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कागजों में हरियाली धरातल खाली
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 01 Jul 2015 11:41 PM IST
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अधिकारियों की लापरवाही और संसाधनों के अभाव में हरियाली दम तोड़ रही है। धरातल बंजर पड़ा है लेकिन विभागीय आंकड़ों में हरियाली लहलहा रही है। पीएम से लेकर सीएम तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते है लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। सरकार की मंशा के बाद जिले में गुरुवार से वन सप्ताह का आयोजन किया जाएगा।
संसाधनों का अभाव भी अभियानों की रफ्तार कम कर देता है। लाखों रुपये खर्च करके रोपित किए जाने वाले पौधे आखिर बिन पानी सूख जाते हैं। कारण यहां जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है और मानसून भी साथ नहीं देता। आखिर पौधों को पानी ही नहीं मिलेगा तो वे सुरक्षित कैसे रह पाएंगे। वन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में वन का प्रतिशत काफी कम हो गया है। आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे, रेलवे का फ्रेट कॉरीडोर एवं सिक्स लेन जैसे प्रोजेक्टों के कारण जिले में हजारों वृक्ष काट दिए गए। हाईवे किनारे की हरियाली फोरलेन बनने के साथ ही खत्म हो गई । ताज ट्रिपेजियम जोन में होने के कारण पौधे काटने वाली संस्थाओं ने तीन से चार गुना पौधे रोपित करने की धनराशि विभाग को दी। पौधे भी रोपित भी किए गए लेकिन सुरक्षित नहीं बच सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत तो लाखों रुपये पौधारोपण पर खर्च किए गए लेकिन जितनी संख्या में पौधे रोपित किए, उनको बचाया नहीं जा सका। दबरई स्थित जिला मुख्यालय पर नजर डालें तो यहां खड़े वृक्ष धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। इसके लिए कोई और नहीं अपितु वन विभाग एवं मुख्यालय पर बैठे अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। दर्जनों की संख्या में पेड़ के ठूंठ ही दिखाई देते हैं। इनको काटने वाली महिलाएं पहले पेड़ की टहनियां तोड़ देती हैं और सूखते ही उसे काटकर घर ले जातीं। वन विभाग के चौकीदार एवं सुरक्षाकर्मी इन्हें नहीं रोकते। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने मनरेगा योजना को सरपट दौड़ाया, चारागाह, कब्रिस्तान की भूमि खाली कराई और लाखों पौधे रोपित किए। इसके बावजूद आज न चारागाह बचे और न ही लाखों रुपये की लागत से रोपित किए गए पौधे। गत वर्ष मनरेगा से 4.68 लाख पौधे रोपित किए। लेकिन बचे नहीं। आखिर इस हाल में अभियान के दौरान रोपित पौधे कैसे बच सकेंगे।
आज से शुरू होगा वृहद पौधरोपण अभियान
डीएम खैरगढ़ ब्लाक परिसर में पौधा रोपित करके करेंगे शुभारंभ
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। वन सप्ताह के तहत जिले में दो से सात जुलाई तक वृहद पौधरोपण अभियान संचालित किया जाएगा। डीएम विजय किरन आनंद खैरगढ़ ब्लाक परिसर में स्वयं अभियान का शुभारंभ करेंगे। सीडीओ सुजीत कुमार फीरोजाबाद ब्लाक के गांव गढ़ी छीपी में पौधे रोपित करेंगे। एडीएम कर्मेंद्र सिंह शिकोहाबाद ब्लाक के ग्राम इटौली में 1100 पौधे रोपित कराएंगे। डीडीओ आरके राम को अरांव ब्लाक के ताखा गांव में चारागाह की भूमि पर एक हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। डीपीआरओ बनवारी सिंह एका ब्लाक के गांव भदाना स्थित इंटर कालेज के प्रांगण में पौधे रोपित कराएंगे। नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह चिरहुली भदान में पौधे रोपित कराने जाएंगे। डीएम ने 41 जिला स्तरीय अफसरों को 90 ग्राम पंचायतों में पौधे रोपित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव ने कहा कि अभियान के तहत सात जुलाई तक 58600 पौधे रोपित किए जाएंगे। जबकि जिले में 5.56 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया है।
