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Firozabad News: चिह्नित होंगे मिलावट के हॉट स्पॉट, 670 खाद्य पदार्थों के नमूनों का लक्ष्य
Thu, 12 Sep 2024 01:04 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 12 Sep 2024 01:04 AM IST
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फिरोजाबाद। खाद्य पदार्थों से संबंधित मिलावट के हॉटस्पॉट चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को खाद्य पदार्थों के 670 सर्वे नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष 450 सर्वे नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। शासन इन नमूनों पर स्ट्डी करेगा। जिन इलाकों से सर्वाधिक नमूने फेल आएंगे, उन्हें मिलावट का हॉटस्पॉट तैयार किया जाएगा।जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता का सर्वे चल रहा है। इसकी जांच के लिए खाद्य निरीक्षक दुकानों पर जाकर खाद्य पदार्थों के नमूने ले रहे हैं। राष्ट्रीय वार्षिक निगरानी कार्ययोजना तहत जिले में घी, बटर, सरसों तेल, मायोनीज, आटा, दाल अरहर, दाल चना, बेसन, दूध आधारित मिठाइयों, नमकीन, हल्दी (साबुत/पाउडर), मीट, फिश, अंडा आदि खाद्य पदार्थ के 670 सर्विलांस नमूनों का लक्ष्य शासन से मिला है। सितंबर माह में लक्ष्य को पूरा किया जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 450 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
सर्वे नमूनों की जांच के बाद संबंधित दुकानदारों पर विधिक कार्रवाई न करने की व्यवस्था है, लेकिन संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में भारत सरकार ने डाटा संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में बेहतर खाद्य पदार्थों की बिक्री का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
60 फीसदी नमूने आते हैं फेल
खाद्य पदार्थों में मिलावट सबसे बड़ी समस्या है। इसमें 60 फीसदी नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। इसमें पौष्टिक आहार के रूप में खाए जाने वाले दूध, पनीर, दाल है। मिर्च मसालों में भी मिलावट के सामने आए हैं।
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-शासन स्तर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सर्वे पूरे देश में किया जा रहा है। 450 नमूने हम ले चुके हैं, शेष लक्ष्य को जल्द ही पूरा करेंगे। नमूने जांच के बाद शासन स्तर पर शोध किया जा रहा है। शासन का मकसद है कि लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले।
चंदन पांडेय, सहायक आयुक्त
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग
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सर्वे नमूनों की जांच के बाद संबंधित दुकानदारों पर विधिक कार्रवाई न करने की व्यवस्था है, लेकिन संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में भारत सरकार ने डाटा संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में बेहतर खाद्य पदार्थों की बिक्री का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
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60 फीसदी नमूने आते हैं फेल
खाद्य पदार्थों में मिलावट सबसे बड़ी समस्या है। इसमें 60 फीसदी नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। इसमें पौष्टिक आहार के रूप में खाए जाने वाले दूध, पनीर, दाल है। मिर्च मसालों में भी मिलावट के सामने आए हैं।
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-शासन स्तर से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सर्वे पूरे देश में किया जा रहा है। 450 नमूने हम ले चुके हैं, शेष लक्ष्य को जल्द ही पूरा करेंगे। नमूने जांच के बाद शासन स्तर पर शोध किया जा रहा है। शासन का मकसद है कि लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले।
चंदन पांडेय, सहायक आयुक्त
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग