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बगैर परीक्षा के रिजल्ट बना तनाव का कारण
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फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड ने बिना परीक्षा के घोषित किया रिजल्ट कई विद्यार्थियों के लिए तनाव का कारण बन गया है। जिले में करीब एक हजार विद्यार्थी ऐसे हैं, रिजल्ट में कई विसंगतियां आई हैं। कई परीक्षार्थियों के रिजल्ट पर अंक नहीं चढ़ाए हैं। सिर्फ प्रमोट लिख दिया है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो गए हैं। राजकीय कॉलेजों का सबसे बुरा हाल रहा है। विद्यालय में सिर्फ एक या दो ही विद्यार्थी उत्तीर्ण किए गए हैं। इस समस्या को स्कूल संचालक बोर्ड को अवगत करा रहे हैं। प्राइवेट विद्यार्थियों का रिजल्ट भी अपूर्ण दिखाया है।
इस बार विद्यार्थियों के पास करने का आधार कक्षा नौ व 11 की वार्षिक व अर्द्धवार्षिक परीक्षा और हाई स्कूल व इंटर की प्री बोर्ड की परीक्षा बना है। इन सभी के नंबर बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड कराए थे। उसी के आधार पर परीक्षा फल तैयार किया गया। मगर विद्यालयों की ओर से वेबसाइट पर नंबर अपलोड होने के बावजूद विद्यार्थियों के अंक पत्रों पर उनका अंकन नहीं किया गया हैं और उनको प्रोन्नत कर दिया गया है। राजकीय हाईस्कूल सोथरा में कक्षा दसवीं में सिर्फ एक ही विद्यार्थी उत्तीर्ण हुआ है। शेष विद्यार्थियों गणित में फेल हो गए हैं। कई विद्यार्थी प्रमोट किए गए हैं। थ्योरी के अंक नहीं आए हैं। इसी तरह राजकीय विद्यालय नगला खेड़ा में सिर्फ एक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुआ है। शेष विद्यार्थियों को सामाजिक विद्यालय में फेल कर दिया है। राजकीय स्कूल नसीरपुर, करहरा और बसई मोहम्मदपुर में भी यही हाल है। रिजल्ट में खामी के कारण विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं।
जो बनाया मानक, उस हिसाब से नहीं दिए अंक
बोर्ड ने जो मानक तैयार किया था। उस हिसाब से शिक्षकों ने अंकों को वेबसाइट पर अपलोड किया था। शिक्षकों का कहना है कि अपलोड के अनुुसार अंक नहीं आए हैं। इससे विद्यार्थियों के अंक कम रह गए हैं।
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कई स्कूलों में यह समस्या सामने आई हैं। बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों का डाटा मांगा है। हमने स्कूल प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया है। यह समस्याओं का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
बालमुकुंद प्रसाद, डीआईओएस
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इस बार विद्यार्थियों के पास करने का आधार कक्षा नौ व 11 की वार्षिक व अर्द्धवार्षिक परीक्षा और हाई स्कूल व इंटर की प्री बोर्ड की परीक्षा बना है। इन सभी के नंबर बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड कराए थे। उसी के आधार पर परीक्षा फल तैयार किया गया। मगर विद्यालयों की ओर से वेबसाइट पर नंबर अपलोड होने के बावजूद विद्यार्थियों के अंक पत्रों पर उनका अंकन नहीं किया गया हैं और उनको प्रोन्नत कर दिया गया है। राजकीय हाईस्कूल सोथरा में कक्षा दसवीं में सिर्फ एक ही विद्यार्थी उत्तीर्ण हुआ है। शेष विद्यार्थियों गणित में फेल हो गए हैं। कई विद्यार्थी प्रमोट किए गए हैं। थ्योरी के अंक नहीं आए हैं। इसी तरह राजकीय विद्यालय नगला खेड़ा में सिर्फ एक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुआ है। शेष विद्यार्थियों को सामाजिक विद्यालय में फेल कर दिया है। राजकीय स्कूल नसीरपुर, करहरा और बसई मोहम्मदपुर में भी यही हाल है। रिजल्ट में खामी के कारण विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं।
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जो बनाया मानक, उस हिसाब से नहीं दिए अंक
बोर्ड ने जो मानक तैयार किया था। उस हिसाब से शिक्षकों ने अंकों को वेबसाइट पर अपलोड किया था। शिक्षकों का कहना है कि अपलोड के अनुुसार अंक नहीं आए हैं। इससे विद्यार्थियों के अंक कम रह गए हैं।
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कई स्कूलों में यह समस्या सामने आई हैं। बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों का डाटा मांगा है। हमने स्कूल प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया है। यह समस्याओं का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
बालमुकुंद प्रसाद, डीआईओएस