{"_id":"60be5fd48ebc3eb4e6451238","slug":"proud-story-proud-stories-father-s-proud-stories-father-s-proud-a-proud-father-father-s-day-firozabad-news-agr494901584","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाश्ते की ठेल लगाने वाले का बेटा बना युवा कल्याण अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाश्ते की ठेल लगाने वाले का बेटा बना युवा कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुहागनगरी के आसफाबाद चौराहे पर कचौड़ी और जलेबी की ठेल लगाने वाले राजवीर राठौर के बड़े बेटे प्रवीन ने युवा कल्याण अधिकारी की परीक्षा पास कर उनका सीना चौड़ा कर दिया है।
थाना रसूलपुर क्षेत्र के आसफाबाद ऐदलनगर निवासी राजवीर सिंह राठौर के चार बेटे प्रवीन, इंद्रजीत, विष्णु और शिवकुमार है। गरीब परिवार से होने के कारण पत्नी एवं चार बेटों का पालन-पोषण के लिए राजवीर सिंह आसफाबाद पर जलेबी और कचौड़ी की ठेल लगाते हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया और इसका नतीजा रहा कि उनके बड़े बेटे प्रवीन कुमार राठौर का 2017 में जीआरपी में चयन हो गया। जीआरपी में चयन होने के बाद भी 2018 में प्रवीन ने यूपी पुलिस, रेलवे एवं युवा कल्याण अधिकारी पद के लिए परीक्षा दी थी।
प्रवीन का चयन युपी पुलिस में होने के साथ रेलवे में हो गया लेकिन युवा कल्याण अधिकारी का परिणाम नहीं आने के कारण उन्होंने यूपी पुलिस की ज्वाइनिंग नहीं की। चार जून को परिणाम आने के बाद वह युवा कल्याण अधिकारी बन गए। वहीं राजवीर के दूसरे नंबर के बेटे इंद्रजीत का चयन जबलपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री में हो गया है और तीसरे नंबर का बेटा विष्णु भी तैयारी में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना रसूलपुर क्षेत्र के आसफाबाद ऐदलनगर निवासी राजवीर सिंह राठौर के चार बेटे प्रवीन, इंद्रजीत, विष्णु और शिवकुमार है। गरीब परिवार से होने के कारण पत्नी एवं चार बेटों का पालन-पोषण के लिए राजवीर सिंह आसफाबाद पर जलेबी और कचौड़ी की ठेल लगाते हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया और इसका नतीजा रहा कि उनके बड़े बेटे प्रवीन कुमार राठौर का 2017 में जीआरपी में चयन हो गया। जीआरपी में चयन होने के बाद भी 2018 में प्रवीन ने यूपी पुलिस, रेलवे एवं युवा कल्याण अधिकारी पद के लिए परीक्षा दी थी।
विज्ञापन
प्रवीन का चयन युपी पुलिस में होने के साथ रेलवे में हो गया लेकिन युवा कल्याण अधिकारी का परिणाम नहीं आने के कारण उन्होंने यूपी पुलिस की ज्वाइनिंग नहीं की। चार जून को परिणाम आने के बाद वह युवा कल्याण अधिकारी बन गए। वहीं राजवीर के दूसरे नंबर के बेटे इंद्रजीत का चयन जबलपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री में हो गया है और तीसरे नंबर का बेटा विष्णु भी तैयारी में जुटा है।
विज्ञापन