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पौधों को सुरक्षित रखने का प्रावधान मनरेगा योजना में किया है। हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक पौधों को सुरक्षित रखा जाए। गड्ढों को खोदने के साथ ही उसमें केमीकल डालने आदि की जानकारी को कार्यशाला आयोजित की गई है।
सुजीत कुमार सीडीओ फीरोजाबाद।
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संसाधनों का अभाव भी अभियानों की रफ्तार कम कर देता है। लाखों रुपये खर्च करके रोपित किए जाने वाले पौधे आखिर बिन पानी सूख जाते हैं। कारण यहां जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है और मानसून भी साथ नहीं देता। आखिर पौधों को पानी ही नहीं मिलेगा तो वे सुरक्षित कैसे रह पाएंगे। वन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में वन का प्रतिशत काफी कम हो गया है। आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे, रेलवे का फ्रेट कॉरीडोर एवं सिक्स लेन जैसे प्रोजेक्टों के कारण जिले में हजारों वृक्ष काट दिए गए। हाईवे किनारे की हरियाली फोरलेन बनने के साथ ही खत्म हो गई । ताज ट्रिपेजियम जोन में होने के कारण पौधे काटने वाली संस्थाओं ने तीन से चार गुना पौधे रोपित करने की धनराशि विभाग को दी। पौधे भी रोपित भी किए गए लेकिन सुरक्षित नहीं बच सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत तो लाखों रुपये पौधारोपण पर खर्च किए गए लेकिन जितनी संख्या में पौधे रोपित किए, उनको बचाया नहीं जा सका। दबरई स्थित जिला मुख्यालय पर नजर डालें तो यहां खड़े वृक्ष धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। इसके लिए कोई और नहीं अपितु वन विभाग एवं मुख्यालय पर बैठे अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। दर्जनों की संख्या में पेड़ के ठूंठ ही दिखाई देते हैं। इनको काटने वाली महिलाएं पहले पेड़ की टहनियां तोड़ देती हैं और सूखते ही उसे काटकर घर ले जातीं। वन विभाग के चौकीदार एवं सुरक्षाकर्मी इन्हें नहीं रोकते। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने मनरेगा योजना को सरपट दौड़ाया, चारागाह, कब्रिस्तान की भूमि खाली कराई और लाखों पौधे रोपित किए। इसके बावजूद आज न चारागाह बचे और न ही लाखों रुपये की लागत से रोपित किए गए पौधे। गत वर्ष मनरेगा से 4.68 लाख पौधे रोपित किए। लेकिन बचे नहीं। आखिर इस हाल में अभियान के दौरान रोपित पौधे कैसे बच सकेंगे।
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आज से शुरू होगा वृहद पौधरोपण अभियान
डीएम खैरगढ़ ब्लाक परिसर में पौधा रोपित करके करेंगे शुभारंभ
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। वन सप्ताह के तहत जिले में दो से सात जुलाई तक वृहद पौधरोपण अभियान संचालित किया जाएगा। डीएम विजय किरन आनंद खैरगढ़ ब्लाक परिसर में स्वयं अभियान का शुभारंभ करेंगे। सीडीओ सुजीत कुमार फीरोजाबाद ब्लाक के गांव गढ़ी छीपी में पौधे रोपित करेंगे। एडीएम कर्मेंद्र सिंह शिकोहाबाद ब्लाक के ग्राम इटौली में 1100 पौधे रोपित कराएंगे। डीडीओ आरके राम को अरांव ब्लाक के ताखा गांव में चारागाह की भूमि पर एक हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। डीपीआरओ बनवारी सिंह एका ब्लाक के गांव भदाना स्थित इंटर कालेज के प्रांगण में पौधे रोपित कराएंगे। नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह चिरहुली भदान में पौधे रोपित कराने जाएंगे। डीएम ने 41 जिला स्तरीय अफसरों को 90 ग्राम पंचायतों में पौधे रोपित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव ने कहा कि अभियान के तहत सात जुलाई तक 58600 पौधे रोपित किए जाएंगे। जबकि जिले में 5.56 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया है।
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पौधों को सुरक्षित रखने का प्रावधान मनरेगा योजना में किया है। हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक पौधों को सुरक्षित रखा जाए। गड्ढों को खोदने के साथ ही उसमें केमीकल डालने आदि की जानकारी को कार्यशाला आयोजित की गई है।
सुजीत कुमार सीडीओ फीरोजाबाद।