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उत्पीड़न रोकने के लिए कानून का सहारा लें छात्राएं: मीना
Amar Ujala
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:20 AM IST
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उत्पीड़न रोकने के लिए कानून का सहारा लें छात्राएं: मीना
- फोटो : Amar Ujala
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नारी शक्ति को मजबूत बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन
महात्मा गांधी गर्ल्स डिग्री कालेज में सेक्सुअल हैरेसमेंट विद वीमेन इन वर्क प्लेस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए छात्राओं को विधिक सेवाओं से अवगत कराया गया। इस सेमीनार में बीए क्लास की छात्राओं ने भाग लिया।
सेमीनार में अधिवक्ता सुषमा शर्मा ने कानूनी जानकारी देते हुए कहा कि अगर कालेज से घर जाते समय छात्राओं के साथ कोई गलत हरकत करता है या मोबाइल पर परेशान करता है तो तुरंत 1090 या 100 नंबर पर काल करें। निर्भयाकांड के बाद लड़की को घूर के देखना भी एक अपराध की श्रेणी में आ गया है। अधिवक्ता अरुण शर्मा ने लैंगिंग भेदभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़के-लड़कियों में कोई फर्क नहीं रहा है। लड़कियों को अपनी ताकत का एहसास होना चाहिए। देश में कई उदाहरण है, जो नारी शक्ति को ज्यादा महत्व देते हैं। प्राचार्य डॉ निर्मला यादव ने कहा कि लड़कियां आज कल हो रहे अपराधों से बचें। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से बातचीत न करें। समिति के मंडल सचिव डीएन शर्मा ने कहा कि लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाकर उन्हें बेच दिया जाता है। इसलिए किसी के बहकावे में न आएं। समिति की कोआर्डिनेटर मीना गुप्ता ने कहा कि उत्पीड़न को कानून से रोका जा सकता है। इसलिए उत्पीड़न का शिकार न हों। शोहदों से डटकर मुकाबला करें। कोई बात हो तो कालेज में शिक्षकों या घर में अभिभावक को बताएं।
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महात्मा गांधी गर्ल्स डिग्री कालेज में सेक्सुअल हैरेसमेंट विद वीमेन इन वर्क प्लेस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए छात्राओं को विधिक सेवाओं से अवगत कराया गया। इस सेमीनार में बीए क्लास की छात्राओं ने भाग लिया।
सेमीनार में अधिवक्ता सुषमा शर्मा ने कानूनी जानकारी देते हुए कहा कि अगर कालेज से घर जाते समय छात्राओं के साथ कोई गलत हरकत करता है या मोबाइल पर परेशान करता है तो तुरंत 1090 या 100 नंबर पर काल करें। निर्भयाकांड के बाद लड़की को घूर के देखना भी एक अपराध की श्रेणी में आ गया है। अधिवक्ता अरुण शर्मा ने लैंगिंग भेदभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़के-लड़कियों में कोई फर्क नहीं रहा है। लड़कियों को अपनी ताकत का एहसास होना चाहिए। देश में कई उदाहरण है, जो नारी शक्ति को ज्यादा महत्व देते हैं। प्राचार्य डॉ निर्मला यादव ने कहा कि लड़कियां आज कल हो रहे अपराधों से बचें। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से बातचीत न करें। समिति के मंडल सचिव डीएन शर्मा ने कहा कि लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाकर उन्हें बेच दिया जाता है। इसलिए किसी के बहकावे में न आएं। समिति की कोआर्डिनेटर मीना गुप्ता ने कहा कि उत्पीड़न को कानून से रोका जा सकता है। इसलिए उत्पीड़न का शिकार न हों। शोहदों से डटकर मुकाबला करें। कोई बात हो तो कालेज में शिक्षकों या घर में अभिभावक को बताएं।
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