{"_id":"60e891ad8ebc3ec84762b7b5","slug":"malnourished-children-challenge-health-department-firozabad-news-up-news-firozabad-news-agr499115078","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की तीसरी लहर कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों के लिए बनेगी खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की तीसरी लहर कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों के लिए बनेगी खतरा
विज्ञापन
फिरोजाबाद। कोरोना की दूसरी लहर ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी। अब स्वास्थ्य विभाग संभावित तीसरी लहर की तैयारी में जुटा है। विशेषकर यह लहर बच्चों के लिए खरतनाक बताई जा रही है। ऐसे में अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चे स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन सकते हैं।
यदि कोरोना की तीसरी लहर सुहागनगरी में आती है तो बचपन बचाना मुश्किल हो जाएगा। शून्य से पांच साल तक के अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या जिले में 3600 से अधिक है। सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं बच्चों के लिए है। क्योंकि यह निमोनिया की चपेट में जल्द आ सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बच्चों में कुपोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसमें अन्य बीमारी भी ऐसे बच्चों को जल्द जकड़ लेती हैं। कुपोषित बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। बच्चों को अंकुरित चने, दूध, दही, रोटी आयु वर्ग के हिसाब से देना चाहिए। न्यूट्रीशियन के हिसाब से आहार दें। -डॉ. पीएस भाटिया, बाल रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
वजन दिवस पर हमने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों का चयन कराया था। जनपद में 3600 बच्चों को इस श्रेणी में रखा गया है। किसी बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो तो उसे हम जिला अस्पताल में कुपोषण पुर्नवास केंद्र पर भर्ती कराते हैं। जहां न्यूट्रीशियन द्वारा ख्याल रखा जाता है। खान-पीन के साथ दवा का ध्यान भी रखा जाता है। -आभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला
फिरोजाबाद। शुक्रवार को कोरोना संक्रमण का कोई मरीज नही मिला है। न ही कोई मरीज कोरोना से मुक्त हुआ। कोरोना के सक्रिय केस की संख्या सात बनीं हुई है। वहीं, जनपद में आयोजित टीकाकरण अभियान में 7833 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। शहर और देहात क्षेत्रों में टीकाकरण कैंप आयोजित किए गए।
विज्ञापन
यदि कोरोना की तीसरी लहर सुहागनगरी में आती है तो बचपन बचाना मुश्किल हो जाएगा। शून्य से पांच साल तक के अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या जिले में 3600 से अधिक है। सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं बच्चों के लिए है। क्योंकि यह निमोनिया की चपेट में जल्द आ सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
बच्चों में कुपोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसमें अन्य बीमारी भी ऐसे बच्चों को जल्द जकड़ लेती हैं। कुपोषित बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। बच्चों को अंकुरित चने, दूध, दही, रोटी आयु वर्ग के हिसाब से देना चाहिए। न्यूट्रीशियन के हिसाब से आहार दें। -डॉ. पीएस भाटिया, बाल रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
वजन दिवस पर हमने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों का चयन कराया था। जनपद में 3600 बच्चों को इस श्रेणी में रखा गया है। किसी बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो तो उसे हम जिला अस्पताल में कुपोषण पुर्नवास केंद्र पर भर्ती कराते हैं। जहां न्यूट्रीशियन द्वारा ख्याल रखा जाता है। खान-पीन के साथ दवा का ध्यान भी रखा जाता है। -आभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला
फिरोजाबाद। शुक्रवार को कोरोना संक्रमण का कोई मरीज नही मिला है। न ही कोई मरीज कोरोना से मुक्त हुआ। कोरोना के सक्रिय केस की संख्या सात बनीं हुई है। वहीं, जनपद में आयोजित टीकाकरण अभियान में 7833 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। शहर और देहात क्षेत्रों में टीकाकरण कैंप आयोजित किए गए।