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विवादित ढांचे की बरसी पर अलर्ट रहा प्रशासन, चौराहे बने छावनी

Sun, 06 Dec 2015 09:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 06 Dec 2015 09:09 PM IST
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On the anniversary of the disputed structure was alert administration, became crossroads camp

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विवादित ढ़ाचे की 23 वीं बरसी पर सुहागनगरी में पुलिस एवं प्रशासन अलर्ट रहा। मुस्लिम समाज ने कुरआनख्वानी करने के साथ शहीदों को इंसाफ दिलाने एवं उसी स्थल पर बाबरी मस्जिद के निर्माण की मांग की। महामहिम राष्ट्र पति को संबोधित ज्ञापन दिया। वहीं हिंदूवादी संगठनों द्वारा हवन यज्ञ करके शौर्य दिवस मनाया गया। हवन यज्ञ के पश्चात राममंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया। इस मौके पर प्रसाद का वितरण किया गया। जयश्रीराम के नारों भी लगाए और उसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण की बात कही।
 हिंदूवादी संगठनों ने विवादित ढांचे की बरसी पर विजय दिवस मनाया। हवन यज्ञ के साथ ही गोष्ठी आयोजित कर राम मंदिर को अयोध्या में ही निर्माण कराने का संकल्प दिलाया।
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 विश्वहिंदू परिषद के तत्वावधान में गोपाल आश्रम मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य यजमान विहिप जिलाध्यक्ष रमाकांत पचौरी थे। हवन यज्ञ राजकुमार सारस्वत आचार्य ने संपन्न कराया। कवि संबोध सुलभ व दिनेश भारद्वाज ने काव्य पाठ करके हिंदूवादी नेताओं में देश प्रेम की अलख जगाने का काम किया। राधा माधव शरण दीक्षित, वीरेंद्र महंत, राजीव शर्मा, महावीर सिंह बघेल, अनिल कुमार शर्मा, आनंद पाल सिंह तोमर, जितेंद्र सिंह राघव, अभयपाल ंसिह गौपालक, राजकुमार उपाध्याय, किशन गोपाल, पारुल शर्मा, केके उपाध्याय, बाबूराम कुशवाह, विपिन भारद्वाज, गौरव रावत, विभाग कार्यवाह रमाकांत उपाध्याय, विनोद पचौरी आदि मौजूद थे।  संचालन कौशल किशोर उपाध्याय ने किया। संत मनमोहन पचौरी एवं भूपाल ंसिह आदि संतों ने भगवान जय श्रीराम के नारे लगाए।
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काला दिवस पर गम के साथ गुस्से का इजहार
उसी स्थान पर बनें मस्जिद, दंगों की हो सीबीआई जांच
मुस्लिम संगठनों ने बरसी पर दिए सीएम को ज्ञापन
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। मुस्लिम समाज ने कुरआनख्वानी के साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। सपा, नेलोपा एवं जमायते इस्लामी हिंद ने ज्ञापन को देने के साथ शहीदों को न्याय एवं दंगों की सीबीआई जांच की मांग की।

शफीक अहमद गुड्डू के नेतृत्व में कुरआन ख्वानी हुई। मौलाना सलाहउद्दीन रब्बानी ने सदारत करते हुए कहा कि देश को तोड़ने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। दंगाफसाद में शहीद लोगों को इंसाफ दिलाने, फैजाबाद, बरेली एवं मुजफ्फर नगर, शामली, दादरी में दंगों की सीबीआई जांच कराई जाए। मस्जिद को उसी स्थान पर बनाया जाए। विहिप, बजरंग दल, दुर्गा वाहनी जैसे संगठनों पर रोक लगाने लगाई जाए। आतंकवाद के नाम पर बेकसूर मुस्लिम युवकों को रिहा किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर मुहम्मद यूसुफ, इंतजार अहमद, पप्पू, हाफिज खालिद, नौशाद खान, बदरुल हसन व हाजी रईस, अब्बास अली आदि शामिल थे।
सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष इमरान मंसूरी के नेतृत्व में जाटवपुरी चौराहे पर सैकड़ाें कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने सभा करके काला दिवस मनाकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इरफान कुरैशी, मुश्ताक अली, एम तारिक, नगीन खान, इनामुद्दीन, हाजी इसरार, हाजी हाकिम, हाजी साबिर आदि मौजूद थे।
इंडियन मुस्लिम लीग के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी राहत अफरोज ने भी विवादित ढांचे की बरसी पर गम व गुस्से का इजहार किया। अवधेश सविता, अबरार अहमद, शफीक अहमद, इमरान मंसूरी, जीशान अहमद सहित काफी लोग शामिल थे।


बाजारों और सड़कों पर भी सक्रिय रहा फोर्स
सुबह से शाम तक शहर में पुलिस व पीएसी के जवान सक्रिय रहे। दोपहर करीब एक बजे के करीब गांधी पार्क चौराहे से पीएसी की टोली गश्त करती हुई मुख्य बाजार में निकली। इसके साथ ही शहर की मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान सक्रिय दिखे।
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