फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी के आधार पर शिक्षकों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं अन्य राज्य कर्मियों के महंगाई भत्ता सहित अन्य भत्तों पर रोक लगाए जाने से शिक्षकों में आक्रोश है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर महंगाई भत्ता पर रोक लगाने वाले आदेश को वापस लेने की मांग की है। शैक्षिक महासंघ के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष अबोध कुमार ने बताया कि प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है। देश, प्रदेश में व्याप्त कोरोना महामारी के दृष्टिगत समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने मार्च 2020 में स्वेच्छा से एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री कोविड-केयर फंड में दान किया है। इसके अतिरिक्त सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर भी पीएम केयर फंड, मुख्यमंत्री कोविड- केयर फंड में आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जब शिक्षक और अन्य कर्मी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सरकार की अपेक्षाओं से अधिक सहयोग कर रहे हैं। तब महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों को काटने या बंद करने का औचित्य समझ से परे है । मंडल महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष सोनल शर्मा ने कहा कि उक्त स्थितियों और सरकार के साथ किए गए आर्थिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए मानवीय आधार पर महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्तों को बंद करने का जो आदेश किया गया है , उसे राष्ट्रहित में तत्काल निरस्त करने की प्रदेश नेतृत्व की मांग पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद इकाई ने सहमति प्रदान की है। इस दौरान संरक्षक तनवीर हुसैन, कृपा शंकर मिश्रा, मीडिया प्रभारी शिवकांत पलिया, अरशद जहीर, नरेश बाबू, निष्काम शर्मा, रूपा कुमारी, संयुक्त महामंत्री मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा, कौशलेंद्र सिंह , दीपमाला यादव, अभय सिंह एवं प्रबल प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।