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सर्जिकल सामान की उपलब्धता न होने से चिकित्सकों के सामने चुनौती
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फिरोजाबाद। शासन-प्रशासन निजी चिकित्सकों की सेवाएं चालू कराने को पूरा जोर दे रहा है। प्रैक्टिस करने को नियम भी तैयार कर रहा है। किंतु शहर में सर्जिकल सामान, दवा की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता न होने से चिकित्सकों के लिए चुनौती बन रही है। शहर में जहां सामान उपलब्ध है, वह दोगुने दाम मांग रहे हैं। चिकित्सकों ने जिले के अधिकारियों के सामने यह समस्या रखी है। प्रशासन ने भी चिकित्सकों से आपस में सामंजस्य बनाकर सामान की उपलब्धता करने के लिए कहा है।
लॉकडाउन के कारण वाहनों का आवागमन बंद हैं। कोरियर सेवाएं भी पूरी तरह चालू नहीं हो सकी हैं। ऐसे में दवाएं और सर्जिकल सामान नहीं आ रहा है। जबकि प्रशासन ने आदेश कर दिया है कि सावधानी बरतते हुए प्रैक्टिस की जाए। पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर, थर्मामीटर, दस्ताने की आवश्यकता पढ़ती है। किंतु यह जनपद में उपलब्ध नहीं है। एक, दो डीलरों के पास उपलब्ध हैं तो वह महंगे दामों में सामान दे रहे हैं। वहीं, अन्य जनपदों से सामान मंगाने के लिए चिकित्सकों को माथा पच्ची करनी पड़ रही है। यह समस्या आईएमए चिकित्सकों ने सीडीओ, सीएमओ के सामने रखी है। उन्होंने हर मदद का भरोसा दिलाया है।
- चिकित्सकों से बातचीत हुई है तो बताया है कि सर्जिकल सामान की उपलब्धता जनपद में नहीं हो पा रही है। न ही पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। अगर जनपद में सामान मिल भी रहा है तो महंगे दामों में। ट्रांसपोर्टिंग बंद है तो अन्य जनपदों से भी मंगाना मुश्किल हो रहा है। आईएमए के चिकित्सक मिलकर समस्या का हल निकाल रहे हैं। -डॉ. मनोज जिंदल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
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- दवा और सर्जिकल सामान की समस्या आ रही है। मेडिकल से दवाएं लिखते हैं तो वह दवा न होने पर उसका दूसरा विकल्प लिखना पड़ता है। सर्जिकल सामान भी महंगे दामों में मिल रहा है। दूसरे जनपदों में मंगाए कैसे। विकल्प निकाला है कि चिकित्सक एक साथ मिलकर सामान को मंगा लेते हैं और बांट लेते हैं। उम्मीद है कि धीरे-धीरे समाधान हो जाएगा। -डॉ. एसपीएस चौहान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आईएमए
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लॉकडाउन के कारण वाहनों का आवागमन बंद हैं। कोरियर सेवाएं भी पूरी तरह चालू नहीं हो सकी हैं। ऐसे में दवाएं और सर्जिकल सामान नहीं आ रहा है। जबकि प्रशासन ने आदेश कर दिया है कि सावधानी बरतते हुए प्रैक्टिस की जाए। पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर, थर्मामीटर, दस्ताने की आवश्यकता पढ़ती है। किंतु यह जनपद में उपलब्ध नहीं है। एक, दो डीलरों के पास उपलब्ध हैं तो वह महंगे दामों में सामान दे रहे हैं। वहीं, अन्य जनपदों से सामान मंगाने के लिए चिकित्सकों को माथा पच्ची करनी पड़ रही है। यह समस्या आईएमए चिकित्सकों ने सीडीओ, सीएमओ के सामने रखी है। उन्होंने हर मदद का भरोसा दिलाया है।
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- चिकित्सकों से बातचीत हुई है तो बताया है कि सर्जिकल सामान की उपलब्धता जनपद में नहीं हो पा रही है। न ही पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। अगर जनपद में सामान मिल भी रहा है तो महंगे दामों में। ट्रांसपोर्टिंग बंद है तो अन्य जनपदों से भी मंगाना मुश्किल हो रहा है। आईएमए के चिकित्सक मिलकर समस्या का हल निकाल रहे हैं। -डॉ. मनोज जिंदल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
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- दवा और सर्जिकल सामान की समस्या आ रही है। मेडिकल से दवाएं लिखते हैं तो वह दवा न होने पर उसका दूसरा विकल्प लिखना पड़ता है। सर्जिकल सामान भी महंगे दामों में मिल रहा है। दूसरे जनपदों में मंगाए कैसे। विकल्प निकाला है कि चिकित्सक एक साथ मिलकर सामान को मंगा लेते हैं और बांट लेते हैं। उम्मीद है कि धीरे-धीरे समाधान हो जाएगा। -डॉ. एसपीएस चौहान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आईएमए