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मैनपुरी जिले से जब भी जयवीर जीते बने मंत्री
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मैनपुरी जिले से जब भी जयवीर जीते बने मंत्री
तीसरी बार मिला कैबिनेट में स्थान, समर्थन उत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सिरसागंज निवासी जयवीर सिंह तीसरी बाद प्रदेश में मंत्री बने हैं। इससे जिले में उनके समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि वे भले ही विधायक मैनपुरी के हों, लेकिन जिले को लोगों को भी उनके मंत्री बनने का लाभ मिलेगा। पहली बार वे 2002 में मंत्री बने। इससे बाद 2007 और फिर 2022 में मंत्री बने। हालांकि इस बार वे कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। इससे पूर्व दोनों बार वे राज्यमंत्री रहे। वे जब भी मंत्री बने तब वे मैनपुरी जिले की किसी न किसी विधानसभा सीट से जीते।
सिरसागंज निवासी जयवीर सिंह ने 1993 में पहली बार घिरोर विधानसभा से चुनाव लड़ा। तब उन्हें सफलता नहीं मिली। 1999 में वे फिरोजाबाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए। 2002 का विधानसभा चुनाव बसपा से लड़कर जीते थे। स्पष्ट बहुमत की सरकार नहीं बनने के कारण बसपा टूटी। इस दौरान सपा शासन में वे राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बने।
वर्ष 2007 में बसपा सरकार बनीं तो जयवीर सिंह को सिंचाई एवं यांत्रिक विभाग का मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। 2012 में करहल मैनपुरी से चुनाव लड़े तब उन्हें सफलता नहीं मिली। 2017 में सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े । तब मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव से वह चुनाव हार गए। भाजपा सरकार में पुत्रवधू हर्षिता सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में अहम भूमिका अदा की। हालांकि इसमें हरिओम यादव का भी बड़ा हाथ बताया गया था। जयवीर सिंह ने हरिओम के इस अहसान को चुकाने के लिए सिरसागंज सीट को छोड़कर मैनपुरी सदर सीट से 2022 के चुनाव में दावेदारी की। आखिर चुनाव जीतने के साथ ही योगी कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री बनने में सफल रहे।
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ठा. जयवीर सिंह 2002 में पहली बार राज्यमंत्री बने तो वह मैनपुरी जिले की घिरोर सीट से विधायक चुने गए थे। 2007 में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बने तब भी घिरोर से चुनाव जीते थे। तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने तो मैनपुरी सदर सीट से चुनाव जीते हैं। उनकी पत्नी रीता सिंह जिला सहकारी बैंक की अध्यक्ष और अरांव की ब्लॉक प्रमुख भी रहीं हैं। बड़ी पुत्रवधू अमृता सिंह को सपा शासन में अरांव ब्लॉक प्रमुख बनाने में सफल रहे थे।
शपथ लेने के लिए लेना पड़ा स्कूटी का सहारा
फिरोजाबाद। मैनपुरी सदर सीट से विधायक चुने गये जयवीर सिंह को मंत्री परिषद में स्थान दिया गया है। उन्हें शपथ ग्रहण के लिये इकाना स्टेडियम पर पहुंचना था। लेकिन उनकी कार शपथ ग्रहण स्थल से थोड़ी दूर पहले ही चौराहे पर लगे जाम में फंस गई। ऐसे में शपथ लेने पहुंचे जयवीर सिंह को अपने एक परिचित की स्कूटी पर बैठ कर कार्यक्रम स्थल तक का सफर तय करना पड़ा। वहीं उनके परिजनों ने कार में बैठकर ऑनलाइन शपथ ग्रहण कार्यक्रम को देखा।
करहरा प्रधान से कैबिनेट मंत्री तक बने
सिरसागंज। ठाकुर जयवीर सिंह का जन्म 2 अक्तूबर 1958 को फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज तहसील के गांव करहरा में हुआ था। उनके पिता वेदपाल सिंह साधारण किसान थे। प्राथमिक शिक्षा सिरसागंज के एक स्कूल से हुई। ग्रेजुएशन करने के बाद ठाकुर जयवीर सिंह ने राजनीति का रुख किया। सिरसागंज से अपना पहला चुनाव ग्राम प्रधान का लड़ा और वो अपने गांव करहरा के ग्राम प्रधान चुने गए। सत्ताधारी कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें कांग्रेस का ब्लाक अध्यक्ष बनाया गया।
