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सफलता की तलाश में आज भी बढ़ते हैं पुस्तकालयों की ओर कदम

Fri, 22 Apr 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद Updated Fri, 22 Apr 2016 11:35 PM IST
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Looking for success are still rising toward libraries
लाइब्रेरी का समय के हिसाब से बदल रहा रूप - फोटो : अमर उजाला
आज की युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। हालांकि अभी भी ऐसे लोग हैं, जिनमें लाइब्रेरी के प्रति रुचि है। लाइब्रेरी को रुचिकर करने के लिए उसका स्वरूप बदला जा रहा है। कहानी, किताबों के नाम के लिए प्रसिद्ध लाइब्रेरी अब भविष्य बनाने की ओर बढ़ रही हैं। लाइब्रेरी को टेक्नोलाजी से भी जोड़ा जा रहा है। इंटरनेट पर एक क्लिक में हर टॉपिक को सर्च करने की क्षमता है, लेकिन किताबों, उपन्यासों को पढ़ने का अलग क्रेज है। आज भी लोग अमूल्य समय में भी लाइब्रेरी के  लिए कुछ निकालते हैं। हालांकि इस संख्या में काफी कमीं आई हैं। वहीं, संस्थाओं द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी में पाठकों की संख्या बहुत कम हैं। डिग्री कॉलेजों में बनीं लाइब्रेरी का इस्तेमाल भी छात्र छात्राएं खूब करते हैं।
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30 से 35 लोग प्रतिदिन आते हैं
दबरई स्थित जिला पुस्तकालय में युवाओं की सोच को देखकर बदलाव किए जा रहे हैं। कांप्टीशन की तैयारी कर रहे युवा लाइब्रेरी की किताबों को वक्त देते हैं। यहां 13, 500 किताबें हैं। लाइब्रेरी अध्यक्ष चंद्रकांत ने बताया कि यहां 345 पंजीकृत सदस्य हैं। डेली रीडर 30 से 35 लोग हैं।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से बढ़ा युवाओं में क्रेज
लाइब्रेरी में कहानी, किस्से पढ़ने का क्रेज कम हो गया है। इसके मद्देनजर प्रतियोगी परीक्षा की किताबों का समावेश जिला लाइब्रेरी में किया गया है। सांसद अक्षय यादव की संस्तुति के बाद जिला लाइब्रेरी को 675 किताबें मिली हैं। जिनमें प्रतियोगी परीक्षाएं, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की महंगी किताबें उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने 61 किताबें डोनेट की थी।
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ऑनलाइन लाइब्रेरी भी उपलब्ध है
लाइब्रेरी में जरूरत के हिसाब से ज्ञान उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से ब्रॉडबेंड कनेक्शन कराया है, जिससे सदस्य अनिलिमटेड इंटरनेट लगाकर किताबी ज्ञान ढूंढ सकता है। जिले की लाइब्रेरी में पांच कम्प्यूटर उपलब्ध हैं।
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पढे़ भारत, बढे़ भारत से बनेंगी लाइब्रेरी
परिषदीय स्कूलों में इसी साल पढे़ भारत, बढे़ भारत योजना की शुरुआत की गई। शुरुआती दौरान में लाइब्रेरी स्थापना के लिए प्रत्येक जिले में 20 परिषदीय स्कूलों को 11, 500 रुपये का बजट किताबें खरीदकर लाइब्रेरी बनाने के लिए दिया है। इसके अलावा दो हजार रुपये मॉडल बनाने के लिए दे दिए गए हैं।



गणित विषय की बनेगी लाइब्रेरी
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जिले के 20 परिषदीय स्कूलों में 8,776 रूपये का बजट के रूप में भेजे हैं। जिसमें गणित की किट खरीदकर लाइब्रेरी की तरह स्थापना की जाएगी।
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