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मौसम परिवर्तन से बढ़ी मरीजों की संख्या, खांसी, बुखार के मरीज सर्वाधिक
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फिरोजाबाद। मौसम परिवर्तन के साथ ही अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। सोमवार को जिला अस्पताल क ी ओपीडी में इलाज के लिए सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार से पीड़ित सैकड़ों मरीज पहुंचे। मेडिसन विभाग में सर्वाधिक 570 मरीज इलाज के लिए आए।
सोमवार की सुबह अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। वहीं, चिकित्सकों के कक्ष के बाहर इलाज के लिए मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मौसमी बीमारियों की चपेट में आए लोगों में बच्चों की संख्या सर्वाधिक हैं, जो सर्दी खांसी-बुखार, गले में जकड़न की शिकायत लेकर आ रहे हैं। सर्दी-खांसी व वायरल फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए चिकित्सक इलाज के साथ सलाह भी दे रहे हैं।
- मौसम परिवर्तन बीमारियों का कारण रहता है। इसलिए लापरवाही न करें। पंखा चलाने से बचें। गुनगुना पानी पीने, गर्म कपड़े पहननें, सुबह शाम की ठंड से बचने का प्रयास करें। ठंडी चीजों का सेवन ना करें। सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लें। -डॉ. मनोज कुमार, अध्यक्ष मेडिसन विभाग।
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- अभी ओपीडी में सर्दी, जुकाम के मरीज आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की देखभाल करना आवश्यक है। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनाकर रखें। विशेषकर नवजात शिशुओं को। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। -डॉ. पीएस भाटिया, बालरोग विशेषज्ञ।
- आसफाबाद से आयीं कांतादेवी का कहना है कि कई दिनों से बुखार है। अस्पताल में दवा लेने के लिए आए हैं। अस्पताल में मर्ज की दवा नहीं मिलती। -कबीर नगर निवासी अनीता देवी ने कहा कि बुखार और खांसी की समस्या है। यहां आए तो भीड़ लगी हुई है। इलाज के लिए बारी का इंतजार कर रहे हैं।
- गुदाऊ निवासी संदीप कुमार ने कहा कि खांसी, जुकाम हो गया है। कोरोना काल है तो तुंरत ही इलाज कराने के लिए आ गए।
- मोहल्ला राजपूताना निवासी अब्दुल सईद खां ने बताया कि गर्दन में दर्द है। उन्हें न्यूरोसर्जन को दिखाने के लिए कहा गया है। लेकिन अस्पताल में कोई न्यूरोसर्जन नहीं है। यहां स्टाफ भी सही जानकारी नहीं देता है।
अस्पताल में टूट रही सामजिक दूरी
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के नए मरीज मिल रहे हैं, फिर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन जिला अस्पताल में नहीं हो रहा। सोमवार को अस्पताल में आए मरीजों ने भी कोविड़ नियमों का पालन नहीं किया। कई लोग बिना मास्क के लाइन में लगे रहे।
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सोमवार की सुबह अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। वहीं, चिकित्सकों के कक्ष के बाहर इलाज के लिए मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मौसमी बीमारियों की चपेट में आए लोगों में बच्चों की संख्या सर्वाधिक हैं, जो सर्दी खांसी-बुखार, गले में जकड़न की शिकायत लेकर आ रहे हैं। सर्दी-खांसी व वायरल फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए चिकित्सक इलाज के साथ सलाह भी दे रहे हैं।
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- मौसम परिवर्तन बीमारियों का कारण रहता है। इसलिए लापरवाही न करें। पंखा चलाने से बचें। गुनगुना पानी पीने, गर्म कपड़े पहननें, सुबह शाम की ठंड से बचने का प्रयास करें। ठंडी चीजों का सेवन ना करें। सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लें। -डॉ. मनोज कुमार, अध्यक्ष मेडिसन विभाग।
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- अभी ओपीडी में सर्दी, जुकाम के मरीज आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की देखभाल करना आवश्यक है। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनाकर रखें। विशेषकर नवजात शिशुओं को। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। -डॉ. पीएस भाटिया, बालरोग विशेषज्ञ।
- आसफाबाद से आयीं कांतादेवी का कहना है कि कई दिनों से बुखार है। अस्पताल में दवा लेने के लिए आए हैं। अस्पताल में मर्ज की दवा नहीं मिलती। -कबीर नगर निवासी अनीता देवी ने कहा कि बुखार और खांसी की समस्या है। यहां आए तो भीड़ लगी हुई है। इलाज के लिए बारी का इंतजार कर रहे हैं।
- गुदाऊ निवासी संदीप कुमार ने कहा कि खांसी, जुकाम हो गया है। कोरोना काल है तो तुंरत ही इलाज कराने के लिए आ गए।
- मोहल्ला राजपूताना निवासी अब्दुल सईद खां ने बताया कि गर्दन में दर्द है। उन्हें न्यूरोसर्जन को दिखाने के लिए कहा गया है। लेकिन अस्पताल में कोई न्यूरोसर्जन नहीं है। यहां स्टाफ भी सही जानकारी नहीं देता है।
अस्पताल में टूट रही सामजिक दूरी
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के नए मरीज मिल रहे हैं, फिर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन जिला अस्पताल में नहीं हो रहा। सोमवार को अस्पताल में आए मरीजों ने भी कोविड़ नियमों का पालन नहीं किया। कई लोग बिना मास्क के लाइन में लगे रहे।