{"_id":"570275884f1c1ba44ec8113a","slug":"hawk-heat-the-water-crisis-deepens","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी के तेवर तीखे, पेयजल संकट गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी के तेवर तीखे, पेयजल संकट गहराया
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
तेज धूप के कारण युवतियां कुछ यूं निकली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिल-चिलाती धूप के साथ पानी का संकट बढ़ना शुरू हो गया। ग्रामीण अंचल में हैंडपंप खराब और पानी की टंकी चालू नहीं होने की शिकायतें आ रही हैं। डीएम निधि केसरवानी ने पानी की टंकियों के बंद होने का सर्वे कराया, लेकिन टंकियां चालू नहीं हो सकीं। यही हाल रहा तो गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत और बढ़ेगी।
गर्मी बढ़ने के साथ शहरी एवं ग्रामीण अंचल में बिजली की कटौती शुरू हो गई है। पानी की टंकियों का भरना तक मुश्किल हो गया। ग्रामीण अंचल में अधिकांश टंकियां खराब हैं। इनको सुधारने की ओर जलनिगम ने कोई ध्यान नहीं दिया। डीएम निधि केसरवानी ने डीडीओ कार्यालय में तैनात स्टाफ से टंकियों का सर्वे कराया था। बंद मिली पानी की टंकियों को शीघ्र चालू कराने के आदेश दिए थे। लेकिन टंकियों को अभी तक चालू नहीं किया जा सका। पारा चढ़ने के साथ ग्रामीण अंचल में हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया। इससे पानी का संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम के द्वारा पानी की टंकियों की सफाई का काम अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ। गत वर्ष भी सैलई के साथ ही संतनगर में संक्रामक रोग गंदे पानी की आपूर्ति के कारण फैला था। स्वास्थ्य विभाग की टीम कई दिनों तक इन्हीं क्षेत्रों में डेरा डाले रही थी। जलनिगम के अफसरों ने इस घटना के बाद भी कोई सबक नहीं लिया।
जिले में पेयजल की व्यवस्था
जिले में स्थापित हैं करीब 130 पेयजल टंकियां।
35 हजार से अधिक हैंडपंप गांवों में लगाए गए।
750 के करीब टीटीएसपी (टैंकटाइप स्टेंड पोस्ट) की स्थापना की।
शहरी क्षेत्र के कई नलकूपों में घटने लगा भूगर्भ जलस्तर।
विज्ञापन
गर्मी बढ़ने के साथ शहरी एवं ग्रामीण अंचल में बिजली की कटौती शुरू हो गई है। पानी की टंकियों का भरना तक मुश्किल हो गया। ग्रामीण अंचल में अधिकांश टंकियां खराब हैं। इनको सुधारने की ओर जलनिगम ने कोई ध्यान नहीं दिया। डीएम निधि केसरवानी ने डीडीओ कार्यालय में तैनात स्टाफ से टंकियों का सर्वे कराया था। बंद मिली पानी की टंकियों को शीघ्र चालू कराने के आदेश दिए थे। लेकिन टंकियों को अभी तक चालू नहीं किया जा सका। पारा चढ़ने के साथ ग्रामीण अंचल में हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया। इससे पानी का संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम के द्वारा पानी की टंकियों की सफाई का काम अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ। गत वर्ष भी सैलई के साथ ही संतनगर में संक्रामक रोग गंदे पानी की आपूर्ति के कारण फैला था। स्वास्थ्य विभाग की टीम कई दिनों तक इन्हीं क्षेत्रों में डेरा डाले रही थी। जलनिगम के अफसरों ने इस घटना के बाद भी कोई सबक नहीं लिया।
विज्ञापन
जिले में पेयजल की व्यवस्था
जिले में स्थापित हैं करीब 130 पेयजल टंकियां।
35 हजार से अधिक हैंडपंप गांवों में लगाए गए।
750 के करीब टीटीएसपी (टैंकटाइप स्टेंड पोस्ट) की स्थापना की।
शहरी क्षेत्र के कई नलकूपों में घटने लगा भूगर्भ जलस्तर।