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एक माह में तीन लाख से ज्यादा पैरासीटामोल खा गए डेंगू और वायरल के मरीज
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फिरोजाबाद। डेंगू-वायरल का प्रकोप पूरी जिले में है। निजी और सरकारी अस्पताल फुल है और घर-घर चारइपाई बिछी हैं। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक पैरासीटामोल टैबलेट खाने की सलाह दे रहे हैं। यही कारण है कि जिले में एक माह में डेंगू और वायरल के मरीज तीन लाख से ज्यादा पैरासीटामोल की टैबलेट खा गए। हालांकि आम दिनों में जिले में इस दवा की एक माह में बमुश्किल 50 हजार की खपत होती है।
जिले में चालीस हजार से ज्यादा लोग वायरल और डेंगू से पीड़ित हैं। गांव के गांव वायरल की चपेट में आ गए। 232 मरीज अब तक इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज और सीएचसी फुल हैं। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव कैंप कर दवा वितरित रहा है। दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक पैरासीटामोल टेबलेट खाने की सलाह दे रहे हैं। एक दिन में मरीज तीन से चार टैबलेट ले रहा है। ऐसे में एक माह में डेंगू और वायरल के प्रकोप के बीच पैरासीटामोल की खपत तेजी से बढ़ गई है। तीन लाख से अधिक टैबलेट स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बांट चुका है। इस स्थिति के कारण सिरसागंज में बने वेयर हाउस में कुछ समय के लिए दवा का स्टॉक खत्म हो गया था। हालांकि सुहागनगरी में बीमारी के प्रकोप के कारण शासन ने जल्द ही दवा का इंतजाम कराया।
ड्रिप की खपत भी सात हजार पहुंची
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो ड्रिप की खपत भी एक माह में बढ़ गई। गंभीर रूप से भर्ती मरीजों को ड्रिप चढ़ाई गई। इसमें आरएल (ग्लूकोज) ड्रिप की खपत एक माह में सात हजार तक पहुंच गईं। हालांकि आम दिनों में एक माह में इस ड्रिप की खपत आठ सौ से एक हजार तक होती है।
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एक माह स्वास्थ्य के लहजे से जनपद में खराब रहा। मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। वायरल और डेंगू से पीड़ित मरीजों को पैरासीटामोल दवा ही दी जाती है। इसलिए पैरासीटामोल की खपत पांच से छह गुना ज्यादा बढ़ गई। मरीज भी ज्यादा भर्ती रहे। हमारे पास किसी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं है। ।
डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
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जिले में चालीस हजार से ज्यादा लोग वायरल और डेंगू से पीड़ित हैं। गांव के गांव वायरल की चपेट में आ गए। 232 मरीज अब तक इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज और सीएचसी फुल हैं। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव कैंप कर दवा वितरित रहा है। दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक पैरासीटामोल टेबलेट खाने की सलाह दे रहे हैं। एक दिन में मरीज तीन से चार टैबलेट ले रहा है। ऐसे में एक माह में डेंगू और वायरल के प्रकोप के बीच पैरासीटामोल की खपत तेजी से बढ़ गई है। तीन लाख से अधिक टैबलेट स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बांट चुका है। इस स्थिति के कारण सिरसागंज में बने वेयर हाउस में कुछ समय के लिए दवा का स्टॉक खत्म हो गया था। हालांकि सुहागनगरी में बीमारी के प्रकोप के कारण शासन ने जल्द ही दवा का इंतजाम कराया।
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ड्रिप की खपत भी सात हजार पहुंची
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो ड्रिप की खपत भी एक माह में बढ़ गई। गंभीर रूप से भर्ती मरीजों को ड्रिप चढ़ाई गई। इसमें आरएल (ग्लूकोज) ड्रिप की खपत एक माह में सात हजार तक पहुंच गईं। हालांकि आम दिनों में एक माह में इस ड्रिप की खपत आठ सौ से एक हजार तक होती है।
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एक माह स्वास्थ्य के लहजे से जनपद में खराब रहा। मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। वायरल और डेंगू से पीड़ित मरीजों को पैरासीटामोल दवा ही दी जाती है। इसलिए पैरासीटामोल की खपत पांच से छह गुना ज्यादा बढ़ गई। मरीज भी ज्यादा भर्ती रहे। हमारे पास किसी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं है। ।
डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