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बीमारियों से बचाने को चलेगा मिशन इंद्रधनुष
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फिरोजाबाद। बचपन में होने वाली ऐसी सभी बीमारियों से बचाए रखने के लिए मिशन इंद्रधनुष शुरु होगा। जनपद में दो दिसंबर से चार चरणों में सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाने के निर्देश शासन स्तर से मिले हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया पोर्टल तैयार किया है, जिस पर सभी सूचनाएं अपलोड की जाएंगी।
सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि 2020 तक सभी बच्चों का टीकाकरण करना है। डीसीपीएम सरजू खान ने बताया कि अभियान की शुरुआत दिसंबर माह के प्रथम सोमवार से की जाएगी। महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. उमाकांत के निर्देशों के तहत तैयारी की जा रही है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि अपने घर परिवारों में कोई गर्भवती महिला व 0-2 वर्ष के बच्चे जो किसी कारण टीकों से वंचित रह गए हैं। इस अभियान के तहत निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। उन्होंने बताया कि इस बार अभियान की ऑनलाइन निगरानी होगी।
सर्वे कर किया जाएगा टीकाकरण
टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) व यूनिसेफ की टीमों के साथ मिलकर जनपद में सर्वे करेंगी। सर्वे के जरिए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है। सर्वे के दौरान टीकाकरण से छूटे, आंशिक टीकाकरण व टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों का भी पता लगाया जाएगा। उनकी काउंसलिंग की जाएगी और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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ईंट-भट्टों पर चलेगा अभियान
अभियान में ईंट-भट्ठों और निर्माण साइटों पर रहने वाले परिवारों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर रहने वाले परिवार एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होते रहते हैं। इसलिए सामान्य अभियान के दौरान इनके छूट जाने की आशंका बनी रहती है। डीसीपीएम सरजू खान ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभियान के तहत टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाकर 90 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है।
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सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि 2020 तक सभी बच्चों का टीकाकरण करना है। डीसीपीएम सरजू खान ने बताया कि अभियान की शुरुआत दिसंबर माह के प्रथम सोमवार से की जाएगी। महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. उमाकांत के निर्देशों के तहत तैयारी की जा रही है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि अपने घर परिवारों में कोई गर्भवती महिला व 0-2 वर्ष के बच्चे जो किसी कारण टीकों से वंचित रह गए हैं। इस अभियान के तहत निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर टीके लगवाकर जानलेवा बीमारियों से बचाव करें। उन्होंने बताया कि इस बार अभियान की ऑनलाइन निगरानी होगी।
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सर्वे कर किया जाएगा टीकाकरण
टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) व यूनिसेफ की टीमों के साथ मिलकर जनपद में सर्वे करेंगी। सर्वे के जरिए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है। सर्वे के दौरान टीकाकरण से छूटे, आंशिक टीकाकरण व टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों का भी पता लगाया जाएगा। उनकी काउंसलिंग की जाएगी और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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ईंट-भट्टों पर चलेगा अभियान
अभियान में ईंट-भट्ठों और निर्माण साइटों पर रहने वाले परिवारों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर रहने वाले परिवार एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होते रहते हैं। इसलिए सामान्य अभियान के दौरान इनके छूट जाने की आशंका बनी रहती है। डीसीपीएम सरजू खान ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभियान के तहत टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाकर 90 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है।