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खैरगढ़ में धूमधाम से मनाया पंचकल्याणक महोत्सव
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खैरगढ़ में धूमधाम से मनाया पंचकल्याणक महोत्सव
खैरगढ़। कस्बा खैरगढ़ में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक के चौथे दिन तप कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया गया। भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। जयकारों से पांडाल गूंज उठा।
आचार्य सुरत्न सागर महाराज एवं आचार्य आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में सुबह श्रीजी की शांतिधारा की गई। बाल तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ के साथ नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बाल क्रीड़ा की। भक्तों ने बाल तीर्थंकर को पालना भी झुलाया। इसके बाद भगवान मुनिसुव्रतनाथ का राज्याभिषेक किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए राजाओं ने अपनी भेंट भी दी। शाम को जैनाचार्य सुरत्न सागर महाराज ने भगवान मुनिसुव्रतनाथ को दिगंबर दीक्षा दिलाई। जैनाचार्य सुरत्न सागर ने कहा कि जो तपता है, वही निखरता है। तप कल्याणक महोत्सव हमें यही संदेश देता है। शास्त्री सतीश चंद्र सरल द्वारा मांगलिक क्रिया कराई गई। वहीं पालकी शोभायात्रा कस्बा में गाजेबाजे के साथ निकाली गई। जैन समाज के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जगह-जगह पालकी यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
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खैरगढ़। कस्बा खैरगढ़ में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक के चौथे दिन तप कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया गया। भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। जयकारों से पांडाल गूंज उठा।
आचार्य सुरत्न सागर महाराज एवं आचार्य आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में सुबह श्रीजी की शांतिधारा की गई। बाल तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ के साथ नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बाल क्रीड़ा की। भक्तों ने बाल तीर्थंकर को पालना भी झुलाया। इसके बाद भगवान मुनिसुव्रतनाथ का राज्याभिषेक किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए राजाओं ने अपनी भेंट भी दी। शाम को जैनाचार्य सुरत्न सागर महाराज ने भगवान मुनिसुव्रतनाथ को दिगंबर दीक्षा दिलाई। जैनाचार्य सुरत्न सागर ने कहा कि जो तपता है, वही निखरता है। तप कल्याणक महोत्सव हमें यही संदेश देता है। शास्त्री सतीश चंद्र सरल द्वारा मांगलिक क्रिया कराई गई। वहीं पालकी शोभायात्रा कस्बा में गाजेबाजे के साथ निकाली गई। जैन समाज के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जगह-जगह पालकी यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
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