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Firozabad News: बारिश गेहूं के लिए वरदान, आलू व मिर्च को नुकसान

Sat, 28 Dec 2024 10:24 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sat, 28 Dec 2024 10:24 PM IST
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Rain is a boon for wheat, harm to potatoes and chillies.
आलू की फसल में भरा बारिश का पानी। - फोटो : आलू की फसल में भरा बारिश का पानी।
फिरोजाबाद। कांचनगरी में शुक्रवार देर शाम बूंदाबांदी के बाद रात में बारिश होने से शनिवार को मौसम का मिजाज बदल गया। शनिवार को पूरे दिन बादल छाए रहे। तापमान गिरने से मौसम में गलन बढ़ गई। तेज बारिश से गेहूं की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे। उनकी फसल के लिए बारिश का पानी संजीवनी बना है। जबकि खासतौर पर आलू व मिर्च की खेती करने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ी है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार से मौसम में परिवर्तन होगा। कोहरा पड़ने व बूंदाबांदी होने की संभावना जताई जा रही है।
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शुक्रवार से ही एकाएक मौसम ने करवट ले ली थी। सुबह बादल छाए हुए थे। वहीं, रात में पहले बूंदाबांदी तो कुछ देर बाद तेज बारिश भी हुई। इधर शनिवार शाम बारिश फिर से शुरू हो गई। बारिश से आई मौसम में ठंडक ने किसानों के चेहरों पर रौनक लौटा दी। वहीं किसान बारिश को गेहूं, चना, मटर, अरहर व सरसों की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। किसानों ने बताया कि सर्दी के मौसम में हल्की बारिश ऐसे समय हुई है, जब इसकी सर्वाधिक जरूरत थी। बहरहाल बारिश से किसान काफी खुश हैं।
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वहीं कृषि विभाग बारिश को रबी फसलों के लिए संजीवनी बता रहा है। जिला कृषि अधिकारी ओमकार सिंह ने बताया कि हल्की बारिश रबी की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। फसलें बेहतर ढंग से पोषक तत्व ग्रहण कर अपना विकास कर पाएंगी। किसानों की गेहूं व सरसों की फसल को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। वहीं, आलू किसानों ने बताया कि बारिश होती है तो रात का तापमान गिरेगा तथा इसका असर आलू की फसल पर पड़ेगा। फसल की पत्तियों के काली पड़ने के साथ झुलसा रोग लगने की संभावना है। ऐसे में किसान पहले से ही झुलसा रोग नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव करें। जिले में एक लाख हेक्टेयर में आलू की फसल होती है। इस बार मौसम में लगातार बदलाव से फसल पर संकट मंडरा रहा है।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दक्षिणी-पूर्वी हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। आगामी दिनों में बादल छाए रहने, कोहरा पड़ने व कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।







किसानों ने बूंदाबांदी के बताए नफा-नुकसान
गेहूं की लगभग 50 फीसदी सिंचाई हो चुकी है। गेहूं की फसल को फायदा है। फूल वाली सरसों की फसल पर बूंदाबांदी होने से माहू कीट खतरा बना हुआ है। बारिश से मिर्च का फूल झड़ गया। मिर्च पैदावार में देरी होगी।
-कुलदीप शर्मा, नारखी

-अगर और बारिश हुई तो गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों को नुकसान होगा। बारिश से सरसों की अगेती फसल को थोड़ा नुकसान हो सकता है। किसानों को ध्यान देना होगा कि खेत में पानी जमा न होने पाए।
रामप्रकाश, नारखी





अभी और बढ़ेगी ठंड, नए साल पर गिरेगा तापमान
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. ओमकार सिंह ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते ठंड आगे बढ़ गई है। जो स्थिति दिसंबर में शुरू होती थी, वहीं जनवरी में ठंड और बढ़ेगी। 31 दिसंबर से ही पारा गिरना शुरू हो जाएगा। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ से बूंदाबांदी भी होगी। उन्होंने बताया कि साल की समाप्ति से पहले ही मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इस बार पहली जनवरी से कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद है।



ठंड बढ़ने के साथ ही बाजार में बढ़ी रौनक

ठंड बढ़ने के साथ ही एक बार फिर गर्म कपड़ों और सामानों की बिक्री बढ़ गई है। बाजार में खरीदारी भी तेज हो गई है। दुकानदारों ने बताया कि सर्दी बढ़ने पर गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। तिब्बत बाजार में भीड़ दिख रही है।
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