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कारखानों में बंद हुआ सस्ती दर वाली सफेद रिंग चूड़ी का निर्माण
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फिरोजाबाद। कच्चे माल और जुड़ाई की दरों में हुई बढ़ोतरी ने फिरोजाबाद के चूड़ी इकाईयों ने सस्ती दर की सफेद रिंग चूड़ी का उत्पादन बंद कर दिया है।
फिरोजाबाद के परंपरागत चूड़ी कारखानों में मंहगी लागत व उच्च गुणवत्ता वाली पॉट फर्नेश, विलोम, टैंक फर्नेश चूड़ी के अलावा टैंक भट्ठी के जरिए सस्ती दर व सामान्य गुणवत्ता वाली सफेद रिंग नाम की चूड़ियों का निर्माण किया जाता रहा है। टैंक भट्ठी के जरिए बनने वाली सफेद रिंग चूड़ी सस्ती होने के कारण आसानी से बिक जाती है। लेकिन मई 2021 में चूड़ी जुड़ाई की दरों में हुई तीस प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी एवं कच्चे माल सोडा, नैचुरल गैस एवं चूड़ी निर्माण में खपने वाले अन्य केमिकल की दरों में बेहतहाशा वृद्धि के कारण कारखानेदारों ने सफेद रिंग चूड़ी बनाना बंद कर दिया है। जबकि 60 से अधिक चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन करीब 50 हजार तोड़ा सफेद रिंग चूड़ी का निर्माण होता था। पूर्व में प्रति तोड़ा सफेद रिंग चूड़ी के दाम 33 रुपये प्रति तोड़ा थे। लेकिन जुड़ाई एवं कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी के बाद सफेद रिंग चूड़ी की लागत अब कारखानेदारों को लगभग 53 रुपये प्रति तोड़ा पड़ रही है।
सफेद रिंग चूड़ी का निर्माण बंद नहीं हुुआ है, लेकिन उत्पादन जरूर कम हो गया है। कारण सफेद रिंग चूड़ी को डेकोरेशन करने में भी खर्च ज्यादा होता है। ऐेसे में चूड़ी की लागत बढ़ गई है। लागत बढ़ जाने के कारण डेकोरेशन ठेकेदार व गोदाम स्वामी सफेद रिंग की डिमांड भी कम नोट करा रहे हैं।
हनुमान प्रसाद गर्ग, अध्यक्ष द ग्लास सिंडिकेट
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फिरोजाबाद के परंपरागत चूड़ी कारखानों में मंहगी लागत व उच्च गुणवत्ता वाली पॉट फर्नेश, विलोम, टैंक फर्नेश चूड़ी के अलावा टैंक भट्ठी के जरिए सस्ती दर व सामान्य गुणवत्ता वाली सफेद रिंग नाम की चूड़ियों का निर्माण किया जाता रहा है। टैंक भट्ठी के जरिए बनने वाली सफेद रिंग चूड़ी सस्ती होने के कारण आसानी से बिक जाती है। लेकिन मई 2021 में चूड़ी जुड़ाई की दरों में हुई तीस प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी एवं कच्चे माल सोडा, नैचुरल गैस एवं चूड़ी निर्माण में खपने वाले अन्य केमिकल की दरों में बेहतहाशा वृद्धि के कारण कारखानेदारों ने सफेद रिंग चूड़ी बनाना बंद कर दिया है। जबकि 60 से अधिक चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन करीब 50 हजार तोड़ा सफेद रिंग चूड़ी का निर्माण होता था। पूर्व में प्रति तोड़ा सफेद रिंग चूड़ी के दाम 33 रुपये प्रति तोड़ा थे। लेकिन जुड़ाई एवं कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी के बाद सफेद रिंग चूड़ी की लागत अब कारखानेदारों को लगभग 53 रुपये प्रति तोड़ा पड़ रही है।
सफेद रिंग चूड़ी का निर्माण बंद नहीं हुुआ है, लेकिन उत्पादन जरूर कम हो गया है। कारण सफेद रिंग चूड़ी को डेकोरेशन करने में भी खर्च ज्यादा होता है। ऐेसे में चूड़ी की लागत बढ़ गई है। लागत बढ़ जाने के कारण डेकोरेशन ठेकेदार व गोदाम स्वामी सफेद रिंग की डिमांड भी कम नोट करा रहे हैं।
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हनुमान प्रसाद गर्ग, अध्यक्ष द ग्लास सिंडिकेट