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क्राइम हब बनी सुहाग नगरी
Amar Ujala
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:50 PM IST
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क्राइम हब बनी सुहाग नगरी
- फोटो : Amar Ujala
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आठ माह में दुष्कर्म की 31 घटनाएं और 54 हत्याएं
सुहागनगरी में हत्याओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी से अगस्त तक (वर्ष 2016) जिले में हत्या के 54 मुकदमे और 31 मामले दुष्कर्म के दर्ज किए गए हैं।
चर्चित मामले
- नारखी थाना क्षेत्र में 30 जनवरी को बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या। आरोपी ने बालिका के शव को गांव के बाहर बने कुएं में फेंक दिया था। बालिका गांव में आई बरात देखने गई थी।
- सिरसागंज थाना क्षेत्र में 20 फरवरी को किशोरी के साथ दबंगों ने हथियारों के बल पर दुष्कर्म किया। घटना के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के भाई को बंधक बना रखा था।
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-21 फरवरी की सुबह खैरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बछलई निवासी आलोक की आरोपियों ने गांव के समीप ही गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक नेवी में कैप्टन था और छुट्टी लेकर घर आया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मृतक की सैन्य कर्मी बहन ममता ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की। इसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी विजय पाल सिंह को गिरफ्तार जेल भेजा था। जबकि मुख्य आरोपी के बेटे प्रदीप को पुलिस छह माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
- मॉर्निंग वॉक पर पति के साथ गई ममता की आठ जुलाई की सुबह जलेसर रोड स्थित दाऊदयाल डिग्री कालेज के सामने भाड़े के हत्यारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
विधानसभा सत्र में भी कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। जिस सरकार में पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं उस सरकार में कानून व्यवस्था बेहतर कैसे हो सकती है? प्रदेश में सरकार और अपराधियों का गठजोड़ है। प्रदेश की कानून व्यवस्था तभी बेहतर हो सकती है, जब सपा सत्ता से बाहर जाए।
मनीष असीजा, नगर विधायक
सपा सरकार में अपराध करने की छूट है। सपा विधायक अपराध कर रहे हैं। सपा मुखिया और कबीना मंत्री शिवपाल यादव खुद कई बार कह चुके हैं कि सपा के लोग जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं। प्रदेश का हाल यह है कि पचास प्रतिशत अपराध तो लिखे ही नहीं जा रहे हैं।
योगेश प्रताप बघेल, बसपा नेता और पूर्व कोर्डिनेटर
प्रदेश में साढे़ चार मुख्यमंत्री है। सभी का अपना अलग शासन है। अधिकारी सभी के बंटे हैं। अपराधों पर नियंत्रण तो तब हो जब सैफई वालों को आपस में झगड़ा करने से फुर्सत हो। सभी कमीशनखोरी में लगे हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की कानून व्यवस्था तो रामभरोसे ही है।
हरीशंकर तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर पहुंचाया है। हर क्षेत्र में बंपर विकास हुआ है। बार-बार कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा कर विरोधी दल सरकार को बदनाम कर रहे हैं। यह सब सरकार को बदनाम करने का प्रयास है।
अमोल यादव, सपा जिलाध्यक्ष
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सुहागनगरी में हत्याओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी से अगस्त तक (वर्ष 2016) जिले में हत्या के 54 मुकदमे और 31 मामले दुष्कर्म के दर्ज किए गए हैं।
चर्चित मामले
- नारखी थाना क्षेत्र में 30 जनवरी को बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या। आरोपी ने बालिका के शव को गांव के बाहर बने कुएं में फेंक दिया था। बालिका गांव में आई बरात देखने गई थी।
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- सिरसागंज थाना क्षेत्र में 20 फरवरी को किशोरी के साथ दबंगों ने हथियारों के बल पर दुष्कर्म किया। घटना के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के भाई को बंधक बना रखा था।
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-21 फरवरी की सुबह खैरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बछलई निवासी आलोक की आरोपियों ने गांव के समीप ही गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक नेवी में कैप्टन था और छुट्टी लेकर घर आया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मृतक की सैन्य कर्मी बहन ममता ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की। इसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी विजय पाल सिंह को गिरफ्तार जेल भेजा था। जबकि मुख्य आरोपी के बेटे प्रदीप को पुलिस छह माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
- मॉर्निंग वॉक पर पति के साथ गई ममता की आठ जुलाई की सुबह जलेसर रोड स्थित दाऊदयाल डिग्री कालेज के सामने भाड़े के हत्यारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
विधानसभा सत्र में भी कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। जिस सरकार में पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं उस सरकार में कानून व्यवस्था बेहतर कैसे हो सकती है? प्रदेश में सरकार और अपराधियों का गठजोड़ है। प्रदेश की कानून व्यवस्था तभी बेहतर हो सकती है, जब सपा सत्ता से बाहर जाए।
मनीष असीजा, नगर विधायक
सपा सरकार में अपराध करने की छूट है। सपा विधायक अपराध कर रहे हैं। सपा मुखिया और कबीना मंत्री शिवपाल यादव खुद कई बार कह चुके हैं कि सपा के लोग जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं। प्रदेश का हाल यह है कि पचास प्रतिशत अपराध तो लिखे ही नहीं जा रहे हैं।
योगेश प्रताप बघेल, बसपा नेता और पूर्व कोर्डिनेटर
प्रदेश में साढे़ चार मुख्यमंत्री है। सभी का अपना अलग शासन है। अधिकारी सभी के बंटे हैं। अपराधों पर नियंत्रण तो तब हो जब सैफई वालों को आपस में झगड़ा करने से फुर्सत हो। सभी कमीशनखोरी में लगे हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की कानून व्यवस्था तो रामभरोसे ही है।
हरीशंकर तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर पहुंचाया है। हर क्षेत्र में बंपर विकास हुआ है। बार-बार कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा कर विरोधी दल सरकार को बदनाम कर रहे हैं। यह सब सरकार को बदनाम करने का प्रयास है।
अमोल यादव, सपा जिलाध्यक्ष