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दो भागों में बंटी रांची नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 12 Mar 2015 10:00 PM IST
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कानपुर रेलखंड पर शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के निकट बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। ट्रैक पर दौड़ती रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का इंजन कपलर खुलने से बोगियाें से अलग हो गया और करीब एक किलोमीटर आगे निकल गया। ट्रेन के झटके लेकर रुकने पर यात्रियों के होश उड़ गए। तुरंत रेल चालक को अवगत कराकर इंजन को वापस ट्रेन तक ले जाया गया। तब करीब सवा घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
रांची से चलकर नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस गुरुवार सुबह 8.26 बजे करीब अपनी निर्धारित गति से इटावा-टूंडला रेलखंड के मध्य शिकोहाबाद के स्टेशन के निकट दौड़ रही थी। तभी अचानक इंजन और बोगियों के बीच लगा कपलर खुल गया। इसके चलते रेल इंजन बोगियों को पीछे छोड़ आगे निकल गया। वहीं ट्रेन झटके लगने के साथ शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर रुक गई। चालक को इसकी जानकारी होती तब तक इंजन एक किलोमीटर आगे निकल गया। यात्रियों में भी घटना से हड़कंप मच गया। तुरंत ही मुख्य नियंत्रण कक्ष टूंडला को घटना से अवगत कराया गया। इससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। नियंत्रण कक्ष के आदेश पर तत्काल पीछे आ रही अन्य ट्रेनों को रोक दिया गया। साथ ही मौके पर संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भेजा गया। करीब 45 मिनट बाद इंजन को वापस लाकर कपलर को सही कर जोड़ा गया इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इससे हाबड़ा राजधानी सहित अन्य राजधानियां, गोमती एक्सप्रेस एवं गुड्स ट्रेनों सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित रहीं।
ट्रेनों के मेंटीनेंस पर उठा सवाल
रेलमंत्री ने अपने बजट भाषण में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल मेंटीनेंस पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। बावजूद इसके अति महत्वपूर्ण ट्रेन में इस तरह की घटना होने से सवाल उठ खडे़ हुए हैं। घटना में रेलवे के अधिकारियों एवं विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। प्रत्येक स्टोपेज पर संबंधित विभाग ट्रेनों की जांच करते हैं। कानपुर स्टेशन पर इसकी जांच हुई होगी, फिर भी घटना हो गई।
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.....तो हो सकता था बड़ा हादसा
टूंडला। रेलअधिकारियों की मानें तो घटना के दौरान शिकोहाबाद रेल क्रासिंग पर काशन था। इसके चलते ट्रेन की स्पीड कम थी। ट्रेन की निर्धारित गति होने पर ट्रेन पार्ट के दौरान बोगियां पटरी से उतर सकतीं थीं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि ट्रैक क्रासिंग पर पहुंचने से पहले ही राजधानी रुक गई और गंभीर हादसा टल गया।
अमूमन ट्रेनपार्ट की घटनाओं में दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम होती है। कहां लापरवाही हुई है इसकी यांत्रिकी विभाग से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नवीन बाबू, सीपीआरओ, उमरे इलाहाबाद
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रांची से चलकर नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस गुरुवार सुबह 8.26 बजे करीब अपनी निर्धारित गति से इटावा-टूंडला रेलखंड के मध्य शिकोहाबाद के स्टेशन के निकट दौड़ रही थी। तभी अचानक इंजन और बोगियों के बीच लगा कपलर खुल गया। इसके चलते रेल इंजन बोगियों को पीछे छोड़ आगे निकल गया। वहीं ट्रेन झटके लगने के साथ शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर रुक गई। चालक को इसकी जानकारी होती तब तक इंजन एक किलोमीटर आगे निकल गया। यात्रियों में भी घटना से हड़कंप मच गया। तुरंत ही मुख्य नियंत्रण कक्ष टूंडला को घटना से अवगत कराया गया। इससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। नियंत्रण कक्ष के आदेश पर तत्काल पीछे आ रही अन्य ट्रेनों को रोक दिया गया। साथ ही मौके पर संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भेजा गया। करीब 45 मिनट बाद इंजन को वापस लाकर कपलर को सही कर जोड़ा गया इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इससे हाबड़ा राजधानी सहित अन्य राजधानियां, गोमती एक्सप्रेस एवं गुड्स ट्रेनों सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित रहीं।
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ट्रेनों के मेंटीनेंस पर उठा सवाल
रेलमंत्री ने अपने बजट भाषण में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल मेंटीनेंस पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। बावजूद इसके अति महत्वपूर्ण ट्रेन में इस तरह की घटना होने से सवाल उठ खडे़ हुए हैं। घटना में रेलवे के अधिकारियों एवं विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। प्रत्येक स्टोपेज पर संबंधित विभाग ट्रेनों की जांच करते हैं। कानपुर स्टेशन पर इसकी जांच हुई होगी, फिर भी घटना हो गई।
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.....तो हो सकता था बड़ा हादसा
टूंडला। रेलअधिकारियों की मानें तो घटना के दौरान शिकोहाबाद रेल क्रासिंग पर काशन था। इसके चलते ट्रेन की स्पीड कम थी। ट्रेन की निर्धारित गति होने पर ट्रेन पार्ट के दौरान बोगियां पटरी से उतर सकतीं थीं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि ट्रैक क्रासिंग पर पहुंचने से पहले ही राजधानी रुक गई और गंभीर हादसा टल गया।
अमूमन ट्रेनपार्ट की घटनाओं में दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम होती है। कहां लापरवाही हुई है इसकी यांत्रिकी विभाग से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नवीन बाबू, सीपीआरओ, उमरे इलाहाबाद