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संकल्प शक्ति से जीवन सुख से होता है भरपूर: पूनम बहन
Amar Ujala
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:05 AM IST
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संकल्प शक्ति से जीवन सुख से होता है भरपूर: पूनम बहन
- फोटो : Amar Ujala
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तनाव मुक्ति शिविर में सकारात्मक ऊर्जा के दिए सुझाव
पीडी जैन इंटर कालेज में आयोजित तनाव मुक्ति शिविर में ब्रह्मकुमारी पूनम बहन ने कहा कि संकल्पों और विचारों में बहुत शक्ति होती है। संकल्पों की शक्ति द्वारा जीवन में हम जो चाहे वह कर सकते है। संकल्पों के कारण कुछ लोगों का जीवन सुख से भरपूर होता है और कुछ लोगों के जीवन में कदम-कदम पर उलझनें आती है।
उन्होंने कहा कि विश्वास के साथ किए गए संकल्प को अंतर्मन जल्दी स्वीकार कर लेता है। यदि हम जीवन में बार-बार नकारात्मक विचार अपने मन में लाते है तो ऐसी परिस्थितियां बनती है कि जिससे जीवन में नकारात्मक घटनाएं होने लगती है। वहीं मन में सकारात्मक विचार आने से परिस्थितियां अनुकूल बनती हैं। पूनम बहन ने इस पर बल दिया कि हम जो संकल्प बार-बार करते है, उन संकल्पों को हमारा अंतर्मन उसी रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने बताया कि संकल्पों और विचारों को प्रभावशाली बनाने का सबसे उपयुक्त समय ब्रह्म मुहूर्त है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने पर बाहरी मन निष्क्रिय रहता है और 20 मिनट तक उसका अंतर्मन पूरी तरह क्रियाशील रहता है। सुबह उठने के बाद 20 मिनट के अंदर जो भी विचार उत्पन्न होते है, अंतर्मन उसे स्वीकार कर लेता है। इसी प्रकार रात में सोने से पहले का भी 20 मिनट संकल्पों को मजबूत बनाने में उपयुक्त होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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पीडी जैन इंटर कालेज में आयोजित तनाव मुक्ति शिविर में ब्रह्मकुमारी पूनम बहन ने कहा कि संकल्पों और विचारों में बहुत शक्ति होती है। संकल्पों की शक्ति द्वारा जीवन में हम जो चाहे वह कर सकते है। संकल्पों के कारण कुछ लोगों का जीवन सुख से भरपूर होता है और कुछ लोगों के जीवन में कदम-कदम पर उलझनें आती है।
उन्होंने कहा कि विश्वास के साथ किए गए संकल्प को अंतर्मन जल्दी स्वीकार कर लेता है। यदि हम जीवन में बार-बार नकारात्मक विचार अपने मन में लाते है तो ऐसी परिस्थितियां बनती है कि जिससे जीवन में नकारात्मक घटनाएं होने लगती है। वहीं मन में सकारात्मक विचार आने से परिस्थितियां अनुकूल बनती हैं। पूनम बहन ने इस पर बल दिया कि हम जो संकल्प बार-बार करते है, उन संकल्पों को हमारा अंतर्मन उसी रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने बताया कि संकल्पों और विचारों को प्रभावशाली बनाने का सबसे उपयुक्त समय ब्रह्म मुहूर्त है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने पर बाहरी मन निष्क्रिय रहता है और 20 मिनट तक उसका अंतर्मन पूरी तरह क्रियाशील रहता है। सुबह उठने के बाद 20 मिनट के अंदर जो भी विचार उत्पन्न होते है, अंतर्मन उसे स्वीकार कर लेता है। इसी प्रकार रात में सोने से पहले का भी 20 मिनट संकल्पों को मजबूत बनाने में उपयुक्त होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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