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नीरी की रिपोर्ट पर टिकी उद्योग जगत की निगाहें
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:04 PM IST
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प्रदूषण
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सुहागनगरी में प्रदूषण के वास्तविक कारणों की हकीकत जानने के लिए नीरी की फाइनल रिपोर्ट पर उद्योग जगत की निगाहें टिकी हुई हैं। नीरी की ड्राफ्ट रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उसमें संशोधन कराए गए। होली से पूर्व नीरी ने फाइनल रिपोर्ट देने के संकेत दे दिए थे।
बड़े व्यापारिक संगठनों द्वारा फीरोजाबाद के कांच उद्योग के खिलाफ बढ़ते प्रदूषण, खराब गुणवत्ता, क्षमता वृद्धि, बिना अनुमति उद्योग संचालित करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं। वर्ष 2015 से शुरू हुआ शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। टीटीजेड अथारिटी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा प्रदूषण की हकीकत जानने को नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई गई। नीरी के वैज्ञानिकों ने कई चरणों में फीरोजाबाद आकर प्रदूषण के आंकड़े जुटाए। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर नीरी ने उद्योग विभाग को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपी थी। ड्राफ्ट रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उद्योग विभाग द्वारा कुछ संशोधन कराए गए। हालांकि ड्राफ्ट रिपोर्ट भी काफी हद तक उद्योग जगत के पक्ष में थी। उद्योग विभाग द्वारा दिए गए सुझाव के बाद संशोधन करते हुए नीरी ने फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली है। होली से पूर्व नीरी ने उद्योग विभाग को पत्र भेजकर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के संकेत दे दिए थे। सूत्रों की मानें तो नीरी की फाइनल सोमवार तक जिला प्रशासन व उद्योग विभाग को मिल सकती है।
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बड़े व्यापारिक संगठनों द्वारा फीरोजाबाद के कांच उद्योग के खिलाफ बढ़ते प्रदूषण, खराब गुणवत्ता, क्षमता वृद्धि, बिना अनुमति उद्योग संचालित करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं। वर्ष 2015 से शुरू हुआ शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। टीटीजेड अथारिटी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा प्रदूषण की हकीकत जानने को नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई गई। नीरी के वैज्ञानिकों ने कई चरणों में फीरोजाबाद आकर प्रदूषण के आंकड़े जुटाए। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर नीरी ने उद्योग विभाग को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपी थी। ड्राफ्ट रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उद्योग विभाग द्वारा कुछ संशोधन कराए गए। हालांकि ड्राफ्ट रिपोर्ट भी काफी हद तक उद्योग जगत के पक्ष में थी। उद्योग विभाग द्वारा दिए गए सुझाव के बाद संशोधन करते हुए नीरी ने फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली है। होली से पूर्व नीरी ने उद्योग विभाग को पत्र भेजकर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के संकेत दे दिए थे। सूत्रों की मानें तो नीरी की फाइनल सोमवार तक जिला प्रशासन व उद्योग विभाग को मिल सकती है।
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