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Firozabad News: राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख से अधिक वादों का निस्तारण
Sun, 11 May 2025 12:06 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 11 May 2025 12:06 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में मौजूद जिला जज एवं अन्य न्यायिक अधिकारी। संवाद
फिरोजाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज डा. बब्बू सारंग की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक लाख 11 हजार 284 मामलों का निस्तारण करके 17 करोड़ 46 लाख से अधिक धनराशि का सेटलमेंट किया गया। वहीं कई परिवारिक विवाद के मामलों का निस्तारण करके परिवारों को बसाने का काम किया।
जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद लोगों को सस्ता न्याय दिलाने के साथ ही काफी पुराने वादों का आपसी सुलह समझौतों के माध्यम से निस्तारण कराना है।
उन्होंने प्री-लिटिगेशन प्रणाली के महत्व एवं प्रभावशीलता पर जानकारी देते हुए कहा प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के अंतर्गत वादों का समाधान वाद दाखिल होने से पूर्व आपसी समझौते के माध्यम से किया जाता है। इससे न्याय में विलंब से बचा जा सकता है। आर्थिक तथा मानसिक रूप से निजात मिलती है। लोक अदालत में पूरी कार्रवाई निशुल्क होती है। इसमें कोई खर्चा नहीं होता है। प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला जज अतुल चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल की जाती है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेश कुमार दिवाकर ने 3351 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन डा. निधि यादव ने 23 वाद,एसीजेएम नगमा खान ने 28 वाद एवं एसीजेएम शिकोहाबाद ने 1302 वादों का निस्तारण किया।
इस दौरान अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह द्वितीय,नवनीत कुमार गिरि,स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट मुमताज अली,सर्वेश कुमार पाण्डेय,सक्षी शर्मा ने भी मामलों का निस्तारण किया। इस मौके पर पीठासीन अधिकारी महेंद्र सिंह,प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय,एसपी सिटी रविशंकर पांडेय आदि मौजूद थे।
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जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद लोगों को सस्ता न्याय दिलाने के साथ ही काफी पुराने वादों का आपसी सुलह समझौतों के माध्यम से निस्तारण कराना है।
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उन्होंने प्री-लिटिगेशन प्रणाली के महत्व एवं प्रभावशीलता पर जानकारी देते हुए कहा प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के अंतर्गत वादों का समाधान वाद दाखिल होने से पूर्व आपसी समझौते के माध्यम से किया जाता है। इससे न्याय में विलंब से बचा जा सकता है। आर्थिक तथा मानसिक रूप से निजात मिलती है। लोक अदालत में पूरी कार्रवाई निशुल्क होती है। इसमें कोई खर्चा नहीं होता है। प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला जज अतुल चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल की जाती है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेश कुमार दिवाकर ने 3351 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन डा. निधि यादव ने 23 वाद,एसीजेएम नगमा खान ने 28 वाद एवं एसीजेएम शिकोहाबाद ने 1302 वादों का निस्तारण किया।
इस दौरान अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह द्वितीय,नवनीत कुमार गिरि,स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट मुमताज अली,सर्वेश कुमार पाण्डेय,सक्षी शर्मा ने भी मामलों का निस्तारण किया। इस मौके पर पीठासीन अधिकारी महेंद्र सिंह,प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय,एसपी सिटी रविशंकर पांडेय आदि मौजूद थे।