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राम के 31 वाणों से धराशायी हुआ ऊंचा रावण
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 12 Oct 2016 01:10 AM IST
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रावण् दहन
- फोटो : अमर उजाला
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अहंकारी रावण का अंत देखने मंगलवार को रामलीला मैदान में भीड़ का सैलाब उमड़ा। आपार भीड़ थी। बीच मैदान में दशानन का पुतला रखा गया था। पुतला दहन के साथ भगवान राम के जयकारों से मेला परिसर गूंज उठा। देव स्वरूपों ने पुष्प वर्षा की। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी छा गई।
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में लीला का मंचन किया गया। ग्रामीण अंचल से भी भारी भीड़ उमड़ी थी। साप्ताहिक बंदी का दिन होने के कारण दुकानदार परिवार के साथ पहुंचे। भगवान राम, लक्ष्मण एवं हनुमानजी के डोले जैसे ही रामलीला प्रांगण पहुंचे आरती के साथ लीलाओं का मंचन प्रारंभ हो गया। समूचा मैदान तो भीड़ से भरा था, रावण का विशालकाय पुतला खड़ा था। सुरक्षा के लिहाज से फायर टेंडर भी मौजूद था। मैदान में राम एवं रावण के मध्य युद्ध प्रारंभ होने के साथ ही एक ओर रावण सेना तो दूसरी ओर भगवान राम की सेना उछल कूद मचा रही थी। तलवारों के साथ गदाओं का वार हो रहा था। एक-दूसरे को परास्त करने की जद्दोजहद चल रही थी। इसी बीच भगवान राम ने 31 वाणों को एक साथ छोड़ा तो अहंकारी रावण भी धराशायी हो गया। लंकापति का वध होने के साथ बानर सेना झूम उठी। भगवान राम के जयकारों की गूंज चहुंओर सुनाई देने लगी।
आकर्षक आतिशबाजी का दिखा नजारा
रावण के 40 फीट ऊंचे पुतले में आग लगने के साथ जमीं से आसमां तक आकर्षक आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला। रंग बिरंगी फुलझड़ियों के साथ ऐसा लगा मानो आसमान से पुष्पवर्षा हो रही है। तेज धमाकों की गूंज से हर कोई समझ गया कि रावण का वध हो गया।
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पुलिस फोर्स रहा मुस्तैद
विजयदशमी के दिन होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया था।
रामलीला मैदान में पुलिस प्रशासन की ओर से चाक चौबंद व्यवस्थाएं थीं। एसपी सिटी संजीव वाजपेयी खुद सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ले रहे थे। नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव, सीओ सिटी ओमकार सिंह यादव मौजूद रहे। पीएसी के जवानों के साथ प्रशिक्षु सिपाहियों को भी लगाया गया था।
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श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में लीला का मंचन किया गया। ग्रामीण अंचल से भी भारी भीड़ उमड़ी थी। साप्ताहिक बंदी का दिन होने के कारण दुकानदार परिवार के साथ पहुंचे। भगवान राम, लक्ष्मण एवं हनुमानजी के डोले जैसे ही रामलीला प्रांगण पहुंचे आरती के साथ लीलाओं का मंचन प्रारंभ हो गया। समूचा मैदान तो भीड़ से भरा था, रावण का विशालकाय पुतला खड़ा था। सुरक्षा के लिहाज से फायर टेंडर भी मौजूद था। मैदान में राम एवं रावण के मध्य युद्ध प्रारंभ होने के साथ ही एक ओर रावण सेना तो दूसरी ओर भगवान राम की सेना उछल कूद मचा रही थी। तलवारों के साथ गदाओं का वार हो रहा था। एक-दूसरे को परास्त करने की जद्दोजहद चल रही थी। इसी बीच भगवान राम ने 31 वाणों को एक साथ छोड़ा तो अहंकारी रावण भी धराशायी हो गया। लंकापति का वध होने के साथ बानर सेना झूम उठी। भगवान राम के जयकारों की गूंज चहुंओर सुनाई देने लगी।
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आकर्षक आतिशबाजी का दिखा नजारा
रावण के 40 फीट ऊंचे पुतले में आग लगने के साथ जमीं से आसमां तक आकर्षक आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला। रंग बिरंगी फुलझड़ियों के साथ ऐसा लगा मानो आसमान से पुष्पवर्षा हो रही है। तेज धमाकों की गूंज से हर कोई समझ गया कि रावण का वध हो गया।
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पुलिस फोर्स रहा मुस्तैद
विजयदशमी के दिन होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया था।
रामलीला मैदान में पुलिस प्रशासन की ओर से चाक चौबंद व्यवस्थाएं थीं। एसपी सिटी संजीव वाजपेयी खुद सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ले रहे थे। नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव, सीओ सिटी ओमकार सिंह यादव मौजूद रहे। पीएसी के जवानों के साथ प्रशिक्षु सिपाहियों को भी लगाया गया था।