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ठेके के विरोध में बाजार बंद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 01 Apr 2015 11:14 PM IST
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सदर बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर के समीप बीयर का ठेका खुलते ही व्यापारियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली। बाजार बंद कर युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले धरना प्रदर्शन शुरू कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध की जानकारी पर मौके पर पहुंचे आबकारी अधिकारी चंद्रशेखर ने जांच कराने का आश्वासन देकर आंदोलन को समाप्त करा दिया।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बीएस गुप्ता और बैंकट मुरवारिया का कहना था कि जिस स्थान पर प्रशासन ने बीयर का ठेका खोलने की अनुमति दी है। इससे व्यापारियों के साथ श्रद्धालु और यहां से गुजरने वाली महिलाओं, छात्राओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। वर्ष 2013-14 में प्रशासन ने अनुमति दी थी उस समय आए दिन विवाद हुआ करते थे। इस कारण वर्ष 2014-15 में प्रशासन ने ठेका बंद करा दिया था। लेकिन वर्तमान में प्रशासन ने पुन: ठेका खोलने की अनुमति दे दी। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। जब तक ठेका बंद नहीं होता, तब तक व्यापारी अनिश्चित कालीन बाजार बंद करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। व्यापारियों के इस आक्रोश की जानकारी मौके पर पहुंचे आबकारी अधिकारी चंद्रशेखर ने जांच कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान डा. राजेंद्र शर्मा, वीके चौहान, प्रेमशंकर गुप्ता, जुगल किशोर गुप्ता, अंकुर गोयल, महेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, अख्तर भाई, राधाकृष्ण मंदिर प्रबंधक अनिल पालीवाल आदि मौजूद थे।
शराब के ठेकों को लेकर जगह-जगह आंदोलन की चिंगारी
फीरोजाबाद। शराब के ठेकों को लेकर जिले में जगह-जगह आंदोलन की चिंगारी उठ रही है। हाल में ही टूंडला में आधी आबादी ने बड़ा आंदोलन किया। टूंडला सर्किल के लाइनपार क्षेत्र में देशी शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रशासन बैकफुट पर आया और आंदोलन को समाप्त करा दिया। गढ़ी छत्रपति में भी देशी शराब के ठेका का विरोध करते हुए महिलाएं सड़क पर निकली तो उनके कदम डीएम आफिस पर जाकर रुके। शहर के अतिसंवेदनशील स्थान राधाकृष्ण मंदिर के समीप बीयर का ठेका उठाए जाने की खबर पर श्रद्धालु विरोध में आ गए। उर्वशी तिराहा पर खुलने वाली माडल शाप का भी लोगों ने विरोध किया। टूंडला में बीयर का ठेका खुलने पर दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तो तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर खुलने वाले देशी, अंग्रेजी और बीयर के ठेकों को लेकर लोगों ने विरोध किया।
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ठेका बंद कराने का कोई आदेश नहीं
कुछ लोग समाज के बीच रहकर चेहरे को चमकाने के लिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं। भोली भाली जनता भी उनकी बातों में आकर उग्र हो रही है। ठेका उठाने की प्रक्रिया में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया था। जो पहले थे, वह इस बार भी हैं। राधाकृष्ण मंदिर वाला ठेका प्रशासन ने बंद नहीं कराया और न ही मेरी ओर से कोई बंदी का आदेश दिया है। दुकानदार ने क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश के चलते ठेका बंद किया है। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है।
चंद्रशेखर जिला आबकारी अधिकारी
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धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बीएस गुप्ता और बैंकट मुरवारिया का कहना था कि जिस स्थान पर प्रशासन ने बीयर का ठेका खोलने की अनुमति दी है। इससे व्यापारियों के साथ श्रद्धालु और यहां से गुजरने वाली महिलाओं, छात्राओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। वर्ष 2013-14 में प्रशासन ने अनुमति दी थी उस समय आए दिन विवाद हुआ करते थे। इस कारण वर्ष 2014-15 में प्रशासन ने ठेका बंद करा दिया था। लेकिन वर्तमान में प्रशासन ने पुन: ठेका खोलने की अनुमति दे दी। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। जब तक ठेका बंद नहीं होता, तब तक व्यापारी अनिश्चित कालीन बाजार बंद करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। व्यापारियों के इस आक्रोश की जानकारी मौके पर पहुंचे आबकारी अधिकारी चंद्रशेखर ने जांच कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान डा. राजेंद्र शर्मा, वीके चौहान, प्रेमशंकर गुप्ता, जुगल किशोर गुप्ता, अंकुर गोयल, महेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, अख्तर भाई, राधाकृष्ण मंदिर प्रबंधक अनिल पालीवाल आदि मौजूद थे।
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शराब के ठेकों को लेकर जगह-जगह आंदोलन की चिंगारी
फीरोजाबाद। शराब के ठेकों को लेकर जिले में जगह-जगह आंदोलन की चिंगारी उठ रही है। हाल में ही टूंडला में आधी आबादी ने बड़ा आंदोलन किया। टूंडला सर्किल के लाइनपार क्षेत्र में देशी शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रशासन बैकफुट पर आया और आंदोलन को समाप्त करा दिया। गढ़ी छत्रपति में भी देशी शराब के ठेका का विरोध करते हुए महिलाएं सड़क पर निकली तो उनके कदम डीएम आफिस पर जाकर रुके। शहर के अतिसंवेदनशील स्थान राधाकृष्ण मंदिर के समीप बीयर का ठेका उठाए जाने की खबर पर श्रद्धालु विरोध में आ गए। उर्वशी तिराहा पर खुलने वाली माडल शाप का भी लोगों ने विरोध किया। टूंडला में बीयर का ठेका खुलने पर दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तो तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर खुलने वाले देशी, अंग्रेजी और बीयर के ठेकों को लेकर लोगों ने विरोध किया।
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ठेका बंद कराने का कोई आदेश नहीं
कुछ लोग समाज के बीच रहकर चेहरे को चमकाने के लिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं। भोली भाली जनता भी उनकी बातों में आकर उग्र हो रही है। ठेका उठाने की प्रक्रिया में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया था। जो पहले थे, वह इस बार भी हैं। राधाकृष्ण मंदिर वाला ठेका प्रशासन ने बंद नहीं कराया और न ही मेरी ओर से कोई बंदी का आदेश दिया है। दुकानदार ने क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश के चलते ठेका बंद किया है। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है।
चंद्रशेखर जिला आबकारी अधिकारी