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Firozabad News: भगवान आदिनाथ को हुआ मोक्ष निर्वाण, नवीन जिनालय में प्रतिमा हुई विराजमान

Sat, 22 Nov 2025 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sat, 22 Nov 2025 12:08 AM IST
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Lord Adinath attained salvation and nirvana, his idol installed in the new Jain temple.
पंचकल्याणक में विराजित प्रतिमाओं की शोभायात्रा में शामिल महिला श्रद्धालु। संवाद - फोटो : संवाद
फिरोजाबाद। सेठ छदामीलाल महावीर जिनालय में शुक्रवार को पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न हो गया। अंतिम दिन भगवान आदिनाथ को मोक्ष निर्वाण की प्राप्ति हुई, जिसे देखने के लिए जिनभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। निर्वाण क्रिया के पश्चात् सभी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई और नव निर्मित जिनालय में प्रतिष्ठाचार्य ने पूर्ण विधि विधान के साथ प्रतिमाएं विराजमान कराईं।
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आचार्य वसुंनंदी गुरुदेव के सान्निध्य में सुबह जिनालय प्रांगण में भक्तों ने पीले वस्त्र धारण कर मंत्रोच्चारण के साथ भगवान आदिनाथ का जिनाभिषेक एवं शांतिधारा की। इसके बाद भगवान आदिनाथ की पूर्ण विधि विधान के साथ मोक्ष कल्याणक पूजा अर्चना की गई, जिसमें जिनभक्तों ने प्रतिमा के सम्मुख अष्ट द्रव्य के अर्घ्य समर्पित किए। साजन जैन के मंच कलाकारों द्वारा जिनालय प्रांगण में कैलाश पर्वत की अद्भुत रचना की गई थी। कलाकारों ने दर्शाया कि जब भगवान कैलाश पर्वत पर तपस्या कर रहे थे, और रात्रि का अंधेरा छटने वाला था, तभी जैसे ही भगवान को निर्वाण की प्राप्ति हुई, चारों ओर प्रकाश छा गया और क्षण भर में अंधेरा भाग गया। इस अलौकिक दृश्य के साथ ही समूचा प्रांगण भगवान के जयकारों से गूंज उठा और चारों दिशाओं में घंटा घड़ियाल स्वयं बजने लगे। मोक्ष निर्वाण की क्रिया संपन्न होने के पश्चात् पंचकल्याणक में विराजित सभी प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महावीर जिनालय से प्रारम्भ होकर न्यू तिलक नगर स्थित नव निर्मित भगवान पद्मप्रभु जिनालय पहुंची। प्रतिष्ठाचार्य आलोक जैन ने शोभायात्रा के पहुंचने के बाद विधि विधान से इंद्र स्वरूप जिनभक्तों से सभी प्रतिमाओं को नव निर्मित वेदी में विराजमान कराया। जिन बिम्ब के शिखर पर कलशारोहण और हवन आदि की क्रियाएं भी संपन्न हुईं। अंत में महोत्सव समिति के अध्यक्ष विमलेश जैन ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मनीष जैन, आयुष जैन, दिनेश जैन, विकास जैन, अजय जैन, यश जैन, पारस जैन, प्रदीप जैन, मनोज जैन आदि मौजूद रहे।
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