाद बीईओ की भूमिका पर निष्कर्ष निकाला है कि खंड शिक्षा अधिकारी ने टीसी का प्रमाणीकरण विद्यालय के प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर किया था। उक्त टीसी के प्रमाणीकरण में खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र फिरोजाबाद का कोई दोष नहीं पाया गया है। प्रबंधक पर कोर्ट ने माना कि धोखाधड़ी और जालसाजी का मुख्य केंद्र विद्यालय के प्रबंधक थे।
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फिरोजाबाद। हत्या के मामले में आरोपियों को किशोर दर्शाने के लिए बनाई जाली मार्कशीट, टीसी आदि के मामले में मटसैना थाने 30 मार्च को दर्ज हुई प्राथमिकी में खंड शिक्षा अधिकारी नगर को राहत मिल गई है। बीएसए आशीष पांडेय ने एक आदेश साझा किया है। यह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का है। इसमें स्पष्ट किया है कि फर्जी टीसी के प्रमाणीकरण मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) का दोष सिद्ध नहीं होता है। अदालत ने बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट और पत्रावली का गहनता से अवलोकन करने के बाद बीईओ की भूमिका पर निष्कर्ष निकाला है कि खंड शिक्षा अधिकारी ने टीसी का प्रमाणीकरण विद्यालय के प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर किया था। उक्त टीसी के प्रमाणीकरण में खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र फिरोजाबाद का कोई दोष नहीं पाया गया है। प्रबंधक पर कोर्ट ने माना कि धोखाधड़ी और जालसाजी का मुख्य केंद्र विद्यालय के प्रबंधक थे।