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वायु प्रदूषण ने बढ़ाए श्वांस और चर्म रोग के मरीज
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शहर में छाया स्मॉग
- फोटो : MAINPURI
फिरोजाबाद। दीपावली के बाद प्रदूषण बढने से शुक्रवार को जिला अस्पताल सहित शहर के विभिन्न अस्पतालों एवं क्लीनिकों पर श्वांस और दमा के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सक दवा के साथ इस प्रदूषण में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही त्वचा रोगी की संख्या भी बढ़ गई है।
वायु प्रदूषण से अस्थमा और श्वांस संबंधी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है जबकि वातावरण में फैला जहर त्वचा के लिए भी उतना ही खतरनाक है। इन दिनों चिकित्सकों के पास त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में 150 से 200 मरीज बढ़े हैं, जबकि प्राइवेट चिकित्सकों के पास भी त्वचा रोगियों की संख्या अधिक हुई है। साथ ही श्वांस से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 25 से 30 है। लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे त्वचा पर होने वाले गंभीर प्रभावों से बचा जा सके। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि हमने सभी चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया है कि श्वांस संबंधित बीमारी से पीड़ित मरीज आएं। उनको तुरंत उपचार दें।
चिकित्सकों की राय
- वरिष्ठ फिजिशियन डा. नीरज गुप्ता ने बताया कि सांस संबंधित मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। प्रतिदिन 12 से 16 मरीज दवा लेने के लिए आ रहे हैं। दवा के साथ बचाव के लिए उपाय बता रहे हैं। मरीज को चाहिए कि मास्क लगाकर ही घर से निकलें। सुबह ज्यादा जल्द टहलने न जाएं। ज्यादा दिक्कत हो तो चिकित्सक से राय लें।
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चेहरे पर आ रहा कालापन
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सुधाकर ने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक मरीज शरीर पर लाल चकते और जलन की समस्या को लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण से काले निशान पडना, रूखी त्वचा होना, खुजली, चेहरे पर कालापन बढना और सबसे अधिक खतरा चेहरे पर झाईयां पडने का रहता है। ऐसे में लोगों को त्वचा को खराब होने से बचाने के उपाय खुद ही करने चाहिए।
इस तरह करें बचाव
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- शरीर पर मॉश्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करें
- ज्यादा देर बाहर निकलने से बचें
- शरीर में पानी की भरपूर मात्रा रखें
चेहरे को ढक कर निकलें, इससे शरीर
सुहागनगरी के असमान में धुंध और धूल का गुबारफिरोजाबाद। दिल्ली व आसपासत्र् के क्षेत्रों की तरह फिरोजाबाद की आवोहवा भी प्रदूषण के लिहाज से ठीक नहीं है। दीपावली व उसके बाद हुई जांच में फिरोजाबाद के असमान में धूल व कार्बनिक तत्वों का गुबार दिख रहा है।
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वायु प्रदूषण से अस्थमा और श्वांस संबंधी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है जबकि वातावरण में फैला जहर त्वचा के लिए भी उतना ही खतरनाक है। इन दिनों चिकित्सकों के पास त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में 150 से 200 मरीज बढ़े हैं, जबकि प्राइवेट चिकित्सकों के पास भी त्वचा रोगियों की संख्या अधिक हुई है। साथ ही श्वांस से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 25 से 30 है। लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे त्वचा पर होने वाले गंभीर प्रभावों से बचा जा सके। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि हमने सभी चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया है कि श्वांस संबंधित बीमारी से पीड़ित मरीज आएं। उनको तुरंत उपचार दें।
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चिकित्सकों की राय
- वरिष्ठ फिजिशियन डा. नीरज गुप्ता ने बताया कि सांस संबंधित मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। प्रतिदिन 12 से 16 मरीज दवा लेने के लिए आ रहे हैं। दवा के साथ बचाव के लिए उपाय बता रहे हैं। मरीज को चाहिए कि मास्क लगाकर ही घर से निकलें। सुबह ज्यादा जल्द टहलने न जाएं। ज्यादा दिक्कत हो तो चिकित्सक से राय लें।
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चेहरे पर आ रहा कालापन
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सुधाकर ने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक मरीज शरीर पर लाल चकते और जलन की समस्या को लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण से काले निशान पडना, रूखी त्वचा होना, खुजली, चेहरे पर कालापन बढना और सबसे अधिक खतरा चेहरे पर झाईयां पडने का रहता है। ऐसे में लोगों को त्वचा को खराब होने से बचाने के उपाय खुद ही करने चाहिए।
इस तरह करें बचाव
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- शरीर पर मॉश्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करें
- ज्यादा देर बाहर निकलने से बचें
- शरीर में पानी की भरपूर मात्रा रखें
चेहरे को ढक कर निकलें, इससे शरीर
सुहागनगरी के असमान में धुंध और धूल का गुबारफिरोजाबाद। दिल्ली व आसपासत्र् के क्षेत्रों की तरह फिरोजाबाद की आवोहवा भी प्रदूषण के लिहाज से ठीक नहीं है। दीपावली व उसके बाद हुई जांच में फिरोजाबाद के असमान में धूल व कार्बनिक तत्वों का गुबार दिख रहा है।