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Firozabad News: टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन जारी
Wed, 22 Apr 2026 12:43 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:43 AM IST
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फोटो 7 बाबूराम महाविद्यालय करहल में काली पट्टी बांध टेट अनिवार्यता का विरोध करते शिक्षक। संवाद
करहल। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर टेट अनिवार्यता के विरोध में जनगणना प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों का विरोध जारी है। मंगलवार को बाबूराम महाविद्यालय करहल में जनगणना प्रशिक्षण लेने पहुंचे शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला ऑडिटर अबलेंद्र कुमार ने कहा कि जहां एक ओर सरकार जुलाई माह में टेट परीक्षा कराने जा रही है। वहीं दूसरी ओर गर्मियों की छुट्टियों में शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में व्यस्त कर दिया है। इससे सरकार की मंशा साफ झलक रही है।
बरनाहल ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा कि 20 से 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के अनुभव को नकारते हुए टेट परीक्षा कराना उन सभी शिक्षकों का अपमान है जो लंबे समय से शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं। ब्लॉक कोषाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 केंद्र द्वारा 2010 में लागू किया गया था, जिस आधार पर उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई 2011 से लागू हुआ। पहली बार कानून जिस तारीख से बना उससे पूर्व से लागू कर दिया गया, यह पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय है। इस मौके पर ओसपाल, ब्रजेश यादव, रक्षपाल शाक्य, प्रमोद यादव, प्रदीप शाक्य, आशुतोष प्रताप, बलराम सिंह, राम निवास, गुलशन कुमार, मुकेश कुमार, दिनेश वर्मा आदि शिक्षक शामिल रहे।
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बरनाहल ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा कि 20 से 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के अनुभव को नकारते हुए टेट परीक्षा कराना उन सभी शिक्षकों का अपमान है जो लंबे समय से शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं। ब्लॉक कोषाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 केंद्र द्वारा 2010 में लागू किया गया था, जिस आधार पर उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई 2011 से लागू हुआ। पहली बार कानून जिस तारीख से बना उससे पूर्व से लागू कर दिया गया, यह पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय है। इस मौके पर ओसपाल, ब्रजेश यादव, रक्षपाल शाक्य, प्रमोद यादव, प्रदीप शाक्य, आशुतोष प्रताप, बलराम सिंह, राम निवास, गुलशन कुमार, मुकेश कुमार, दिनेश वर्मा आदि शिक्षक शामिल रहे।
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