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Firozabad News: दिल्ली में रह रहे रामबाबू, फिरोजाबाद में बना रहे मिट्टी के बर्तन
Thu, 04 Apr 2024 12:21 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 04 Apr 2024 12:21 AM IST
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फिरोजाबाद। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए लोग अलग अलग तरीके से फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। ऑनलाइन पंजीकरण करने के बाद पहले चरण के स्थलीय सत्यापन में अब आवेदकों की पोल खुल रही हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो 51 अपात्र लोगों ने दस्तावेजों में हेरफेर कर लाभ लेने की कोशिश की है। उद्योग विभाग की माने तो स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार अपात्रता श्रेणी वाले लोगों के पंजीकरण पोर्टल से हटाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत करीब 9000 कामगारों ने उद्योग विभाग के पोर्टल पर अपने ऑनलाइन आवेदन कराए हैं। योजना के तहत 18 अलग-अलग ट्रेड में ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले सभी कामगारों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।उद्योग विभाग ने स्थलीय सत्यापन के लिए करीब 3678 कामगारों की सूची निकाय व ब्लॉकों को भेजी थी। बीते एक सप्ताह पूर्व शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग निकायों करीब में करीब 51 आवेदक अपात्र मिले हैं। सत्यापन टीम में शामिल सर्वेयरों की माने तो फिरोजाबाद,शिकोहाबाद,मक्खनपुर और फरिहा क्षेत्र में रहने वाले उक्त आवेदकों में से कई दिल्ली अथवा अन्य महानगरों में काम कर रहे हैं। जबकि कई आवेदक असल काम की जगह दूसरे अन्य काम में संलग्न होने की बात सामने आई।
केस एक
शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र मक्खनपुर कस्बा निवासी रामबाबू प्रजापति ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत नि:शुल्क किट पाने को कुंम्भकार ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।जबकि रामबाबू बीते तीन साल से दिल्ली में केटरिंग का काम रहे हैं। स्थलीय सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ।
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केस दो
फिरोजाबाद तहसील क्षेत्रांर्गत लालऊ निवासी श्रीलता गृहणी हैं। श्रीलता ने दर्जी ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।लेकिन सत्यापन के दौरान श्रीलता सर्वेयर सवालों का जवाब नहीं दे पाईं।
केस तीन
गुड्डू निवासी हसमत नगर ने हेयर ड्रेसर का काम करना ऑनलाइन पंजीकरण में दर्शाया। मौके पर पता चला कि गुड्डू पुत्र मेहताब कई साल से निर्माण श्रमिक है। काफी तलाश के बाद गुड्डू सैलई स्थित किराए के मकान में मिला। उसने स्वीकार किया कि वे निर्माण श्रमिक है।
केस चार
- नरेश कुमार निवासी बरतरा तहसील जसराना का भी पंजीकरण निरस्त होना तय है। नरेश मूल रूप से हार्डवेयर की दुकान पर काम करता है। लेकिन उसने डाई मेकिंग ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।
इन ट्रेड में कामगारों को मिलती है निशुल्क किट
दर्जी, ब्यूटीशियन, कुंभकार, डाई मेकिंग, नाई, टोकरी बुनकर, नाव, मछली का जाल, टेडी बियर, राजमिस्त्री आदि कुल 18 ट्रेडों में काम करने वालों को निशुल्क किट एवं साप्ताहिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना के पात्रों के चयन को तीन स्तर पर सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन ब्लॉक एवं निकाय के अलावा तहसील कर्मियों के जरिए कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अपात्रों के नाम पोर्टल से हटाए जाएंगे। - दुष्यंत कुमार, उपायुक्त उद्योग
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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत करीब 9000 कामगारों ने उद्योग विभाग के पोर्टल पर अपने ऑनलाइन आवेदन कराए हैं। योजना के तहत 18 अलग-अलग ट्रेड में ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले सभी कामगारों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।उद्योग विभाग ने स्थलीय सत्यापन के लिए करीब 3678 कामगारों की सूची निकाय व ब्लॉकों को भेजी थी। बीते एक सप्ताह पूर्व शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग निकायों करीब में करीब 51 आवेदक अपात्र मिले हैं। सत्यापन टीम में शामिल सर्वेयरों की माने तो फिरोजाबाद,शिकोहाबाद,मक्खनपुर और फरिहा क्षेत्र में रहने वाले उक्त आवेदकों में से कई दिल्ली अथवा अन्य महानगरों में काम कर रहे हैं। जबकि कई आवेदक असल काम की जगह दूसरे अन्य काम में संलग्न होने की बात सामने आई।
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केस एक
शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र मक्खनपुर कस्बा निवासी रामबाबू प्रजापति ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत नि:शुल्क किट पाने को कुंम्भकार ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।जबकि रामबाबू बीते तीन साल से दिल्ली में केटरिंग का काम रहे हैं। स्थलीय सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ।
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केस दो
फिरोजाबाद तहसील क्षेत्रांर्गत लालऊ निवासी श्रीलता गृहणी हैं। श्रीलता ने दर्जी ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।लेकिन सत्यापन के दौरान श्रीलता सर्वेयर सवालों का जवाब नहीं दे पाईं।
केस तीन
गुड्डू निवासी हसमत नगर ने हेयर ड्रेसर का काम करना ऑनलाइन पंजीकरण में दर्शाया। मौके पर पता चला कि गुड्डू पुत्र मेहताब कई साल से निर्माण श्रमिक है। काफी तलाश के बाद गुड्डू सैलई स्थित किराए के मकान में मिला। उसने स्वीकार किया कि वे निर्माण श्रमिक है।
केस चार
- नरेश कुमार निवासी बरतरा तहसील जसराना का भी पंजीकरण निरस्त होना तय है। नरेश मूल रूप से हार्डवेयर की दुकान पर काम करता है। लेकिन उसने डाई मेकिंग ट्रेड में ऑनलाइन आवेदन किया है।
इन ट्रेड में कामगारों को मिलती है निशुल्क किट
दर्जी, ब्यूटीशियन, कुंभकार, डाई मेकिंग, नाई, टोकरी बुनकर, नाव, मछली का जाल, टेडी बियर, राजमिस्त्री आदि कुल 18 ट्रेडों में काम करने वालों को निशुल्क किट एवं साप्ताहिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना के पात्रों के चयन को तीन स्तर पर सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन ब्लॉक एवं निकाय के अलावा तहसील कर्मियों के जरिए कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अपात्रों के नाम पोर्टल से हटाए जाएंगे। - दुष्यंत कुमार, उपायुक्त उद्योग