{"_id":"6247465450fc981e120433cc","slug":"natural-gas-firozabad-news-agr5289268140","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेचुरल गैस के दाम बढ़े, कांच व चूड़ी उद्योग पर और गहराया संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेचुरल गैस के दाम बढ़े, कांच व चूड़ी उद्योग पर और गहराया संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेचुरल गैस के दाम बढ़े, कांच व चूड़ी उद्योग पर और गहराया संकट
- कारखानेदारों ने चूड़ी व माउथ ब्लोइंग उत्पादों के दामों में बढ़ोत्तरी का लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक अप्रैल से नेचुरल गैस के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे कांच और चूड़ी उद्योग पर संकट और गहरा गया है। इसे देखते हुए द ग्लास सिंडिकेट और पॉट फर्नेस इकाई संचालकों ने शुक्रवार शाम को बैठक की।
चूड़ी कारखानेदारों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रो उत्पादों की नवीन दर के हिसाब से कांच कारखानों में प्रयोग होने वाली नेचुरल गैस के दामों में 10 से 12 रुपये प्रति घनमीटर की बढ़ोत्तरी होगी। इसके कारण उत्पादों के भी दाम बढ़ना तय हैं। माउथ ब्लोइंग इकाइयों ने उत्पादों के दाम एक अप्रैल से 20 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाने का ऐलान किया है।
कारखानेदारों की मानें तो संशोधित दर के हिसाब से कांच एवं चूड़ी इकाइयों में प्रयोग होने वाली नेचुरल गैस की वर्तमान कीमत 25.30 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़कर 36 रुपये प्रति घनमीटर तक हो सकती है। बैठक में मौजूद द ग्लास सिंडीकेट के चेयरमैन हनुमान प्रसाद गर्ग, अध्यक्ष पीके जिंदल, लघु उद्योग भारती के हेमंत अग्रवाल च्वाइंस, अनिल उपाध्याय ने निर्णय लिया कि नेचुरल गैस के दामों में वृद्धि के बाद चूड़ी के दामों में बढ़ोत्तरी जरूरी है। तभी कारखाने चल सकेंगे।
विज्ञापन
जानकारों के अनुसार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, मंदी की मार के अलावा अन्य कच्चे माल व केमिकल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण शहर की माउथ ब्लोइंग एवं चूड़ी इकाइयां पहले से ही संकट में हैं। नेचुरल गैस की कीमतें बढ़ जाने से कांच व चूड़ी उत्पादों की लागत भी बढे़गी। लागत बढ़ जाने से विदेशी व घरेलू बाजारों में कांच उत्पादों की डिमांड पर भी असर पड़ने की संभावना है।
उद्यमियों पर बढ़ेगा बोझ
नेचुरल गैस की कीमत बढ़ने से कारखानेदारों पर जहां मंहगी गैस का बोझ होगा। वहीं गारंटी के तौर गेल इंडिया में जमा होने वाले वाली एकमुश्त धनराशि भी लाखों में हो जाएगी।
इस तरह बढ़े नेचुरल गैस के दाम
अप्रैल 2021 में नेचुरल गैस के दाम =16 रुपये प्रति घनमीटर
मार्च 2022 में नेचुरल गैस के दाम = 25.30 रुपये प्रति घनमीटर
अप्रैल 2022 में नेचुरल गैस की संभावित दर = 36 रुपये प्रति घनमीटर
पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रबंध निदेशक प्रवीन एम खनूजा द्वारा 31 अप्रैल को जारी नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें नेचुरल गैस के दामों में एक अप्रैल से बढ़ोत्तरी किये जाने की बात कही गई है। नेचुरल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण हमें भी चूड़ी के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। इसका असर चूड़ी बाजार पर पड़ेगा।
- बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
---
नेचुरल गैस की कीमतों में 10 से 12 रुपये की वृद्धि तय है। इसके अलावा केमिकल, कच्चे माल और पैकिंग से जुड़ी वस्तुओं की दरें भी काफी बढ़ चुकी हैं। लागत बढ़ जाने के कारण हमने माउथ ब्लोइंग उत्पादों की कीमत में एक अप्रैल से 20 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है।
