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15 साल पुरानी कंडम बसों से घर जा रहे थे छात्र-छात्राएं

Wed, 27 Apr 2022 12:08 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:08 AM IST
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Students were going home by 15 year old condom buses
रसूलपुर थाने के सामने हाईवे पर स्कूली बस को सील करने की कार्रवाई करते एआरटीओ राजेश कुमार कर्दम - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। मंगलवार को एआरटीओ प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान 12 स्कूल बसों के चालान किया गया। दो बसों को सीज किया गया। जिन बसों को सीज किया गया, वह 15 साल पुरानी थी।
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एआरटीओ प्रशासन राजेश कुमार कर्दम ने विभागीय कर्मचारियों के साथ सुभाष तिराहा, नगला बरी, जाटवपुरी के साथ मीरा चौराहा पर स्कूल वाहनों की चेकिंग की। एआरटीओ प्रशासन ने 14 बसों को पकड़ लिया। पकड़ी गई 14 बसों में से दो बसें ऐसी थी, जिनकी फिटनेस का समय पूरा हो गया था और 15 साल बाद भी यह बसें बच्चों को स्कूल ला जा रही थीं। जिन 12 बसों का चालान किया गया। उनकी न तो फिटनेस पूरी थी और न ही बीमा था। सीज की गई बसों को राजा का ताल पुलिस चौकी पर खड़ा करा दिया गया है।
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एआरटीओ प्रशासन राजेश कर्दम ने बताया कि बसों को चेक करने के लिए वह स्कूल कैंपस में भी पहुंचे। जांच से बचने के लिए स्कूल संचालकों ने बसों को स्कूलों से हटाकर अन्य स्थानों पर खड़ा करा दिया। स्कूल परिसर में बसें न मिलने पर सड़क पर चेकिंग अभियान चलाया गया था।
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फिरोजाबाद। स्कूल वाहन स्वामी मानकों की अनदेखी कर रहे है। प्राइवेट वाहनों से छात्र-छात्राओं को ले जाया जा रहा है। प्राइवेट वाहन स्वामियों के खिलाफ विभागीय अफसर कार्रवाई करते दिखाई नहीं देते।
शहर की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं में जहां स्कूल के नाम करीब 1007 बसों का रजिस्ट्रेशन है। वहीं इन बसों के अतिरिक्त स्कूल संचालक कार, ऑटो और अन्य वाहनों से बच्चों को स्कूल बुलाने का काम कर रहे है। जिन प्राइवेट वाहनों से बच्चों को स्कूल लाया ले जाया जाता है। जबकि नियमानुसार निजी वाहनों का स्कूल संचालक बच्चों के लिए प्रयोग नहीं कर सकते।
प्राइवेट वाहनों का प्रयोग सबसे अधिक मोहल्लों में संचालित स्कूल संचालकों द्वारा किया जा रहा है। एआरटीओ प्रशासन राजेश कर्दम का कहना है कि यदि किसी प्राइवेट वाहन में स्कूली बच्चे मिलते हैं तो उसको सीज करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय अफसरों की माने तो स्कूल संचालक निजी वाहनों का प्रयोग केवल स्टाफ को लाने ले जाने के लिए कर सकते है। प्राइवेट वाहन में छात्र छात्राओं को लाने ले जाने कानूनी अपराध है। यदि इस तरह का कोई वाहन मिलता है तो उसको सीज करने के साथ ही स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
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