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यहां तो बिन पानी सब सून
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:22 PM IST
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चिश्तीनगर मोहम्मदी मस्जिद के पास पाइप से रिश्ते पानी से बर्तनों में भरता नागरिक।
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शहर की नई आबादी में कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां जनता की प्यास बुझाने के लिए नगर निगम कोई इंतजाम नहीं कर सका। यहां हजारों की आबादी के लिए न कोई पानी की टंकी है, नलकूप है। गली-मोहल्लों में पाइप लाइन तक नहीं पड़ी हैं। लोगों निजी सबमर्सिबल से पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
शहर की नई आबादी के क्षेत्र में पेयजल का घोर संकट है। वर्षों के बाद भी चिश्ती नगर, बिलाल नगर, नूर नगर, कश्मीरी गेट, साठ फुटा, नारायन नगर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां नगर निगम द्वारा जनता की प्यास बुझाने को आजतक कोई इंतजाम नहीं किए गए। अमर उजाला टीम को नई आबादी के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पानी का कोई इंतजाम नहीं है। लोगों का कहना था कि उन्हें रहते हुए 15-20 साल हो गए लेकिन अभी तक पानी का कोई इंतजाम नहीं हो सका। लोग 300 से 400 प्रतिमाह खर्च कर पानी खरीद कर पी रहे हैं। नगर निगम में कोई अधिकारी नहीं सुनता।
बाक्स--
साठ फुटा रोड पर चार से बंद पड़ी है टीटीएससी
नगला बरी क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट के समाधान के लिए जलनिगम द्वारा नगला बरी साठ फुटा रोड पर लगवाई गई टीटीएसपी पिछले चार साल से बंद पड़ी है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि टीटीएसपी को भरने के लिए लगी मोटर भी खराब पड़ी है। यहां पूरे क्षेत्र में पानी का कोई इंतजाम नहीं है।
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बोली जनता
चिश्ती नगर निवासी मोहम्मद असलम ने बताया कि गलियों में वर्षों से पानी नहीं पहुंचता है। मजबूरी में हम लोगों को नलकूप से पानी भरकर लाना पड़ता है। नलकूप भी आएदिन खराब हो जाता है। तब समस्या गंभीर हो जाती है। नूरनगर निवासी रजा अला ने बताया कि पूरे क्षेत्र में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। हम लोग प्राइवेट सबमर्सिबल से पानी खरीद कर पीते हैं। कश्मीरी गेट निवासी आशिया का कहना है कि हमें यहां रहते हुए 15-20 साल हो गए। नगर निगम द्वारा यहां पाइप लाइन तक नहीं डलवाई गई। पूरे क्षेत्र में कोई नलकूप भी नहीं लगा है। शबीना का कहना है कि वर्षों के बाद भी यहां पानी का कोई इंतजाम नहीं है। प्राइवेट सबमर्सिबल से 200-300 रुपये प्रतिमाह खरीद कर पानी पी रहे हैं।
कोट
नई आबादी के क्षेत्रों में नलकूप लगाने के लिए पर्याप्त जगह न मिलने के कारण समस्या आ रही है। कश्मीरी गेट सहित अन्य क्षेत्रों में काफी प्रयास के बाद भी जगह नहीं मिली है। क्षेत्रों में टैंकरों में माध्यम से पेयजल आपूर्ति कराई जाएगी। हैंडपंप रीबोर कराए जा रहे हैं। जेड़ाझाल परियोजना में भी यह क्षेत्र शामिल है। जेड़ाझाल चालू होने के बाद पूरे क्षेत्र को पर्यापत पानी मिलेगा।
पी.के. सिंह
अवर अभियंता-जलकल विभाग
शहर की नई आबादी के क्षेत्र में पेयजल का घोर संकट है। वर्षों के बाद भी चिश्ती नगर, बिलाल नगर, नूर नगर, कश्मीरी गेट, साठ फुटा, नारायन नगर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां नगर निगम द्वारा जनता की प्यास बुझाने को आजतक कोई इंतजाम नहीं किए गए। अमर उजाला टीम को नई आबादी के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पानी का कोई इंतजाम नहीं है। लोगों का कहना था कि उन्हें रहते हुए 15-20 साल हो गए लेकिन अभी तक पानी का कोई इंतजाम नहीं हो सका। लोग 300 से 400 प्रतिमाह खर्च कर पानी खरीद कर पी रहे हैं। नगर निगम में कोई अधिकारी नहीं सुनता।
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बाक्स--
साठ फुटा रोड पर चार से बंद पड़ी है टीटीएससी
नगला बरी क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट के समाधान के लिए जलनिगम द्वारा नगला बरी साठ फुटा रोड पर लगवाई गई टीटीएसपी पिछले चार साल से बंद पड़ी है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि टीटीएसपी को भरने के लिए लगी मोटर भी खराब पड़ी है। यहां पूरे क्षेत्र में पानी का कोई इंतजाम नहीं है।
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बोली जनता
चिश्ती नगर निवासी मोहम्मद असलम ने बताया कि गलियों में वर्षों से पानी नहीं पहुंचता है। मजबूरी में हम लोगों को नलकूप से पानी भरकर लाना पड़ता है। नलकूप भी आएदिन खराब हो जाता है। तब समस्या गंभीर हो जाती है। नूरनगर निवासी रजा अला ने बताया कि पूरे क्षेत्र में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। हम लोग प्राइवेट सबमर्सिबल से पानी खरीद कर पीते हैं। कश्मीरी गेट निवासी आशिया का कहना है कि हमें यहां रहते हुए 15-20 साल हो गए। नगर निगम द्वारा यहां पाइप लाइन तक नहीं डलवाई गई। पूरे क्षेत्र में कोई नलकूप भी नहीं लगा है। शबीना का कहना है कि वर्षों के बाद भी यहां पानी का कोई इंतजाम नहीं है। प्राइवेट सबमर्सिबल से 200-300 रुपये प्रतिमाह खरीद कर पानी पी रहे हैं।
कोट
नई आबादी के क्षेत्रों में नलकूप लगाने के लिए पर्याप्त जगह न मिलने के कारण समस्या आ रही है। कश्मीरी गेट सहित अन्य क्षेत्रों में काफी प्रयास के बाद भी जगह नहीं मिली है। क्षेत्रों में टैंकरों में माध्यम से पेयजल आपूर्ति कराई जाएगी। हैंडपंप रीबोर कराए जा रहे हैं। जेड़ाझाल परियोजना में भी यह क्षेत्र शामिल है। जेड़ाझाल चालू होने के बाद पूरे क्षेत्र को पर्यापत पानी मिलेगा।
पी.के. सिंह
अवर अभियंता-जलकल विभाग