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हर-हर महादेव के जयकारों गूंजेंगे शिवालय
amar ujala news
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:58 PM IST
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भगवान शिव का सबसे बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के प्रमुख शिवालय हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेंगे। मंदिरों के भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।
सुहागनगरी के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां जोर-शोर से प्रारंभ होंगी।
मंदिरों में साफ-सफाई के साथ कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गंज मोहल्ला स्थित श्री सिद्धेश्वनाथ मंदिर में सुबह चार बजे रुद्राभिषेक, सात बजे महाआरती, 12 बजे फूलबंगला सजाया जाएगा। शाम को महिला भजन कीर्तन होगा। शाम को फूलबंगला के दर्शन, शाम छह बजे महाआरती, रात में नौ बजे से पुन: रुद्राभिषेक होगा।
गल्ला मंडी स्थित प्राचीन श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर सुबह जलाभिषेक होगा। दोपहन में हवन यज्ञ, शाम को भव्य फूलबंगला के दर्शन तथा रात में भजन संध्या का आयोजन होगा।गोपाल आश्रम स्थित मंदिर में सुबह पांच बजे चिंताहरण महादेव की सुगंधित भष्म आरती, नर्मदेश्वर भगवान का अष्ट प्रहर का रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन होगा।
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श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे श्री राधाकृष्ण मंदिर से भगवान शंकर की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो छोटा चौराहा, घंटाघर, बजरिया, सब्जी मंडी, लोहा मंडी, चंद्रवार गेट रेलवे पुल, श्याम नगर, रामनगर होते हुए छारबाग स्थित श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न होगी।
मोहल्ला दुली स्थित श्री सिद्धेश्वरनाथ मंदिर 700 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर के महंत राममोहन दीक्षित बताते हैं कि जो भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शनों को आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रामलाल महाराज भी कई वर्षों तक मंदिर की सेवा कर चुके हैं। मंदिर की मान्यता है कि जो बालक-बालिका मन से 41 दिन तक दीपक जलाते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
गल्ला मंडी स्थित श्री रामश्ेवरनाथ मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। आचार्य पं. अनंत अनूप शास्त्री बताते हैं कि यह मंदिर 300 साल पुराना है। भोलेनाथ के दर्शनों को यहां दूरदराज से भक्त आते हैं। महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के आसपास नाग-नागिन के दर्शन होते हैं। 41 दिन तक दीपक जलाने वाले श्रद्धालुओं की प्रभु शिव शंकर का आशीर्वाद मिलता है।
सांती मंदिर साढे 400 साल पुराना मंदिर है। यह मंदिर महाराज शांतनु के समय स्थापित कराया था। सांती मंदिर में सैकड़ों भक्त गंगाजल व कांवड़ चढ़ाते हैं। यहां कई बार पिंडी को चोरी करने का प्रयास हुआ है लेकिन चोर आज तक खोदाई नहीं कर पाये।
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सुहागनगरी के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां जोर-शोर से प्रारंभ होंगी।
मंदिरों में साफ-सफाई के साथ कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गंज मोहल्ला स्थित श्री सिद्धेश्वनाथ मंदिर में सुबह चार बजे रुद्राभिषेक, सात बजे महाआरती, 12 बजे फूलबंगला सजाया जाएगा। शाम को महिला भजन कीर्तन होगा। शाम को फूलबंगला के दर्शन, शाम छह बजे महाआरती, रात में नौ बजे से पुन: रुद्राभिषेक होगा।
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गल्ला मंडी स्थित प्राचीन श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर सुबह जलाभिषेक होगा। दोपहन में हवन यज्ञ, शाम को भव्य फूलबंगला के दर्शन तथा रात में भजन संध्या का आयोजन होगा।गोपाल आश्रम स्थित मंदिर में सुबह पांच बजे चिंताहरण महादेव की सुगंधित भष्म आरती, नर्मदेश्वर भगवान का अष्ट प्रहर का रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन होगा।
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श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे श्री राधाकृष्ण मंदिर से भगवान शंकर की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो छोटा चौराहा, घंटाघर, बजरिया, सब्जी मंडी, लोहा मंडी, चंद्रवार गेट रेलवे पुल, श्याम नगर, रामनगर होते हुए छारबाग स्थित श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न होगी।
मोहल्ला दुली स्थित श्री सिद्धेश्वरनाथ मंदिर 700 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर के महंत राममोहन दीक्षित बताते हैं कि जो भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शनों को आता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रामलाल महाराज भी कई वर्षों तक मंदिर की सेवा कर चुके हैं। मंदिर की मान्यता है कि जो बालक-बालिका मन से 41 दिन तक दीपक जलाते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
गल्ला मंडी स्थित श्री रामश्ेवरनाथ मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। आचार्य पं. अनंत अनूप शास्त्री बताते हैं कि यह मंदिर 300 साल पुराना है। भोलेनाथ के दर्शनों को यहां दूरदराज से भक्त आते हैं। महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के आसपास नाग-नागिन के दर्शन होते हैं। 41 दिन तक दीपक जलाने वाले श्रद्धालुओं की प्रभु शिव शंकर का आशीर्वाद मिलता है।
सांती मंदिर साढे 400 साल पुराना मंदिर है। यह मंदिर महाराज शांतनु के समय स्थापित कराया था। सांती मंदिर में सैकड़ों भक्त गंगाजल व कांवड़ चढ़ाते हैं। यहां कई बार पिंडी को चोरी करने का प्रयास हुआ है लेकिन चोर आज तक खोदाई नहीं कर पाये।