फिरोजाबाद। फिरोजाबाद जिले में 16 दिसंबर 2019 से 23 दिसंबर 2019 के मध्य सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटना की जांच मानवाधिकार आयोग ने करनी शुरू कर दी है। आयोग की टीम ने जिले में डेरा डाल लिया है। मानवाधिकार आयोग की टीम के जिले में आने के साथ ही उस समय जिले में तैनात रहे अफसर भी जिले में आ गए हैं। क्योंकि आयोग की टीम इन अफसरों के बयान दर्ज करेगी। सोमवार को जिला प्रशासन के अफसर भी आयोग की टीम को सभी अभिलेख मुहैया कराने की तैयारी करते दिखाई दिए।
सुहागनगरी में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिसंबर 2019 में काफी बवाल हुआ था। विरोध प्रदर्शन हिंसक होने के बाद जिले की नालबंद पुलिस चौकी को फूंकने के साथ पुलिस प्रशासन के कई वाहनों को जला दिया था। कई घंटे तक चले बवाल के मामला में थाना दक्षिण,रसूलपुर के साथ-साथ ही थाना रामगढ़ में मुकदमा दर्ज किए थे। मामले की विवेचना के लिए स्पेशल जांच टीम तत्कालीन एसपी ग्रामीण राजेश कुमार के निर्देशन में गठित की गई थी। इसमें कई इंस्पेक्टरों को शामिल किया था। बवाल का मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि जिले में मानवाधिकार आयोग की टीम का आगमन चार अक्तूबर को हुआ है। यह टीम जिले में आठ अक्तूबर तक रहेगी। टीम जिले में 16 दिसंबर से 23 दिसंबर 2019 के मध्य सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान नियुक्त रहे अधिकारियों, कर्मचारियों, मुकदमा वादी, पीड़ित के परिजनों, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों, मजिस्ट्रेटों, विवेचकों एवं थाना प्रभारियों से कहा है कि वह चार से आठ अक्तूबर तक मानवाधिकार आयोग की समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपने बिंदुओं एवं साक्ष्य को प्रस्तुत करें।