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ओलावृष्टि, सूखे के बाद बारिश ने रुलाया
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:36 PM IST
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ओलावृष्टि के बाद सूखे की मार से जिले के किसान उबरते इससे पूर्व ही तीन
दिन की बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। प्रकृति की मार के कारण
आलू सड़ने के कगार पर पहुंच गया वहीं गेहूं और जौ खेतों में गिरने के कारण
पैदावार प्रभावित होगी। सरसों की फसल खेतों से घर तक आ पाना मुश्किल होगा।
ओलावृष्टि की मार के कारण टूंडला, फीरोजाबाद सदर, शिकोहाबाद तहसील के गांवों में फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई थीं। किसानों को मुआवजा के नाम पर सिर्फ ऊंट के मुंह में जीरा के समान धनराशि मिली थी। सूखे की मार के बाद भी किसानों को मुआवजे की फूटी कौड़ी नहीं मिली। सूखे की मार का असर रहा कि आलू का जिले में क्षेत्रफल 45 हजार से बढ़कर 60 हजार हेक्टेयर तक जा पहुंचा। किसानों को उम्मीद थी कि आलू ठीक हो गया तो उसके घाटे की कुछ भरपाई हो जाएगी। लेकिन पिछले तीन दिन की बारिश ने इन अरमानों पर पानी फेर दिया। आलू की खुदाई नहीं हुई वह आलू खेतों में सड़ना शुरू हो जाएगा। उसायनी के किसान अमरनाथ शर्मा ने कहा साठ बीघा से अधिक क्षेत्र में बोया आलू पूरी तरह से बर्बाद हो गया। आलू की गुणवत्ता प्रभावित होने से उचित कीमत नहीं मिलेगी। गेहूं की फसल खेतों में गिर गई, जौ की फसल के खेत में बिछने के कारण खासा नुकसान हुआ है। नारखी में बड़ी मात्रा में बोई अचार की मिर्च, शिमला मिर्च को काफी हानि हुई है। सिरसागंज क्षेत्र में आलू उगाने वाले किसानों की माने तो खेतों में खड़ी फसल की बिक्री की बातचीत हो जाने के बाद वह कैंसल हो जाएगी। फरिहा में बारिश के कारण आलू की क्यारियों में पानी भर गया। खैरगढ़ के साथ टूंडला में भी मौसम की मार किसानों पर पड़ी है।
निचले इलाकों में भरा पानी
सोमवार रात को झमाझम बारिश होने के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इसके कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बस स्टेंड के सामने और सर्विस रोड पर बुरा हाल था।
जिले में बोई गई फसल
फसल की प्रजाति हेक्टेयर में
गेहूं 97170
जौ 7560
सरसों 12240
चना 902
मटर 395
आलू 65000
बारिश एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की फसलों की रिपोर्ट शासन की ओर से मांगी गई है। सचिव आपदा एवं राहत के निर्देश मिलने के साथ सभी तहसीलों को पत्र भेज दिए हैं। गुरुवार की शाम को कितने प्रतिशत नुकसान हुआ इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कर्र्मेंद्र सिंह, एडीएम फीरोजाबाद।
गेहूं एवं जौ की फसल गिर जाने के कारण करीब 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान होगा। सरसों में काफी कम नुकसान होगा जबकि आलू की क्वालिटी प्रभावित होगी।
अखिलेश पांडेय, प्रभारी उप निदेशक कृषि प्रसार फीरोजाबाद।
फरवरी 2014 में ओलावृष्टि से प्रभावित फसल...
तहसील क्षेत्र प्रभावित फसल धनराशि
फीरोजाबाद 1944.519 178.36 लाख
शिकोहाबाद 959.64 87.50 लाख
टूंडला 290.00 26.10 लाख
सदर तहसील के 4200 एवं शिकोहाबाद के 2714 किसान हुए थे प्रभावित।
मुआवजा बांटने की दरें
- सिंचित क्षेत्र को नौ हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर।
- असिंचित क्षेत्र के किसानों को 4500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर।
- कम से कम 750 रुपये प्रभावित किसान को अवश्य मिलेगा।
ओलावृष्टि की मार के कारण टूंडला, फीरोजाबाद सदर, शिकोहाबाद तहसील के गांवों में फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई थीं। किसानों को मुआवजा के नाम पर सिर्फ ऊंट के मुंह में जीरा के समान धनराशि मिली थी। सूखे की मार के बाद भी किसानों को मुआवजे की फूटी कौड़ी नहीं मिली। सूखे की मार का असर रहा कि आलू का जिले में क्षेत्रफल 45 हजार से बढ़कर 60 हजार हेक्टेयर तक जा पहुंचा। किसानों को उम्मीद थी कि आलू ठीक हो गया तो उसके घाटे की कुछ भरपाई हो जाएगी। लेकिन पिछले तीन दिन की बारिश ने इन अरमानों पर पानी फेर दिया। आलू की खुदाई नहीं हुई वह आलू खेतों में सड़ना शुरू हो जाएगा। उसायनी के किसान अमरनाथ शर्मा ने कहा साठ बीघा से अधिक क्षेत्र में बोया आलू पूरी तरह से बर्बाद हो गया। आलू की गुणवत्ता प्रभावित होने से उचित कीमत नहीं मिलेगी। गेहूं की फसल खेतों में गिर गई, जौ की फसल के खेत में बिछने के कारण खासा नुकसान हुआ है। नारखी में बड़ी मात्रा में बोई अचार की मिर्च, शिमला मिर्च को काफी हानि हुई है। सिरसागंज क्षेत्र में आलू उगाने वाले किसानों की माने तो खेतों में खड़ी फसल की बिक्री की बातचीत हो जाने के बाद वह कैंसल हो जाएगी। फरिहा में बारिश के कारण आलू की क्यारियों में पानी भर गया। खैरगढ़ के साथ टूंडला में भी मौसम की मार किसानों पर पड़ी है।
निचले इलाकों में भरा पानी
सोमवार रात को झमाझम बारिश होने के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इसके कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बस स्टेंड के सामने और सर्विस रोड पर बुरा हाल था।
जिले में बोई गई फसल
फसल की प्रजाति हेक्टेयर में
गेहूं 97170
जौ 7560
सरसों 12240
चना 902
मटर 395
आलू 65000
बारिश एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की फसलों की रिपोर्ट शासन की ओर से मांगी गई है। सचिव आपदा एवं राहत के निर्देश मिलने के साथ सभी तहसीलों को पत्र भेज दिए हैं। गुरुवार की शाम को कितने प्रतिशत नुकसान हुआ इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कर्र्मेंद्र सिंह, एडीएम फीरोजाबाद।
गेहूं एवं जौ की फसल गिर जाने के कारण करीब 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान होगा। सरसों में काफी कम नुकसान होगा जबकि आलू की क्वालिटी प्रभावित होगी।
अखिलेश पांडेय, प्रभारी उप निदेशक कृषि प्रसार फीरोजाबाद।
फरवरी 2014 में ओलावृष्टि से प्रभावित फसल...
तहसील क्षेत्र प्रभावित फसल धनराशि
फीरोजाबाद 1944.519 178.36 लाख
शिकोहाबाद 959.64 87.50 लाख
टूंडला 290.00 26.10 लाख
सदर तहसील के 4200 एवं शिकोहाबाद के 2714 किसान हुए थे प्रभावित।
मुआवजा बांटने की दरें
- सिंचित क्षेत्र को नौ हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर।
- असिंचित क्षेत्र के किसानों को 4500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर।
- कम से कम 750 रुपये प्रभावित किसान को अवश्य मिलेगा।