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UP: रिफाइंड, डिटर्जेंट और केमिकल...नकली दूध के कारोबार का पर्दाफाश, घर का दृश्य देख टीम भी रह गई दंग
Wed, 30 Jul 2025 08:19 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 30 Jul 2025 08:19 PM IST
सार
फिरोजाबाद के टूंडला में नकली दूध तैयार करने के खेल का पर्दाफाश हुआ। टीम के कार्रवाई करने के दाैरान आरोपी माैका पाकर भाग निकला। टीम ने दूध नष्ट करा दिया।
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नकली दूध का सैंपल लेती टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
फिरोजाबाद के टूंडला में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार तड़के पचोखरा थाना क्षेत्र के नगला खरगा में नकली दूध के कारोबार का पर्दाफाश किया है। विभाग की टीम और थाना पचोखरा पुलिस ने मिलकर एक घर में छापा मारा। जहां से दो लोगों को नकली दूध बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह नकली दूध डेयरी और हलवाई की दुकानों पर सप्लाई के लिए तैयार किया जा रहा था। मौके से 100 किलो नकली दूध नष्ट किया गया और जांच के लिए सात नमूने लिए गए।
सहायक आयुक्त चंदन पांडेय के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान अजय सिंह और विजय सिंह नाम के दो आरोपी रिफाइंड, डिटर्जेंट और अन्य रसायनों का उपयोग कर नकली दूध बना रहे थे। कार्रवाई के दौरान अजय सिंह पड़ोस की छत से भागने में सफल रहा, जबकि विजय सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एफडीए विभाग के सहायक आयुक्त (खाद्य) चंदन पांडेय ने बताया कि छापे के समय नकली दूध तैयार किया जा रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के मिलावटी कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त ने यह भी बताया कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में हानिकारक सामग्री पाई जाती है, तो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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सहायक आयुक्त चंदन पांडेय के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान अजय सिंह और विजय सिंह नाम के दो आरोपी रिफाइंड, डिटर्जेंट और अन्य रसायनों का उपयोग कर नकली दूध बना रहे थे। कार्रवाई के दौरान अजय सिंह पड़ोस की छत से भागने में सफल रहा, जबकि विजय सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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एफडीए विभाग के सहायक आयुक्त (खाद्य) चंदन पांडेय ने बताया कि छापे के समय नकली दूध तैयार किया जा रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के मिलावटी कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त ने यह भी बताया कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में हानिकारक सामग्री पाई जाती है, तो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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10 दिन से थी निगरानी
खाद्य सुरक्षा विभाग पिछले 10 दिनों से मुखबिरों के जरिए इस गिरोह पर नजर रख रहा था। जानकारी के अनुसार, नकली दूध हर रोज सुबह चार बजे तैयार किया जाता था और इसे बाहर डेयरी पर भेजा जाता था। टीम ने सही समय पर छापा मारा, जब 100 किलो नकली दूध तैयार हो चुका था और और भी दूध बनाने की प्रक्रिया चल रही थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग पिछले 10 दिनों से मुखबिरों के जरिए इस गिरोह पर नजर रख रहा था। जानकारी के अनुसार, नकली दूध हर रोज सुबह चार बजे तैयार किया जाता था और इसे बाहर डेयरी पर भेजा जाता था। टीम ने सही समय पर छापा मारा, जब 100 किलो नकली दूध तैयार हो चुका था और और भी दूध बनाने की प्रक्रिया चल रही थी।
महिलाओं ने किया विरोध, आरोपी छत से फरार
छापे के दौरान घर की महिलाओं ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। आसपास की अन्य महिलाएं भी मौके पर इकट्ठा हो गईं। हालांकि, पुलिस बल की पर्याप्त मौजूदगी के कारण विरोध अधिक नहीं हो सका। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर अजय सिंह छत से फरार होने में कामयाब रहा।
छापे के दौरान घर की महिलाओं ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। आसपास की अन्य महिलाएं भी मौके पर इकट्ठा हो गईं। हालांकि, पुलिस बल की पर्याप्त मौजूदगी के कारण विरोध अधिक नहीं हो सका। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर अजय सिंह छत से फरार होने में कामयाब रहा।
ऐसे करें नकली दूध की पहचान
- दूध में मिलावट या सिंथेटिक तत्वों का पता कई तरीकों से लगाया जा सकता है।
- गंध और स्वाद: नकली दूध में अक्सर खराब गंध और असामान्य स्वाद होता है।
- परीक्षण: दूध से मावा बनाकर भी मिलावट की पहचान की जा सकती है। इसके लिए दूध को धीमी आंच पर एक बर्तन में लगातार चलाते हुए गर्म करें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो गैस से उतार लें और 2-3 घंटे तक ठंडा होने दें। यदि खोया ठोस और तैलीय होता है, तो दूध शुद्ध है। इसके विपरीत, यदि खोया पत्थर जैसा ठोस हो जाता है, तो दूध सिंथेटिक हो सकता है।
- दूध में मिलावट या सिंथेटिक तत्वों का पता कई तरीकों से लगाया जा सकता है।
- गंध और स्वाद: नकली दूध में अक्सर खराब गंध और असामान्य स्वाद होता है।
- परीक्षण: दूध से मावा बनाकर भी मिलावट की पहचान की जा सकती है। इसके लिए दूध को धीमी आंच पर एक बर्तन में लगातार चलाते हुए गर्म करें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो गैस से उतार लें और 2-3 घंटे तक ठंडा होने दें। यदि खोया ठोस और तैलीय होता है, तो दूध शुद्ध है। इसके विपरीत, यदि खोया पत्थर जैसा ठोस हो जाता है, तो दूध सिंथेटिक हो सकता है।