- अभिषेक मित्तल चंचल सचिव द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
विज्ञापन
- कारखानेदारों ने चूड़ी व माउथ ब्लोइंग उत्पादों के दामों में बढ़ोत्तरी का लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक अप्रैल से नेचुरल गैस के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे कांच और चूड़ी उद्योग पर संकट और गहरा गया है। इसे देखते हुए द ग्लास सिंडिकेट और पॉट फर्नेस इकाई संचालकों ने शुक्रवार शाम को बैठक की।
चूड़ी कारखानेदारों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रो उत्पादों की नवीन दर के हिसाब से कांच कारखानों में प्रयोग होने वाली नेचुरल गैस के दामों में 10 से 12 रुपये प्रति घनमीटर की बढ़ोत्तरी होगी। इसके कारण उत्पादों के भी दाम बढ़ना तय हैं। माउथ ब्लोइंग इकाइयों ने उत्पादों के दाम एक अप्रैल से 20 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाने का ऐलान किया है।
विज्ञापन
कारखानेदारों की मानें तो संशोधित दर के हिसाब से कांच एवं चूड़ी इकाइयों में प्रयोग होने वाली नेचुरल गैस की वर्तमान कीमत 25.30 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़कर 36 रुपये प्रति घनमीटर तक हो सकती है। बैठक में मौजूद द ग्लास सिंडीकेट के चेयरमैन हनुमान प्रसाद गर्ग, अध्यक्ष पीके जिंदल, लघु उद्योग भारती के हेमंत अग्रवाल च्वाइंस, अनिल उपाध्याय ने निर्णय लिया कि नेचुरल गैस के दामों में वृद्धि के बाद चूड़ी के दामों में बढ़ोत्तरी जरूरी है। तभी कारखाने चल सकेंगे।
विज्ञापन
जानकारों के अनुसार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, मंदी की मार के अलावा अन्य कच्चे माल व केमिकल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण शहर की माउथ ब्लोइंग एवं चूड़ी इकाइयां पहले से ही संकट में हैं। नेचुरल गैस की कीमतें बढ़ जाने से कांच व चूड़ी उत्पादों की लागत भी बढे़गी। लागत बढ़ जाने से विदेशी व घरेलू बाजारों में कांच उत्पादों की डिमांड पर भी असर पड़ने की संभावना है।
उद्यमियों पर बढ़ेगा बोझ
नेचुरल गैस की कीमत बढ़ने से कारखानेदारों पर जहां मंहगी गैस का बोझ होगा। वहीं गारंटी के तौर गेल इंडिया में जमा होने वाले वाली एकमुश्त धनराशि भी लाखों में हो जाएगी।
इस तरह बढ़े नेचुरल गैस के दाम
अप्रैल 2021 में नेचुरल गैस के दाम =16 रुपये प्रति घनमीटर
मार्च 2022 में नेचुरल गैस के दाम = 25.30 रुपये प्रति घनमीटर
अप्रैल 2022 में नेचुरल गैस की संभावित दर = 36 रुपये प्रति घनमीटर
पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रबंध निदेशक प्रवीन एम खनूजा द्वारा 31 अप्रैल को जारी नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें नेचुरल गैस के दामों में एक अप्रैल से बढ़ोत्तरी किये जाने की बात कही गई है। नेचुरल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण हमें भी चूड़ी के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। इसका असर चूड़ी बाजार पर पड़ेगा।
- बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
---
नेचुरल गैस की कीमतों में 10 से 12 रुपये की वृद्धि तय है। इसके अलावा केमिकल, कच्चे माल और पैकिंग से जुड़ी वस्तुओं की दरें भी काफी बढ़ चुकी हैं। लागत बढ़ जाने के कारण हमने माउथ ब्लोइंग उत्पादों की कीमत में एक अप्रैल से 20 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है।
- अभिषेक मित्तल चंचल सचिव द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी