{"_id":"671a9d396f45c8d2580931e5","slug":"rape-convict-gets-14-years-imprisonment-firozabad-news-c-169-1-sagr1021-135962-2024-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष का कारावास
Fri, 25 Oct 2024 12:47 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 25 Oct 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो न्यायालय कोर्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने 5 वर्ष पुराने मामले में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष का कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश पारित किया है। मामला थाना नारखी क्षेत्र का 4 मई 2019 का है। वादिया की नाबालिग पुत्री अपने घर के बरामदे में सो रही थी। रात में उसके मोहल्ले का ही अजय उर्फ जय ने आया और किशोरी को बहला फुसला उठाकर अपने कमरे में ले गया। पीड़िता की मां की जब आंख खुली तो चारपाई पर अपनी पुत्री को नहीं पाया और जानकारी करने पर लोगों ने दोषी के साथ जाना बताया। दोषी के घर जाकर देखा तो वह किशोरी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। जिसे आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। पुलिस थाने ले गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की।
पुलिस ने विवेचना उपरांत दोषी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कार्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में चला। न्यायालय ने दोषी पर आरोप लगाया। जिसने आरोप से इन्कार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। न्यायालय में सात गवाहों ने बयान दिए।
न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद अजय उर्फ जय को दोषी पाते हुए 14 वर्ष का कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना उपरांत दोषी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कार्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में चला। न्यायालय ने दोषी पर आरोप लगाया। जिसने आरोप से इन्कार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। न्यायालय में सात गवाहों ने बयान दिए।
विज्ञापन
न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद अजय उर्फ जय को दोषी पाते हुए 14 वर्ष का कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन