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मूल्यांकन का बहिष्कार, अधिकारियों से तकरार
अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:51 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का मूूल्यांकन कार्य का पहला दिन ट्रेनिंग और बहिष्कार में गुजर गया। शिक्षक संगठनों ने प्रदेश आह्वान पर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। वहीं, कई शिक्षक संगठनों ने बहिष्कार वापस लेने की बात भी कही। जिले में बने पांच मूल्यांकन केंद्रों पर बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे, लेकिन मूल्यांकन से अलग नजर आए। शिक्षकों को समझाने के लिए डीआईओएस मूल्यांकन केंद्रों पर गए और उन्हें उच्चाधिकारियों से बात करने का आश्वासन भी दिया।
शिक्षकों के हित में कई मांगों को लेकर शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन कार्य नहीं करने का फैसला लिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुरई गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि सिरसागंज के क्षेत्रीय इंटर कालेज में 55 प्रतिशत और शिकोहाबाद के पाली इंटर कालेज, छोटेलाल इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज में शिक्षकों ने कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में रमेशचंद्र शर्मा, सतीशचंद्र शास्त्री, आत्मप्रकाश, रामअवतार, रवींद्रनाथ शामिल रहे।
एक संगठन ने लिया वापस लिया बहिष्कार का फैसला
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के प्रदेश मंत्री राजबहादुर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि मूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया गया है। उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा और जिलामंत्री राजकुमार सिंह ने कहा कि बहिष्कार का निर्णय वापस लिया गया है।
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जिले में आई हैं सिर्फ 70 प्रतिशत कापियां
जिले में अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत ही उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त हो सकी हैं। डीआईओएस रविंद्र सिंह का कहना है कि हर मूल्यांकन केंद्र पर शतप्रतिशत कापियां नहीं आई हैं। जल्द ही कापियां आ जाएंगी।
लड़खड़ाएंगी नए सत्र की व्यवस्था
फीरोजाबाद। एक अप्रैल से माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होने वाले नए सत्र में मूल्यांकन के चलते व्यवस्थाएं लड़खड़ाएंगी। प्रधानाचार्यों का कहना है जब विद्यालय में शिक्षक नहीं होंगे तो प्रवेश से लेकर अन्य कामों का प्रभावित होना तय है। एक तरफ 15 अप्रैल तक जहां यूपी बोर्ड की कापियां जंचेंगी तो दूसरी तरफ निदेशक की ओर से जारी शौक्षिक पंचांग में छठवीं और नौवीं कक्षा में प्रवेश की अंतिम तिथि भी 15 अप्रैल रखी गई है। इसके अलावा मासिक परीक्षा का आयोजन भी कराने को कहा गया है। अब जहां शिक्षक मूल्यांकन कार्य में व्यस्त हैं वहीं शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो पाना संभव नहीं होगा। इसी बीच नए सत्र की सारी व्यवस्थाएं भी लड़खड़ाएंगी और पढ़ाई व अन्य कार्य नहीं हो सकेंगे।
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शिक्षकों के हित में कई मांगों को लेकर शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन कार्य नहीं करने का फैसला लिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुरई गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि सिरसागंज के क्षेत्रीय इंटर कालेज में 55 प्रतिशत और शिकोहाबाद के पाली इंटर कालेज, छोटेलाल इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज में शिक्षकों ने कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में रमेशचंद्र शर्मा, सतीशचंद्र शास्त्री, आत्मप्रकाश, रामअवतार, रवींद्रनाथ शामिल रहे।
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एक संगठन ने लिया वापस लिया बहिष्कार का फैसला
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के प्रदेश मंत्री राजबहादुर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि मूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया गया है। उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा और जिलामंत्री राजकुमार सिंह ने कहा कि बहिष्कार का निर्णय वापस लिया गया है।
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जिले में आई हैं सिर्फ 70 प्रतिशत कापियां
जिले में अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत ही उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त हो सकी हैं। डीआईओएस रविंद्र सिंह का कहना है कि हर मूल्यांकन केंद्र पर शतप्रतिशत कापियां नहीं आई हैं। जल्द ही कापियां आ जाएंगी।
लड़खड़ाएंगी नए सत्र की व्यवस्था
फीरोजाबाद। एक अप्रैल से माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होने वाले नए सत्र में मूल्यांकन के चलते व्यवस्थाएं लड़खड़ाएंगी। प्रधानाचार्यों का कहना है जब विद्यालय में शिक्षक नहीं होंगे तो प्रवेश से लेकर अन्य कामों का प्रभावित होना तय है। एक तरफ 15 अप्रैल तक जहां यूपी बोर्ड की कापियां जंचेंगी तो दूसरी तरफ निदेशक की ओर से जारी शौक्षिक पंचांग में छठवीं और नौवीं कक्षा में प्रवेश की अंतिम तिथि भी 15 अप्रैल रखी गई है। इसके अलावा मासिक परीक्षा का आयोजन भी कराने को कहा गया है। अब जहां शिक्षक मूल्यांकन कार्य में व्यस्त हैं वहीं शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो पाना संभव नहीं होगा। इसी बीच नए सत्र की सारी व्यवस्थाएं भी लड़खड़ाएंगी और पढ़ाई व अन्य कार्य नहीं हो सकेंगे।