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तीसरी बार मिला कैबिनेट में स्थान, समर्थन उत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सिरसागंज निवासी जयवीर सिंह तीसरी बाद प्रदेश में मंत्री बने हैं। इससे जिले में उनके समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि वे भले ही विधायक मैनपुरी के हों, लेकिन जिले को लोगों को भी उनके मंत्री बनने का लाभ मिलेगा। पहली बार वे 2002 में मंत्री बने। इससे बाद 2007 और फिर 2022 में मंत्री बने। हालांकि इस बार वे कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। इससे पूर्व दोनों बार वे राज्यमंत्री रहे। वे जब भी मंत्री बने तब वे मैनपुरी जिले की किसी न किसी विधानसभा सीट से जीते।
सिरसागंज निवासी जयवीर सिंह ने 1993 में पहली बार घिरोर विधानसभा से चुनाव लड़ा। तब उन्हें सफलता नहीं मिली। 1999 में वे फिरोजाबाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए। 2002 का विधानसभा चुनाव बसपा से लड़कर जीते थे। स्पष्ट बहुमत की सरकार नहीं बनने के कारण बसपा टूटी। इस दौरान सपा शासन में वे राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बने।
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वर्ष 2007 में बसपा सरकार बनीं तो जयवीर सिंह को सिंचाई एवं यांत्रिक विभाग का मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। 2012 में करहल मैनपुरी से चुनाव लड़े तब उन्हें सफलता नहीं मिली। 2017 में सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े । तब मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव से वह चुनाव हार गए। भाजपा सरकार में पुत्रवधू हर्षिता सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में अहम भूमिका अदा की। हालांकि इसमें हरिओम यादव का भी बड़ा हाथ बताया गया था। जयवीर सिंह ने हरिओम के इस अहसान को चुकाने के लिए सिरसागंज सीट को छोड़कर मैनपुरी सदर सीट से 2022 के चुनाव में दावेदारी की। आखिर चुनाव जीतने के साथ ही योगी कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री बनने में सफल रहे।
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ठा. जयवीर सिंह 2002 में पहली बार राज्यमंत्री बने तो वह मैनपुरी जिले की घिरोर सीट से विधायक चुने गए थे। 2007 में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बने तब भी घिरोर से चुनाव जीते थे। तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने तो मैनपुरी सदर सीट से चुनाव जीते हैं। उनकी पत्नी रीता सिंह जिला सहकारी बैंक की अध्यक्ष और अरांव की ब्लॉक प्रमुख भी रहीं हैं। बड़ी पुत्रवधू अमृता सिंह को सपा शासन में अरांव ब्लॉक प्रमुख बनाने में सफल रहे थे।
शपथ लेने के लिए लेना पड़ा स्कूटी का सहारा
फिरोजाबाद। मैनपुरी सदर सीट से विधायक चुने गये जयवीर सिंह को मंत्री परिषद में स्थान दिया गया है। उन्हें शपथ ग्रहण के लिये इकाना स्टेडियम पर पहुंचना था। लेकिन उनकी कार शपथ ग्रहण स्थल से थोड़ी दूर पहले ही चौराहे पर लगे जाम में फंस गई। ऐसे में शपथ लेने पहुंचे जयवीर सिंह को अपने एक परिचित की स्कूटी पर बैठ कर कार्यक्रम स्थल तक का सफर तय करना पड़ा। वहीं उनके परिजनों ने कार में बैठकर ऑनलाइन शपथ ग्रहण कार्यक्रम को देखा।
करहरा प्रधान से कैबिनेट मंत्री तक बने
सिरसागंज। ठाकुर जयवीर सिंह का जन्म 2 अक्तूबर 1958 को फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज तहसील के गांव करहरा में हुआ था। उनके पिता वेदपाल सिंह साधारण किसान थे। प्राथमिक शिक्षा सिरसागंज के एक स्कूल से हुई। ग्रेजुएशन करने के बाद ठाकुर जयवीर सिंह ने राजनीति का रुख किया। सिरसागंज से अपना पहला चुनाव ग्राम प्रधान का लड़ा और वो अपने गांव करहरा के ग्राम प्रधान चुने गए। सत्ताधारी कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें कांग्रेस का ब्लाक अध्यक्ष बनाया गया।