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जलकल विभाग में मेंटीनेंस के नाम पर करोड़ों का घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
Updated Tue, 15 Dec 2015 09:54 PM IST
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टीटीएसपी में लाखों का घोटाला करने के बाद अब जलनिगम के ठेकेदार भी जांच दायरे में आ गए हैं। जलकल विभाग में एक बार फिर करोड़ों रुपये के घोटाले की बात सामने आ रही है। मेंटीनेंस के नाम पर छह करोड़ रुपये खर्च होना प्रशासन के गले नहीं उतर रहा है। डीएम ने कमेटी गठित कर दी है। कमेटी मंगलवार को जांच के लिए पहुंची, लेकिन लेखा विभाग के अफसरों की गैर मौजूदगी के कारण बैरंग लौट गई।
डीएम विजय किरन आनंद ने 17 नवंबर को नगर निगम अफसरों के साथ कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान यह तथ्य सामने आया था कि निगम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त आयोग और पालिका फंड में अब तक मात्र नलकूप मेंटीनेंस पर करीब छह करोड़ की धनराशि व्यय कर दी है। मेंटीनेंस पर छह करोड़ की धनराशि खर्च होना डीएम को संदिग्ध प्रतीत हुआ। डीएम ने मामले की गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। डीएम ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। यहां करीब एक घंटे तक लेखाधिकारी अक्षय कुमार, लेखाकार हसन रजा एवं अन्य कर्मचारियों का इंतजार किया गया। एक घंटे से अधिक इंतजार करने के बाद भी लेखा विभाग का कोई अफसर नहीं आया। ऐसे में टीम लौट आई। टीम में ट्रेजरी ऑफिसर पुष्पराज, विवेक कटियार, निर्मल वर्मा एकाउंटेंट शामिल थे।
मेंटीनेंस के नाम पर खर्च धनराशि के संबंध में जलकल विभाग के महाप्रबंधक के बयान लिए गए हैं। इसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि मेंटीनेंस पर 2.25 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है। अत: बयान से विरोधाभास हो रहा है। लेखा विभाग के अफसरों की उपस्थिति में जांच के बाद सही तथ्य सामने आ सकेंगे।
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रविंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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डीएम विजय किरन आनंद ने 17 नवंबर को नगर निगम अफसरों के साथ कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान यह तथ्य सामने आया था कि निगम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त आयोग और पालिका फंड में अब तक मात्र नलकूप मेंटीनेंस पर करीब छह करोड़ की धनराशि व्यय कर दी है। मेंटीनेंस पर छह करोड़ की धनराशि खर्च होना डीएम को संदिग्ध प्रतीत हुआ। डीएम ने मामले की गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। डीएम ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। यहां करीब एक घंटे तक लेखाधिकारी अक्षय कुमार, लेखाकार हसन रजा एवं अन्य कर्मचारियों का इंतजार किया गया। एक घंटे से अधिक इंतजार करने के बाद भी लेखा विभाग का कोई अफसर नहीं आया। ऐसे में टीम लौट आई। टीम में ट्रेजरी ऑफिसर पुष्पराज, विवेक कटियार, निर्मल वर्मा एकाउंटेंट शामिल थे।
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मेंटीनेंस के नाम पर खर्च धनराशि के संबंध में जलकल विभाग के महाप्रबंधक के बयान लिए गए हैं। इसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि मेंटीनेंस पर 2.25 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है। अत: बयान से विरोधाभास हो रहा है। लेखा विभाग के अफसरों की उपस्थिति में जांच के बाद सही तथ्य सामने आ सकेंगे।
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रविंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट