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बर्निंग ट्रेन बनने से बची नई दिल्ली-दरभंगा गाड़ी: AC कोच से उठी चिंगारी, 4 घंटे खड़ी रही; यात्रियों का हंगामा
Sat, 27 Jun 2026 09:53 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 27 Jun 2026 09:53 PM IST
सार
कोच के पहियों से चिंगारी उठने की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम (टीएक्सआर) ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी हॉट एक्सल की समस्या को ठीक नहीं किया जा सका। आखिरकार शाम 6:30 बजे उस कोच को ट्रेन से अलग करने का फैसला लिया गया।
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ट्रेन के एसी कोच से उठी चिंगारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नई दिल्ली से दरभंगा जा रही नॉन-स्टॉप स्पेशल ट्रेन (02570) के एक एसी कोच में शनिवार शाम हॉट एक्सल (पहियों से ब्रेक चिपकने) से खलबली मच गई। गनीमत रही कि रेलवे की ऑटोमेटिक प्रणाली ने समय रहते इस तकनीकी खराबी को पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। चक्के जाम होने के कारण कोच से चिंगारियां निकल रही थीं। गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को टूंडला स्टेशन पर रोका गया और प्रभावित कोच को काटकर अलग किया गया। यात्रियों को दूसरे डिब्बों में शिफ्ट करने के बाद ट्रेन को करीब चार घंटे की देरी से रवाना किया जा सके।
शनिवार शाम करीब 5:30 बजे जैसे ही नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन मितावली स्टेशन से गुजरी, तभी रेल लाइन में लगे ऑटोमेटिक सेंसर (हॉट बॉक्स डिटेक्टर) ने ट्रेन के एसी कोच संख्या एम-4 के पहियों में अत्यधिक तापमान और चिंगारियां उठने की सटीक रीडिंग दर्ज की। कंट्रोल रूम को इसकी तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद नॉन-स्टॉप दौड़ रही इस ट्रेन को आपातकालीन स्थिति में टूंडला स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर रोक दिया गया। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम (टीएक्सआर) ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी हॉट एक्सल की समस्या को ठीक नहीं किया जा सका। आखिरकार शाम 6:30 बजे उस कोच को ट्रेन से अलग करने का फैसला लिया गया।
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शनिवार शाम करीब 5:30 बजे जैसे ही नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन मितावली स्टेशन से गुजरी, तभी रेल लाइन में लगे ऑटोमेटिक सेंसर (हॉट बॉक्स डिटेक्टर) ने ट्रेन के एसी कोच संख्या एम-4 के पहियों में अत्यधिक तापमान और चिंगारियां उठने की सटीक रीडिंग दर्ज की। कंट्रोल रूम को इसकी तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद नॉन-स्टॉप दौड़ रही इस ट्रेन को आपातकालीन स्थिति में टूंडला स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर रोक दिया गया। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम (टीएक्सआर) ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी हॉट एक्सल की समस्या को ठीक नहीं किया जा सका। आखिरकार शाम 6:30 बजे उस कोच को ट्रेन से अलग करने का फैसला लिया गया।
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राजधानी एक्सप्रेस जैसी वीआईपी ट्रेनों का बदला गया मार्ग
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर प्रभावित ट्रेन के खड़े होने और कोच अलग करने की प्रक्रिया के चलते दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग प्रभावित हुआ। इस दौरान पीछे से आ रही नई दिल्ली-कानपुर रूट की कई नॉन-स्टॉप राजधानी एक्सप्रेस और अन्य वीआईपी ट्रेनों को कड़े सुरक्षा घेरे में बेहद धीमी गति से प्लेटफॉर्म संख्या छह से गुजारा गया। अन्य डिब्बों को वापस ट्रेन से जोड़ने की प्रक्रिया के बाद, रात्रि करीब 8:30 बजे दरभंगा स्पेशल को टूंडला से रवाना किया गया, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
यात्रियों का हंगामा, कानपुर में दूसरा कोच लगाने के आश्वासन पर माने
एसी कोच एम-4 को ट्रेन से अलग किए जाने के बाद रेल प्रशासन ने उसमें सवार यात्रियों को ट्रेन के दूसरे कोचों में ही बैठने के लिए कहा। इस पर यात्रियों ने सुरक्षा और सीटों की कमी का हवाला देते हुए कड़ा विरोध जताया और टूंडला में ही दूसरा विकल्प देने की मांग की। मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने यात्रियों को काफी समझाया और अस्थाई तौर पर दूसरे डिब्बों में जगह दिलाई। अधिकारियों ने यात्रियों को लिखित आश्वासन दिया कि कानपुर स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन में इस कोच की जगह दूसरा नया एसी कोच जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद ही यात्री शांत हुए।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर प्रभावित ट्रेन के खड़े होने और कोच अलग करने की प्रक्रिया के चलते दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग प्रभावित हुआ। इस दौरान पीछे से आ रही नई दिल्ली-कानपुर रूट की कई नॉन-स्टॉप राजधानी एक्सप्रेस और अन्य वीआईपी ट्रेनों को कड़े सुरक्षा घेरे में बेहद धीमी गति से प्लेटफॉर्म संख्या छह से गुजारा गया। अन्य डिब्बों को वापस ट्रेन से जोड़ने की प्रक्रिया के बाद, रात्रि करीब 8:30 बजे दरभंगा स्पेशल को टूंडला से रवाना किया गया, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
यात्रियों का हंगामा, कानपुर में दूसरा कोच लगाने के आश्वासन पर माने
एसी कोच एम-4 को ट्रेन से अलग किए जाने के बाद रेल प्रशासन ने उसमें सवार यात्रियों को ट्रेन के दूसरे कोचों में ही बैठने के लिए कहा। इस पर यात्रियों ने सुरक्षा और सीटों की कमी का हवाला देते हुए कड़ा विरोध जताया और टूंडला में ही दूसरा विकल्प देने की मांग की। मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने यात्रियों को काफी समझाया और अस्थाई तौर पर दूसरे डिब्बों में जगह दिलाई। अधिकारियों ने यात्रियों को लिखित आश्वासन दिया कि कानपुर स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन में इस कोच की जगह दूसरा नया एसी कोच जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद ही यात्री शांत हुए।