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अधूरी झील पर सख्ती, 15 जनवरी तक काम पूरा करने के निर्देश
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न्दपुर स्थित निर्माणधीन झील का निरीक्षण करते नगर विधायक मनीष असीजा के साथ मौजूद अधिकारी नक्सा द?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शहर को पानी देने के लिए नंदपुर इंटेक प्लांट के समीप बन रही झील का निर्माण कार्य 15 जनवरी तक पूरा करने के निर्देश कार्यरत संस्था को नगर विधायक और जल निगम के चीफ इंजीनियर द्वारा दिए गए हैं। जेडाझाल परियोजना के तहत जल निगम द्वारा पानी को स्टोर करने के लिए नंदपुर स्थित इंटेपक प्लांट पर झील का निर्माण कराया जा रहा है, जो ठेकेदार द्वारा जून माह के अंत तक पूरा करना था।
ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जिससे झालगोपालपुर नहर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को नगर निगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग और नगर विधायक मनीष असीजा ने संयुक्त रूप से झील का निरीक्षण करने के साथ ही ठेकेदार को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन निर्माण कार्य कराएगा। एक सप्ताह में कितना कार्य करना है यह तय किया गया है।
साप्ताहिक कार्य की लागत करीबन 1.50 करोड़ रुपये होगी। शेष बचे कार्य पर 10 प्रतिशत के हिसाब से जुर्माना लगाने के साथ ही वसूली की जाएगी। यह व्यवस्था 26 नवंबर से लागू कर दी जाएगी।
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शहर को गंगा जल उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा 432 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। जिसके तहत विभाग को 356 करोड़ रुपये मिल गए। शेष 44 करोड़ रुपये के लिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। इसके लिए विधायक मनीष असीजा ने शासन को पत्र लिखा था। शासन से मिले बजट के बाद झील को भरने के लिए एक और पाइप लाइन डलवाने के साथ ही वॉल्व भी लगाए जाएंगे। जिससे झील जल्द भरी जा सके।
निर्धारित समय में काम पूरा न होने पर शेष बचे काम पर 10 प्रतिशत का जुर्माना लगाकर कार्यदायी संस्था से वसूली की जाएगी। तय किया गया है कि 15 जनवरी को झील बनकर तैयार हो जाएगी और 20 जनवरी से पानी भरना शुरु हो जाएगा। - राकेश कुमार अधिशासी अभियंता जल निगम।
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ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जिससे झालगोपालपुर नहर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को नगर निगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग और नगर विधायक मनीष असीजा ने संयुक्त रूप से झील का निरीक्षण करने के साथ ही ठेकेदार को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन निर्माण कार्य कराएगा। एक सप्ताह में कितना कार्य करना है यह तय किया गया है।
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साप्ताहिक कार्य की लागत करीबन 1.50 करोड़ रुपये होगी। शेष बचे कार्य पर 10 प्रतिशत के हिसाब से जुर्माना लगाने के साथ ही वसूली की जाएगी। यह व्यवस्था 26 नवंबर से लागू कर दी जाएगी।
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शहर को गंगा जल उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा 432 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। जिसके तहत विभाग को 356 करोड़ रुपये मिल गए। शेष 44 करोड़ रुपये के लिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। इसके लिए विधायक मनीष असीजा ने शासन को पत्र लिखा था। शासन से मिले बजट के बाद झील को भरने के लिए एक और पाइप लाइन डलवाने के साथ ही वॉल्व भी लगाए जाएंगे। जिससे झील जल्द भरी जा सके।
निर्धारित समय में काम पूरा न होने पर शेष बचे काम पर 10 प्रतिशत का जुर्माना लगाकर कार्यदायी संस्था से वसूली की जाएगी। तय किया गया है कि 15 जनवरी को झील बनकर तैयार हो जाएगी और 20 जनवरी से पानी भरना शुरु हो जाएगा। - राकेश कुमार अधिशासी अभियंता जल निगम।