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ये कैसा सिस्टम: शिक्षिका को डीएम से मिलने भी न दिया, इसलिए एबीएसए ने लगाई फटकार; वीडियो हुआ वायरल
Sat, 17 Oct 2026 02:44 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:44 PM IST
सार
फिरोजाबाद के टूंडला में स्कूल के बदहाल रास्ते की समस्या लेकर बच्चों के साथ समाधान दिवस पहुंची प्रधानाध्यापिका को डीएम से मिलने से रोकने और फटकार लगाकर भगाने का आरोप लगा है। शिक्षिका ने कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने की बात कही, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी ने उनके तहसील पहुंचने को नियम विरुद्ध बताया।
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शिक्षिका को डीएम से मिलने भी न दिया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
फिरोजाबाद के टूंडला तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय सवाल खड़े हो गए, जब अपनी मूलभूत समस्याओं की गुहार लगाने पहुंचे स्कूली बच्चों और शिक्षिका को आलाधिकारियों से मिलने देने के बजाय अन्य अधिकारियों ने फटकार लगाकर भगा दिया।
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जिलाधिकारी और डीआईजी के नेतृत्व में चल रहे समाधान दिवस में गांव जरारा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राजेश सिसौदिया विद्यालय के कच्चे और बदहाल मार्ग की समस्या को लेकर दोपहर करीब 12 बजे तहसील पहुंची थीं। उनके साथ स्कूल के बच्चे भी अपनी बात रखने आए थे। तहसील में मौजूद मातहत कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका व बच्चों को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा से मिलने से पहले ही रोक लिया।
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आरोप है कि फरियाद सुनने के बजाय प्रशासनिक अमले ने मामले को दबाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद तहसीलदार देवानंद तिवारी ने बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) ज्योति पाठक को बुलाकर शिक्षिका को जमकर फटकार लगवाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एबीएसए ने शिक्षिका को देख लेने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। इसके बाद तहसील प्रशासन ने बच्चों को आनन-फानन में एक निजी वाहन में बैठाकर वापस स्कूल भिजवा दिया।
बच्चों और शिक्षिका को डीएम तक न पहुंचने देना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षिका राजेश का कहना था कि कई बार विभाग व प्रधान को बच्चों की समस्याओं से अवगत कराया गया, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई तब वह बच्चों को लेकर तहसील पहुंची थी। मामले में बीईओ ज्योति पाठक का कहना है कि शिक्षिका का तहसील पहुंचना नियम विरुद्ध है, कोई समस्या थी तो पहले उन्हें बताया जाना चाहिए था।