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UP: महिला के राशन कार्ड पर गैर समुदाय के लोगों के नाम, जांच में जुटे विभाग के अधिकारी; डीलर से भी पूछताछ
Sun, 14 Sep 2025 10:05 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 14 Sep 2025 10:05 AM IST
सार
महिला के राशन कार्ड पर गैर समुदाय के लोगों के नाम दर्ज होने का मामला उजागर होते ही विभागीय अधिकारियों जांच शुरू कर दी है। मामले की गोपनीय विभाग की ओर से भी जांच कराई जा रही है।
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राशन कार्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिकोहाबाद में हिंदू महिला के राशन कार्ड में गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम शामिल करने की जांच शुरू हो गई है। खाद्य विभाग के अधिकारियों में इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद खलबली मच गई है। गोपनीय विभाग से लेकर विभागीय अधिकारियों ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए कार्ड धारक एवं राशन डीलर से भी पूछताछ शुरू हो चुकी है।
शहर के कृष्णा नगर निवासी सरोज देवी के राशन कार्ड में गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम दर्ज हैं। जबकि कोरोना काल में प्रशासन ने उनका और उनकी दो बेटियों के नाम से राशन कार्ड बनवाया था, लेकिन राशन कार्ड पर गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम दर्ज मिले।
शनिवार को इस मामले के उजागर होने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करा दी। इसके लिए शनिवार को महिला एवं राशन डीलर से भी पूछताछ की गई है। पूर्ति निरीक्षक शिकोहाबाद संगीता यादव ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है।
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छह वर्षों तक कौन लेता रहा राशन
महिला का राशन कार्ड वर्ष 2018 में बना था। तभी से इस राशन कार्ड पर गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम शामिल हैं। जबकि महिला को तीन यूनिट का राशन मिल रहा था। अब सवाल यह है कि गैर समुदाय के लोगों के नाम का राशन आखिर किसको दिया जा रहा था।
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शहर के कृष्णा नगर निवासी सरोज देवी के राशन कार्ड में गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम दर्ज हैं। जबकि कोरोना काल में प्रशासन ने उनका और उनकी दो बेटियों के नाम से राशन कार्ड बनवाया था, लेकिन राशन कार्ड पर गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम दर्ज मिले।
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शनिवार को इस मामले के उजागर होने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करा दी। इसके लिए शनिवार को महिला एवं राशन डीलर से भी पूछताछ की गई है। पूर्ति निरीक्षक शिकोहाबाद संगीता यादव ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है।
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छह वर्षों तक कौन लेता रहा राशन
महिला का राशन कार्ड वर्ष 2018 में बना था। तभी से इस राशन कार्ड पर गैर समुदाय के पांच लोगों के नाम शामिल हैं। जबकि महिला को तीन यूनिट का राशन मिल रहा था। अब सवाल यह है कि गैर समुदाय के लोगों के नाम का राशन आखिर किसको दिया जा रहा था।