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वो दिया हूं मैं जिसे आंधी बुझाएगी जरूर...
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 09:47 PM IST
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साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था हिंदी साहित्य संगम का वार्षिकोत्सव बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि इंजी. अशोक रावत ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवि सम्मेलन का आगाज आगरा की कवियत्री चेतना शर्मा की सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कवि सम्मेलन में डा. त्रिवमोहन तरल के मुक्तक और गजलों को सुन श्रोता झूम उठे। जितेंद्र उपाध्याय की सशक्त प्रस्तुति ने कवि सम्मेलन को परवान चढ़ाया। आगरा के शिवराज यादव के गीत व गजल ने समां बांध दिया। अशोक रावत ने गजल सुनाई ‘कि वो दिया हूं मैं जिसे आंधी बुझाएगी जरूर, पर यहां कोई न कोई फिर जला देगा मुझे।’ यशपाल यश और चेतना शर्मा के गीतों ने श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। अरविंद तिवारी की व्यंग्य रचनाओं और बदन सिंह मस्ताना के छंदों को भी श्रोताओं ने खूब पसंद किया। कवि सम्मेलन में डा. राधेश्याम राही, दिनेशकांत दोषी, दिलीप गौड़, सुबोध सुलभ, चंद्रमोहन कुलश्रेष्ठ, बनवारीलाल शर्मा आदि कवियों ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता डा. रामसनेहीलाल शर्मा यायावर और संचालन डा. अनिल उपाध्याय ने किया। अंत में सभी कवियों का प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष पीबी शर्मा ने सभी का आभार जताया।
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